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रिश्ते अचानक कमजोर नहीं होते… ये छोटी आदत उन्हें धीरे-धीरे खत्म करती है।

Published On: July 20, 2026
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riste aise hi kamzor hote hai

क्या आपने भी ये महसूस किया है कि आप परिवार के साथ तो है लेकिन एक ख़ालीपन सा महसूस करते है, आप अपने परिवार के साथ कनेक्ट नहीं कर पातें, आप कुछ भी कहते है तो उसे आपके परिवार में ही बहुत ध्यान नहीं दिया जाता, आपको लगता है की इससे अच्छा तो मैं घर से बाहर ही ठीक था,

आपको कोई समझता ही नहीं आप घर में भी अकेलापन महसूस करते है, अगर आपके मन में ऐसे सवाल आ रहे है तो इसका कारण दूसरा कोई नहीं आपकी अपनी हैबिट हो सकती है,

क्योंकि आज इस स्थिति से बहुत सारे लोग गुज़र रहे है, कइयों को तो ये पता भी नहीं है कि आख़िर मेरे साथ ऐसा क्या हो, आज से कुछ साल पहले तक ऐसा नहीं था, परिवार में लोग एक दूसरे का ख़याल रखते थे, उनके सुख – दुख में भागीदारी करते थे, लेकिन अब ऐसा ज्यादातर घरों में नहीं देखने के लिए मिलता क्योंकि आपकी हैबिट ने आपको सबसे दूर कर दिया है,

इसका मूल कारण है आप अपने परिवार वालो से अपना कनेक्शन धीरे धीरे खो रहे है, इसलिए आपके होने ना होने से बहुत ज़्यादा फ़र्क़ नहीं पड़ता, इसका कारण है आपकी अपनी हैबिट, क्योंकि जब भी आप उनके साथ बैठते है अपना स्मार्टफोन निकाल लेते है, उनके साथ बैठने से ज़्यादा important आपका फ़ोन है और बाहर के लोग है,

आपके रिश्ते कमजोर हो रहे है इसकी वजह आपके हाथ में है

ऐसा नहीं है कि हमें फैमिली से लगाव नहीं है, लेकिन हम उसे कमज़ोर कर रहे है क्योंकि हम वहाँ टाइम ही नहीं देते, क्योंकि हमने हैबिट बना ली है की जब भी स्मार्टफोन नोटीफ़्यूकेशन देगा हमे देखना है, बेशक कोई जरूरी notification ना भी हो तो हमारे मन को हमेशा ये लग रहा है की कहीं कुछ छूट रहा है,

आज बहुत सारे लोग जब भी अपने परिवार के साथ बैठते है तो अपना स्मार्टफोन अपने साथ लेकर बैठते है, हम अपने पर्सनल लाइफ जिसमे हमारे अपने परिवार के सदस्य है उन्हें भूल जाते है क्योंकि हमें लगता है कि स्मार्टफोन में कुछ झूट ना जाये, ये हमारी आदत में है हमेशा स्मार्टफोन को चेक करते रहना,

कुछ साल पहले तक जब स्मार्टफोन नहीं हुआ करते थे, हम अपनों के पास बैठते थे, उनसे बातें करते थे, उनका हाल चाल पुछते थे, वो ना भी बताए तो हम उनके चेहरे देख कर अंदाज़ा लगा लेते थे, हम छोटो छोटी ख़ुशियों को एंजॉय करते थे और ख़ुश रहते थे, उस समय कुछ खो जाये या किसी से पिछे छूट जाने का डर बहुत कम से कम हुआ करता था,

हमारा दिमाग़ हर नई चीज़ों के पीछे जल्दी अट्रैक्ट हो जाता है, की अब आगे क्या, और हमारे स्मार्टफोन में मौजूद उन बहुत सारे ऐप्स को भी इसी तरह से बनाया गया है जो हर बार ओपन करने के बाद आपको नयापन का एहसास दिलाते है,

जो लोग बहुत ज़्यादा मैसेंजर या सोशल साइट्स का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल आज कर रहे है वो इसी लूप में फसे हुए है की अब आगे क्या, अब क्या नया है,

