सच बताना क्या आपको कई बार ये महसूस नहीं हुआ है कि अगर मैं ये काम करता हूँ तो लोग क्या कहेंगे, आप चाहे कुछ भी कर रहे हो, बेशक आपको 100% Confident ही क्यों ना हो आपके मन में उसे करने से पहले एक बार जरूर ये ख़याल आता है कि लोग क्या कहेंगे,
2018 में जब मैं Content Creation शुरू किया है, उस समय मैं किसी और Niche (Topic) पर काम कर रहा था, जब भी मैं Camere के सामने आता था मेरे दिमाग में हमेशा यही सवाल उठते थे कि अगर मैंने Camere के सामने कुछ गलती कर दिन तो लोग क्या कहंगे, और इस वजह से मैं कई घंटे रोज़ लगा देता था,
मेरे पूरा ध्यान वहाँ होता था कि लोग क्या कहेंगे जिस वजह से मैं टॉपिक से हट जाता था या हूँ कह लीजिए भूल जाता है, और बार बार Content बनाने की कोशिश मेरी बेकार चली जाती थी, इसका मूल कारण यही था कि लोग क्या कहेंगे,
भाई साहब लोगो की Opinion की वजह से हम बहुत सारे Struggle बेशक करने के लिए तैयार हो जाते है लेकिन कभी भी सही क्या है मेरे लिए ये जानते हुए भी उस पर काम नहीं करते,
सच बताइए आप जो अभी कर रहे है क्या उसे चुनने का सबसे ज़्यादा इसमें नहीं है कि ये लोगो की नजर में अच्छा काम है तो फिर करते है, अगर आपके साथ बहुत ज़्यादा कोई मजबूरी होती है तभी आप वो करते है जो आपका मन कर रहा है करने को,
आप Control ही गलत चीज़ों को कर रहे है
क्या आपने कभी ये सोचा है की आप दूसरे के Opinion को ध्यान में रखते हुए जब चलते हो तो आप क्या महसूस करते हो,
- आप हमेशा डर में जीते हो
- आप हमेशा सब कुछ ठीक रखने का pressure लेकर चलते हो
- आपको हमेशा खोने का डर रहता है
- आपको हमेशा अच्छा Perform करने का Stress रहता है
- आप हमेशा confuse रहते हो की मैं क्या करूँ जिससे कुछ ना हो की लोगो को अच्छा ना लगे, जिस वजह से ज़्यादा समय आपको किसी ना किसी के Validation की जरूरत होती है की कोई आपको ये आकर बता दें कि आप जो कर रहे हो वो सही है,
ना जाने ऐसी कितने ही डर होते है जो आप हमेशा लेकर घूमते हो, और आपकी सबसे बड़ी जो Strength है आपका Self Confidence वो धीरे धीरे आप मारते हो,
सच कहूँ तो आप वो Control कर रहे हो जो आपके बस में है ही नहीं,
आप चाहे कुछ भी कर लो कोई ना कोई आपको ये बता ही देगा की ये सही नहीं किया आपने, एक नुख़्स तो आपको कोई ना कोई जरूर बता देगा, जिसकी वजह से आप बहुत अच्छे mood में क्यों ना हो आपको ये लगेगा की मैं कितना looser हो,
मेरे हिसाब से आपकी ये Habit ही सही नहीं है,
मैं आपसे ये नहीं कह रहा हूँ की आपको किसी की राय नहीं लेनी चाहिए, आप अपने माँ बाप, भाई – बहन, दोस्त की ज़रूर सुनो, क्योंकि ज्यादातर ऐसा होता है जब उनके किसी क्यों का जवाब नहीं मिलता है जो आप कर रहे होते है तो वो आपको टोकते है की शायद आपको यहाँ कुछ ग़लत कर रहे है,
लेकिन आपको ये भी जरूर देखना चाहिए की आप किसीकी राय कब लेनी जरूरी है, क्योंकि जो आप करोगे उसका असर आपके अपने लाइफ पर सबसे ज़्यादा और उसके बाद आपके अपनों पर भी पड़ेगा, लेकिन अगर आप कुछ नहीं करते हो तो आपका हारना तो तय है, यहाँ कहने के लिए कुछ बचता ही नहीं है,
