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Toilet में Phone ले जाने वालों में एक Pattern हमेशा Common होता है।

Published On: August 1, 2026
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सबमे एक चीज़ Common है

कुछ साल पहले एक Family Occasion पर मैंने Notice किया की हर 10 में से 2 लोग ऐसे है जो अपना Smartphone अपने साथ Toilet में लेकर जा रहे हो, इनमे सभी उम्र के लिए लोग थे, मुझे यकीन है शायद आपने भी ऐसा कुछ ज़रूर देखा होगा,

वो लोग जो Smartphone के साथ Toilet जा रहे थे, उनमे बहुत सारी Similarity थी, दिखने में वो बेशक अलग अलग थे लेकिन ज्यादातर उनके Habit लगभग मिलती -जुलती थी, बहुत सारे लोगो के लिए ये बहुत Common बात हो सकती है लेकिन मुझे इनमे एक पैटर्न ऐसा दिखाई दिया जो मुझे लगता है कि आप सभी को ये पता होनी चाहिए,

क्योंकि अगर आप ऐसा कर रहे है तो आप इसके पिच्छे आने वाले स्ट्रगल को भी देख लेंगे और अगर आप सोच रहे है की ये भी सही है इसमें क्या बुराई है तो आपकी सोच बदलेगी और आप इस ग़लत आदत को अपने अंदर आने से रोकेंगे,

सबसे बड़ी बात जिनके अंदर ये एक हैबिट है उन्हें ये पता ही नहीं है कि इससे आख़िर होगा, उन्हें सब कुछ नार्मल लगता है लेकिन आने वाले समय में वो कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे होते है,

Toilet में Smartphone तोड़ता है Connection

क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप कब जाते हो Toilet ? जी हाँ जब आपको महसूस होता है कि आपको Toilet अब जाने की जरूरत है और ये तब होता है जब आपका Mind आपको संकेत देता है, इसके लिए पहले आपका शरीर आपके Mind को ये संकेत देता है कि आपको Stool या Urine Pass करने के लिए Toilet जाने की जरूरत है,

यानी कुल मिलाकर आपके बॉडी और माइंड के तालमेल से ये Possible होता है,

Chronic कब्ज़ (Constipation) : लेकिन जरा सोचिए जब कोई Toilet में Smartphone लेकर जाता है तो उसके साथ क्या होता है, जैसे ही उसने कोई Video देखनी शुरू की, कोई न्यूज़ या कोई काम करना शुरू किया, तो उस स्थति के हिसाब से उसका शरीर और दिमाग़ काम करने लगता है, जिससे वो काम जिसके लिए इंसान अभी Toilet में गया था वो Mind भूल जाता है,

आप अधुरे में ही उठ जाते है, यानी पेट में वो waste अब सरना शुरू हो जाता है, जिससे होती है गंभीर बीमारियां, जिससे आपके पाचनतंत्र में गड़बड़ी होनी शुरू हो जाती है, जिसके बाद क्रोनिक कब्ज़ होना शुरू हो जाता है,

Spine Pain : जो लोग भी Toilet में Smartphone लेकर जाते है वो बाकियों की तुलना में समय ज़्यादा लेते है और ज़्यादार तक एक ही Position में बैठे रहते है इसमें Spine को टेढ़ा करके बैठने की वजह से उम्र से पहले ही Spine में दर्द शुरू हो जाता है, बहुत कई बार तो ऐसी स्थिति में लोग लंबे समय तक सीधे बैठ ही नहीं पातें,

बस वजह ये थी कि आदत बन चुकी है की Toilet जाते है तो उतनी देर क्या करेंगे तो इससे बचने के लिए वो लोग Smartphone साथ लेकर जाते है,

Piles : जब मैंने देखा तो इसी स्थति को जैसे ही Google किया, समझ में आया की ज़्यादा देर अगर कोई English Toilet का इस्तेमाल करता है एक sitting में बैठे हुए तो Rectus और Anus पर pressure पड़ने की वजह से Piles होने की संभावना भी बढ़ जाती है, ऊपर से Toilet गंदा है तो ऊपर से Infection का ख़तरा होता है

ऊपर से बाकियों के मुक़ाबले ये ऐसे लोग जो Smartphone लेकर Toilet जाते है 3 गुना ज़्यादा समय लेते है, इनका कम से कम 15 से 30 मिनट जाते ही है,

Toilet में लगने वाला समय बताती है आपकी सेहत कैसे है

जैसा की आपने पढ़ा ऊपर की लाइनो में मैंने इन सभी में एक चीज Common देखी, ये लोग शरीर से ढीले दिखे, इससे भी ज़्यादा वो Mentally भी कम Strong दिखे,

हमारे वेदों में कहा गया है कि इंसान अगर Urine पास करने से भी पहेल अगर Stool पास करता है तो वो स्वास्थ्य होगा, यानी पेशाब में बेशक समय लग सकता है लेकिन मल त्यागने में समय कम से कम लगना चाहिए, लेकिन अभी होता इसका उल्टा है,

हो सकता है कि इनमे कोई परेशानी अभी ना हो लेकिन आने वाले समय में ये ज़रूर Critical होगा, क्योंकि जब Body और Mind का Connection टूटता है तो ये शरीर पर दिखाई देना शुरू हो जाता है जिससे होती है कई गंभीर परेशानियां,