पहले लोग अकेले हुए करते थे तब वो समझ पातें थे कि उनके लिए क्या जरूरी है क्या नहीं है, उनके इमोशन को वो बहुत आसानी से देख पातें थे, की उन्हें किस बात का बुरा लग रहा है, लेकिन अब सब का सलूशन फ़ोन में है, ये असल में प्रॉब्लम को खत्म नहीं करता है बस उसे थोड़ी देर के लिए छुपा देता है,

आज अगर घर में आपस कोई मतभेद हो जाये तो किसी को किसी की कमी नहीं महसूस होगी क्योंकि स्मार्टफोन आपको ये महसूस नहीं होने देगा, आपको बोर ही नहीं होने देगा की आप महसूस करो, आपको हर बार कुछ ना कुछ नया दिखा कर उलझाए रखेगा,

जब आप Smartphone को परिवार से ज़्यादा महत्व देते है तो –

  • आप उनके और अपने बीच एक गैप बनाते है
  • आप बोर नहीं होते इस वजह से आपको अपने परिवार की कमी महसूस नहीं होती तब तक जब तक आपको वाक़ई उनकी ज़रूरत ना पड़ने लगे
  • आप छोटी ख़ुशियों को उनके बीच एंजॉय करना भूल जाते है, आप बस दिखावे के लिए उनके साथ रहते है
  • आप उनसे नजर नहीं मिलाते क्योंकि आपका ध्यान फ़ोन पर रहता है, जिससे आप फिर से उनसे कनेक्ट नहीं कर पातें
  • आप अपने ही इमोशन को भूलने लगते है जिसमे आपके परिवार की इंप्रोटेंस ज़्यादा है
  • आप अपनों से ही कुछ कह नहीं पातें क्योंकि की सालों से आपने उनसे कोई बात ही नहीं की दिल खोल के
  • आपको नहीं पता की परिवार में किसको क्या पसंद है क्या नहीं जिससे की आप उन्हें ख़ास होने का एहसास दिला सके

ऐसे ना जाने कितने ही छोटे छोटे वो बहुत जरूरी चीज़ों को आप भूल जाते है जो आपके हाथ में पड़ी Smartphone से कहीं ज़्यादा क़ीमती है, स्मार्टफोन बस एक डिवाइस है एक डब्बा, उसकी वजह से आप अपने क़ीमती रिस्तों को खो देते है,

स्मार्टफोन को समय देने की हैबिट बनाइए

अगर अब आपको लगता है की आपके रिश्ते वाकई आपके लिए बहुत ख़ास है तो उन्हें समय देना शुरू कर दीजिए, मैं ये नहीं कहता कि आपको स्मार्टफोन को फेक देना चाहिए, नहीं, अब ये एक ऐसा टूल है जो आपके लिए बहुत जरूरी है सर्वाइव करने के लिए,

लेकिन अब आपको अपने रिस्तों और समय के साथ अब स्मार्टफ़ोन प्रायोरिटी देने की जरूरत है, यानी आपको बस ये करना है की जब आप अपनों के बीच में बैठे तो एक रूल बनिए की अगर जरूरत ना हो तो स्मार्टफोन को दूर रखना है, सिर्फ़ आप ही नहीं बल्कि सभी लोग,

आपने अपने घर जूतों, कपड़ो, जैसे कई छोटी छोटी चीज़ों के लिए जगह बना रखी है, ठीक उसी तरह से आपको अपने घर में स्मार्टफोन के लिए भी एक जरूरी जगह बनानी चाहिए, जहाँ घर के सभी मेंबर का स्मार्टफोन रहेगा, जब वो एक साथ बैठे होंगे, इस समय कोई भी फ़ोन लेकर नहीं बैठेगा,

यानी इस समय बस Family टाइम कोई ऐप नहीं, कोई नोटिफिकेशन नहीं, कोई कॉल नहीं, कोई मेसेज नहीं, स्मार्टफोन नहीं !

