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Goal शुरू करते ही “मैं नहीं कर पाऊँगा” क्यों लगता है? शायद वजह Goal नहीं है।

Published On: September 1, 2026
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Main nahi kar paunga feeling struggle karte samay

जब भी हम अपने life में struggle कर रहे होते है, फिर चाहे वो finance हो, health हो, relationship हो या Career हो हमेशा हमारे दिमाग़ में एक ख्याल हमेशा ही होते है की “यार मैं नहीं कर पाऊँगा मुझसे नहीं होगा ”

ये वो समय होता है जब हमारे thoughts के हिसाब से कुछ नहीं हो रहा होता, हम अपने comfort, अपने habit के against जा रहे होते है, और तब एक एक मिनट लगता है कई घंटे बीट चुके है, ये वो समय होता है जब हमारा vision पूरी तरह से blur होता है,

इस समय हम अपने जरूरत, अपने dreams को भूल जाते है, यहाँ तक कि हमें ये लगता है की बस इस struggle से कैसे निकला जाये,

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम struggle कर रहे होते है, तो ये thoughts parmanent नहीं होते, यानी कई बार ऐसा होता है कि हम अपने action को इस समय बड़े josh से ले रहे होते है,

यानी ये जो thoughts है ये permanent नहीं है, ये बस उस समय होता है जब चीज़ें हमारे हिसाब से नहीं होती है, और उसक बाद एक के बाद एक हम बस negative talk करते है ख़ुद से,

ये 4 habit मैं नहीं कर पाऊँगा जैसी Thoughts से आपको बाहर निकालती है

अगर आप आज struggle कर रहे है तो ये तो तय है कि एक दिन आप इस struggle से निकल जाएँगे, अगर आप consistent रहे तो आपके लाइफ में struggle कम हो जाएँगे, लेकिन अगर आप अभी इसे छोड़ देते है तो आप इस struggle से तो बेशक निकल जाएँगे,

लेकिन आने वाले समय में आपके life में struggle और बढ़ेंगे,

ये बात आप भी जानते है कहीं ना कहीं की अगर आप अपने life में इस struggle को face कर लेते है तो आप इस struggle से निकल सकते है, लेकिन आपको ये पता नहीं है की अपने इसे thoughts को कैसे practical तरीक़े से कम किया जाए,

अगर आप इन 4 Habit को अपनाते है तो आप हर बार अपने इस negative thought को counter कर पाएंगे,

इससे आप अपने action में consistent रह पाएंगे, और यही आपके लिए जरूरी है – ऐसे देखते है,

Thoughts बस Feeling है Fact नहीं

अगर आपके negative thoughts parmanent नहीं है, ये बस उस समय आते है जब आप आपके हिसाब से चीज़ें नहीं हो रही होती है, यानी ये fact नहीं है ये बस आपकी feeling है,

आपने एक plan बनाया, की आपको अब ऐसा कुछ करना है, जब आप करने बैठते है तो आपको लगता है की ये वाक़ई बहुत मेहनत वाला काम है, या इसमें बहुत struggle करना पड़ेगा, या अगर आपके हिसाब से result नहीं आ रहा है तो आपको लगता है की ‘मैं नहीं कर पाऊँगा’

जब आप ऐसा कुछ महसूस करो, तो ख़ुद को ये ज़रूर बताओ की आप जो अभी सोच रहे हो ये fact नहीं है ये बस आपकी सोच है जो आपके दिमाग़ में बस इस वजह से आई है क्योंकि चीज़ें आपके हिसाब से नहीं हो रही है,

जैसे ही आप ये ख़ुद को बताते हो, आपका दिमाग़ बार बार practice के बाद समझने लगता है, और आगे जब भी कुछ ऐसा होता है आप आसानी से ये समझ जाते हो की अभी ये thoughts क्यों आपके दिमाग़ में आ रहा है,

Last Success proof बनाओ

जब भी आपको लगे की ‘मैं नहीं कर पाऊँगा’ तो ख़ुद से लड़ो नहीं, ख़ुद के ऊपर pressure मत डालो को नहीं तुम्हें ये करना ही है, क्योंकि जब आप बार बार ऐसा करेंगे और अपने mind को clarity नहीं देंगे तो आपका दिमाग़ action लेने से भागेगा जो अभी के लिए बहुत जरूरी है,

लेकिन वही अगर आप ख़ुद को तब Last success का proof दिखाना शुरू कर देते हो, की देखो कुछ महीने पहले ही आपने कुछ ऐसा किया है जो पहले आप नहीं कर पाते थे, जो आपके life में बहुत जरूरी था,