आपको हर वो इंसान सुझाव देगा, चाहे उसने अपने life में कुछ हासिल ना किया हो, वो भी आपको ज्ञान दे जाएगा की आपको यहाँ कुछ ना कुछ तो करना ही चाहिए था,
वो सुनो जिसे आप Control कर सकते है
आप अगर ये सोचते हो कुछ भी करने से पहले की लोग क्या सोचेंगे तो ये समझ लो आप किसी की थिंकिंग को कभी Control नहीं कर सकते, आप चाहे कुछ भी कर लो सामने वाला अपने अनुभवों के आधार पर उसे सूचना शुरू कर देगा, आप उसे कंट्रोल नहीं कर सकते,
हाँ अगर आपको सामने वाले के advice से कुछ बुरा लग जाते तो आप उसे जरूर control कर सकते है,
- बजाय इसके लिए आप ख़ुद को looser समझो आप ignore कर सकते हो और उस उस समय को अपने लिए और productive बना सकते हो, आपको हर बार ख़ुद को शाबित करने की कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए
हाँ आपको सुनना चाहिए, उनके advice जरूर लो जो उस field में कुछ हासिल कर चुके है, क्योंकि आपने जो अभी शुरू किया है कोई और उसमे बहुत सारे स्टेप आगे जा चुका है,
वो आपके struggle को समझता है, क्योंकू उसने भी उसे महसूस किया है, अगर वो आपको ये कहता है कि आप इस काम को ग़लत तरीक़े से कर रहे हो, तो आपको यहाँ Argument देने के बजाये थोड़ा Pause लेकर सोचने की जरूरत है,
अगर कुछ समझ में ना आए तो सामने वाले से उसे ठीक करने के बारे में पुछना चाहिए, क्योंकि इसे आप ठीक कर सकते हो,
Conclusion
अगर आप ये सोच रहे है की आप जो सोच रहे है वैसे ही लोग भी सोचे तो आप हमेशा Struggle करोगे, क्योंकि चाहे आप कितना भी अच्छा क्यों कर लो, कोई ना कोई आपको ग़लत ठहरा ही देगा, आप उसे control नहीं कर सकते, आपको उस पर ध्यान देना चाहिए जो आपके control में है, क्योंकि उसे आप ठीक कर सकते हो,
इसलिए किसी के opinion के ऊपर बहुत ज़्यादा stress लेकर अपना समय बर्बाद करने से अच्छा है की आप आगे बढ़े और अपने Targeted Goal की तरफ़ आगे बढ़े, क्योंकि उससे आपकी life बन सकती है और अगर आप ध्यान नहीं देते तो ये बर्बाद भी हो सकती है,
Action Step
कुछ करने की सोच रहे हो तो पहले ये मत सोचो की क्या ग़लत हो जाएगा, पहले चलना शुरू करो, क्योंकि गलती करोगे तो ही सुधार सकोगे, किसी के बारे में सोच कर की वो क्या सोचेगा अगर शुरू ही नहीं करोगे तो जो Dream है उसे कभी हकीकत नहीं बना पाओगे,
वो मत करो जिससे आपके life पर ग़लत प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन उससे करने से पिछे भी मत हटों जो आपके और बाक़ियों के लाइफ में Value जोड़ता हो, चाहे लोग उसे कितना भी ग़लत क्यों ना कहे,
उम्मीद है इस Post से आपके सोचने का नजरिया बदलेगा, कोई प्रश्न या सुझाव हो तो comment में लिखो, आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद, आपका दिन शुभ रहे!!
Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?
Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.