जब आप ऐसा करते है बहुत सारी चीज़ें बदल जाती है –

  • आप अपने मन की बात कहते है
  • परिवार के लोगो को सुनते है
  • उनसे नज़र मिलाकर बात करते है, कोई डर, कोई हैस्टेशन कुछ नहीं होता और आप कनेक्ट कर पातें है
  • जब आप खुलकर इस समय हस्ते है बात करते है तो आपके स्ट्रेस ख़त्म होते है आप अच्छा फील करते है, आप पॉजिटव वाइफ से जुड़ते है,
  • आपको इस समय अपने कई confusion का हल मिलता है अपने बुजुर्गों के अनुभवों से
  • आप प्लानिंग कर पाते है
  • आप ये देख पातें है कि आपको कहाँ मेहनत करने की जरूरत है,
  • आपकी negativity दूर होती है

कुल मिलाकर आप इस समय अपने जीवन को जी रहे होते है, एंजॉय कर रहे होते है, इस समय आपकी 2 से 3 पीढ़ी आपके साथ होती है, और वो बहुत सारा समय होता है जिसे आप मेमोरी में स्टोर करने वाले है जो आपको उस समय सपोर्ट करेगी जब आप हार रहे होंगे अपने जीवन में,

अब सोचिए ये सब आप बस अपने एक हैबिट जो परिवार के साथ बैठते समय स्मार्टफोन इस्तेमाल की वजह से खो रहे होते है, जिसके लिए कई लोग ऐसे है जो Counselling के रूप में पे कर रहे होते है किसी ना किसी डॉक्टर को, ये सब आपको मुफ़्त में मिलता है और मिलता है अपना के साथ एक ख़ास बांडिंग जो आपको कभी भी फेल नहीं होने देता अपने जीवन में,

Conclusion

जाने अनजाने में हम अपने अंदर कैसी ऐसी हैबिट बना लेते है जिसका परिणाम हमे अपने जीवन में आगे झेलना होता है जिसमे से ये एक बहुत जरूरी हैबिट है की आप अपने परिवार के बीच में अपना स्मार्टफोन इस्तेमाल करते है, हाँ जब बहुत जरूरी हो तो बेशक आप फ़ोन इस्तेमाल करे, लेकिन अगर जरूरत नहीं है तो अपने परिवार के बीच में अपने जीवन को एंजॉय करिए जो आपको सुकून देगा,

आज हम बोर नहीं होना चाहते, जो सबसे पहली सीढ़ी है सफल होने की, क्योंकि इस समय हम जान पातें है कि क्या हमारे लिए ज़्यादा जरूरी है, और हम क्या कर रहे है हमें क्या करने की जरूरत है, और जब आप जान जाते है की आपके जीवन में क्या जरूरी है आप सही रास्ते पर निकल पड़ते है,

इसलिए ज़्यादा ज़रूरी है कि स्मार्टफोन को इस्तेमाल कब करना है कब नहीं आपको पता होना चाहिए, परिवार का हर सदस्य हमेशा आपके साथ नहीं होगा, इसलिए जब तक है तब तक उसके साथ को एंजॉय करिए और उसे अपनी मेमोरी में जगह दीजिए, ये आपको जीने की वजह देगी आपको हारने नहीं देगी,

उम्मीद है इस आर्टिकल से आपके सोचने का नजरिया जरूर बदलेगा, कोई प्रश्न या सुझाव हो ज़रूर कमेंट में लिखे, आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद, आपका दिन हमेशा शुभ रहे !!

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Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?

Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.

Naveen Pandey

लेखक परिचय: नवीन पांडे 18 वर्षों के लेखन अनुभव और 5000 से अधिक लेखों के साथ, नवीन पांडे एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर और 'माइंड दर्पण' के संस्थापक हैं। संघर्ष से सफलता तक के अपने सफर में उन्होंने डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी चुनौतियों को करीब से महसूस किया है। आज वे अपनी आगामी ई-बुक "Sharp Mind" और ब्लॉग के माध्यम से लोगों को सूक्ष्म आदतों (Micro-Habits) की शक्ति से परिचित करा रहे हैं। उनका मिशन मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सफलता का एक सरल, व्यावहारिक रोडमैप प्रदान करना है। नवीन का मानना है कि छोटी-छोटी आदतें ही जीवन में बड़ा बदलाव लाती हैं।

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