मेरे हिसाब से इन्हें बस अपनी Habit बदलने की जरूरत है, जैसे ही ये बदलेगा सब कुछ बदलना शुरू हो जाएगा, क्योंकि आपकी आदत ही आपके जीवन को दिशा देती है जो शुरू में कम प्रभाव डालती है लेकिन जैसे जैसे ये रोज़ाना Repeat होती है इसका प्रभाव कई गुना दिखाई देता है,

Environment Rule, सब कुछ सब जगह नहीं

जो लोग भी टॉयलेट में अपना स्मार्टफोन लेकर जाते है और उन्हें अभी सब कुछ ठीक लग रहा है ये ध्यान रखें कि आपको अभी तुरंत अपनी Habit बदलने की जरूरत है इससे पहले की बहुत देर हो जाये,

क्योंकि शुरुआत में ही आप इसे बिगड़ने से रोक सकते है बाद में नहीं अगर ये बिगड़ जाता है,

बस एक Habit Environment Rule बनाये की Smartphone Toilet में ले जाने के लिए बना ही नहीं है, अगर आपको बोरियत महसूस होती है आपको लगता है की अगर 5 से 10 मिनट आपको चाहिए तो उतनी देर तक आप क्या करेंगे तो आइए समझते है ये समय आपको क्या देगा,

  • Smartphone की वजह से आपके Body और Mind का Connection waste को Pass करते समय नहीं टूटेगा, जिससे आपकी Body पूरी तरह से waste को pass कर पाएगी, जिससे आप स्वस्थ रहेंगे, खाना आपके शरीर को लगेगा,
  • इस समय आपका Brain Rewire करता है Chizon को, Clear तरीक़े से सोचता है बिना किसी Disturbance के, मैंने कई article ऐसे पढ़े है जो ये बताते है की कई ऐसी MNC है जो अपने कर्चरियों के Toilet अच्छी तरह से बनाते है ताकि नए नए idea आए इस समय जब वो Toilet में हो
  • धीरे धीरे आपक Screen time कम हो जाएगा, जिससे आप दूसरी चीज़ पर ज़्यादा देर तक Focus कर पाएंगे,
  • आपका मन बार बार बेचैन नहीं होगा

बस आपको एक Habit अपने अंदर बनानी है जो की है Toilet में Smartphone को नहीं ले जाना जरूरी है ये आप समझे, ये बस एक habit नहीं है आपका Willpower भी इससे सही और ग़लत का फ़र्क़ समझ पाता है,

कुछ साल पहले तक, पुराने जमाने में जब भी कोई इंसान मल -मूत्र का त्याग करता था तो जब तक वो ख़ुद को साफ़ ना कर ले, नहा ना ले किसी के पास नहीं जाता था, ये भी एक बड़ी वजह थी बीमारियों से दूर रहने की,

Conclusion

अगर आपको ये महसूस होता है कि अगर Smartphone को Toilet में जाना ये मेरी Personal Choice हो सकती है तो ये बस आपका भ्रम है क्योंकि इससे आपके शरीर को भविष्य में गंभीर बीमारियां हो सकती है, हो सकता है कि आपको विश्वास हो भी ना की ये इतना भी ज़रूर नहीं है,

तो एक काम करियेगा, Smartphone को toilet में ले जाना तो दूर कभी Smartphone इस्तेमाल करते समय ये देखियेगा की आप साँस किस तरह लेते है, आप साफ़ देख पाएंगे की जब आपके हाथ में Smartphone नहीं होता है तब आप साँस अच्छे से लेते है पूरी तरह से लेते है, लेकिन फोन को देखते ही आप कम सांस लेते है आधी साँस लेते है,

सोचिए अगर आप अपना मोबाइल टॉयलेट में ले जाते है तो Hygiene तो छोड़िए आप ठीक से वो काम भी पूरा नहीं करते है जो propose था जाने का,

Action Step –

Toilet जाते समय No Phone की हैबिट डालिए, यहाँ तक कि कोई ज़रूर काम करते समय No Phone की हैबिट होनी चाहिए आपके अंदर,

उम्मीद है इस पोस्ट से आपके सोचने का नजरिया बदलेगा, कोई प्रश्न या सुझाव हो तो कमेंट में लिखिएगा, आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद, आपका दिन हमेशा शुभ रहे !!

आपके लिए खास, इसे भी पढ़िए !!
उम्र चाहे 20 हो या 60… ये एक Habit आपको हमेशा आगे रखेगी।
हर Social Media User के अंदर ये एक Habit होनी ही चाहिए।
जिस डर से आप भाग रहे हैं… वही आपकी सबसे बड़ी गलती हो सकती है।

Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?

Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.

Naveen Pandey

लेखक परिचय: नवीन पांडे 18 वर्षों के लेखन अनुभव और 5000 से अधिक लेखों के साथ, नवीन पांडे एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर और 'माइंड दर्पण' के संस्थापक हैं। संघर्ष से सफलता तक के अपने सफर में उन्होंने डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी चुनौतियों को करीब से महसूस किया है। आज वे अपनी आगामी ई-बुक "Sharp Mind" और ब्लॉग के माध्यम से लोगों को सूक्ष्म आदतों (Micro-Habits) की शक्ति से परिचित करा रहे हैं। उनका मिशन मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सफलता का एक सरल, व्यावहारिक रोडमैप प्रदान करना है। नवीन का मानना है कि छोटी-छोटी आदतें ही जीवन में बड़ा बदलाव लाती हैं।

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