जैसे ही आप last success दिखाते हो ख़ुद को अब आपको ये विश्वास होने लगता है कि आप भी कर सकते हो, ये भी कर सकते हो, बस आपको मेहनत करने की जरूरत है,

अभी तक नहीं कर पाया लेकिन अब करूँगा

क्या आपको पता है की जो भी आप करते हो, या जो भी आप महसूस करते हो सब कुछ energy है, अगर आपके मन में ये ख़याल आ रहा है कि ‘मैं नहीं कर पाऊँगा’ तो बस आपको इस negative thoughts को बस positive बनाने की जरूरत है,

अगर आपको ऐसा feel हो की ‘मैं नहीं कर पाऊँगा’ तो उस समय आप अगर ख़ुद को विश्वास दिला हो की अभी तक मैं इसे नहीं कर पाया, लेकिन अब कर लूँगा, विश्वास ना हो तो बस इस thoughts को 10 बार कही लिख लो,

कुछ देर बाद आपको ख़ुद लगेगा की हाँ मैं इसे कर सकता हूँ ये बहुत ही आसान है,

यानी आपने बस अपने thought को बदला है, और आपका काम हो गया, बेशक कुछ दिनों या घंटों के बाद चीज़ें आपके हिसाब से ना हो तो तो फिर से आपको लगे की ‘मुझसे नहीं होगा’ बस आपको फिर से इसे दोहराना है,

अपने मन को समझाना है, आप अपने action में consistent रह पाएंगे तब,

Doubt के बावजूद action में consistent

आप जहाँ भी struggle कर रहे है, बस आपके action से ही आप इसे पार कर सकते है, अगर आप consistent होते है सब कुछ धीरे धीरे ठीक होने लगता है,

जब भी आपको लगे की ‘मैं नहीं कर पाऊँगा’ अपने सोच को बस इस action के ऊपर लगा दो, बस उसे पूरा करने की कोशिश करो जो अभी कर रहे हो,

अब आप बहुत बड़ा picture, goal नहीं देख रहे हो, अब आपके मन में बस इतना चल रहा है कि इसे कैसे भी पूरा कर लेना है,

और तब आप बस action लेना शुरू कर देते हो, आपको इस समय इसी की जरूरत थी,

कई बार हम जब बहुत जोश में होते है कोई doubt नहीं होता है तब हम बहुत सारा काम करते है, लेकिन जैसे ही हमारे मन में doubt आता है हमे वही काम पहाड़ की तरह लगने लगता है,

इस समय हमे बस अपने focus को sift करने की जरूरत है, यानी उस पर बस focus करना है जो आपको चाहिए,

हाँ ध्यान रखें, consistent रहने के लिए आपको ख़ुद से लड़ना नहीं है, क्योंकि अगर लड़ते है तो कुछ दिनों के बाद आपको अपने काम से बोरियत होने लगती है और तब आप improve नहीं करते बस जैसे तैसे पूरा करने की सोचते है,

Conclusion

मैं नहीं कर पाऊँगा, या मुझसे नहीं होगा, ये बस एक feeling है कोई fact नहीं, क्योंकि जब ये feeling नहीं थी तो उसी काम को आप बहुत आसानी से कर पा रहे थे, आपने बस अपने thought को counter किया और अब वही काम फिर से आप आसानी से करने लगते है,

जब भी आप कुछ नया करते है, तो ये आपके comfort zone से बाहर होता है, इसका मतलब ये नहीं की आप इसे नहीं कर सकते, आपको बस थोड़ा समय लगेगा और आप उस काम को बहुत आसानी से कर सकते है,

उम्मीद है इस post से आपके सोचने का तरीका बदलेगा, कोई प्रश्न या सुझाव हो तो कृपया जरूर comment में बताए, आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद, आपका दिन हमेशा शुभ रहे !

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Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?

Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.

Naveen Pandey

लेखक परिचय: नवीन पांडे 18 वर्षों के लेखन अनुभव और 5000 से अधिक लेखों के साथ, नवीन पांडे एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर और 'माइंड दर्पण' के संस्थापक हैं। संघर्ष से सफलता तक के अपने सफर में उन्होंने डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी चुनौतियों को करीब से महसूस किया है। आज वे अपनी आगामी ई-बुक "Sharp Mind" और ब्लॉग के माध्यम से लोगों को सूक्ष्म आदतों (Micro-Habits) की शक्ति से परिचित करा रहे हैं। उनका मिशन मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सफलता का एक सरल, व्यावहारिक रोडमैप प्रदान करना है। नवीन का मानना है कि छोटी-छोटी आदतें ही जीवन में बड़ा बदलाव लाती हैं।

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