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Zero से शुरू कर रहे हैं? Motivation नहीं, पहले ये समझ लें।

Published On: July 18, 2026
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Motivation नहीं वजह चाहिए

क्या आपने कभी नोटिस किया है, की ऐसा कई बार होता है जब आप जोश में आ कर कुछ करने की सोचते है और कुछ दिन उसे करने के बाद आप उसे छोड़ देते है, आपको लगता है ये उतना भी जरूरी नहीं है, या आपको अब इसे करने के मन नहीं है, क्या आपने कभी गौर किया है की आख़िर अब ऐसा क्या हुआ जो आपको ये काम करने का अब मन नहीं है,

इस समय हम ज्यादातर Motivation के पिछे भागते है, और यही है बड़ी वजह की हम अपने किसी काम को पूरा ही नहीं कर पातें,

क्या आपने इस बात पर कभी गौर किया है की सुबह से उठने के बाद और सोने से पहले आप बहुत सारे ऐसे छोटे छोटे काम करते है जो आप कई सालों से करते आ रहे है, उसे हर रोज़ कर रहे है और आप उसे करने से ऊबते नहीं है, और ना ही उसे करने के लिए आप बार बार मोटिवेशन ढूँढते है,

फिर ऐसा क्यों है कि आप कई जरूरी काम बस Motivation के ऊपर निर्भर करके छोड़ देते है,

आज कई ऐसे लोग है जो ये हमेशा सोचते है की काश ये बात मुझे पहले पता होती तो शायद मैं वो काम कभी अधूरा नहीं छोड़ता, लेकिन समय बीत जाने की वजह से आज वो रिग्रेट करते है, ख़ुद को कोसते है,

क्या आपने कभी सोचा है कि वो जो बस सोचते है करते कुछ नहीं है उनकी गिनती ज़्यादा क्यों है, और बस कुछ ही लोग ऐसा क्या करते है जो सफल हो जाते है, वो है उस काम को करने की वजह का ना होना,

Motivation नहीं वजह चाहिए

आज आप अपने लाइफ में कहीं भी वो और कुछ भी पाना चाहते हो, अगर आप सोच रहे हो की मैं सब कुछ कर सकता हूँ लेकिन उस काम को करने की कोई ठोस वजह नहीं है आपके पास तो कुछ ही दिन के बाद आप उस काम को बीच में छोड़ने वाले है, और तब आप उसे फिर से करने के लिए मोटिवेशन ढूँढेंगे,

लेकिन मोटिवेशन भी आपका साथ नहीं देगी क्योंकि आपके पास कोई वजह ही नहीं है उसे बार बार करने की –

अगर आप गौर करेंगे तो आपको साफ़ दिखाई देगा जिन लोगो के पास सब कुछ होता है, जिनके पास कोई स्ट्रगल नहीं है अपने जीवन में, 90% वैसे लोग अपने जीवन में कभी कुछ कर ही नहीं पातें, क्योंकि उसे करने की कोई भी ठोस वजह उनके पास नहीं होती,

वही जो स्ट्रगल कर रहा है अपने लाइफ में 90% संभावना है कि वो अपने लाइफ में कुछ ना कुछ कर ही लेगा, अगर वो समझ पा रहा है वजह जिसकी वजह से वो स्ट्रगल कर रहा है अपने जीवन में, ऐसा इंसान बार बार मोटिवेशन के पिछे नहीं भागता, उसे लगता है कि कैसे भी करके मुझे इस स्ट्रगल से निकलना है,

क्योंकि इस स्ट्रगल वाली फीलिंग उसे Pain देती है जिसे अब वो नहीं झेलना चाहता, वो कहावत तो आपने सुनी होगी “आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है” यानी जब तक आपके पास किसी काम को करने की कोई वजह नहीं है जो आपके डिजायर या डर को जन्म देती है तब तक आप हमेशा किसी काम को कर ही नहीं सकते है,

आपके सफल होने की संभावना किसी भी काम में तब होती है जब आप उस काम को 10000 घंटे ना दे दो,

अब 10000 घंटे यानी रोजाना के 8 घंटे कम से कम 3 साल तक बिना कोई छूटी के, कोई भी इंसान इतना लंबा नहीं चल सकता जब तक की उसके अंदर कोई दर्द या कोई अपनी इच्छा ना हो जो बहुत स्ट्रॉंग हो,

मोटिवेशन बस एक सस्ता डोपामिन है जो कुछ ही मिनटों में वापस उतर जाता है, जैसे जैसे ये उतरता है अगली बार इसकी डोस अगर ज़्यादा ना हो तब तक ये काम नहीं करता, और धीरे धीरे एक बिल्कुल ही थ्रिल नहीं देता जिससे की कुछ किया जा सके,

Motivation लत बन जाती है

आप अपने जीवन में कुछ भी करना चाहते है, तो ये बहुत जरूरी है की आप ग़ौर करे की क्या आप मोटिवेशन के ऊपर निर्भर तो नहीं हो रहे है, क्योंकि उन बहुत सारी बुरी आदतों की तरह ही ये भी आप समय बस बर्बाद करेगी, और आप एक समय के बाद हताश हो जाएँगे क्योंकि आपका समय बर्बाद हो रहा है,

क्योंकि जब भी आप कुछ करने जाते है, उसे करते करते अगर आप बीच में रुक जाते है, आपका Rhythm टूट जाता है तो आपको उसे फिर से दुबारा शुरू करने में बहुत ज़्यादा फोर्स लगाना पड़ता है,,

आप किसी भी काम में तब सफल होते है जब आप एक ही स्पीड से बढ़ते जाते है तब तक जब तक कि आप उसे हासिल ना कर लें, बस मोटिवेशन की वजह से आप हार जाते है अगर आपके पास कोई ठोस वजह नहीं है उस काम को लगातार करने की,

ध्यान दीजिएगा, आप साँस भी लेते है तो उसमे आपकी एनर्जी खर्च होती है, यहाँ तक कि आप आराम भी करते है तो आपकी एनर्जी खर्च होती है, क्योंकि आराम के समय आपके शरीर में जो भी टूट फूट होती है उसे शरीर रिपेयर करता है और उसके लिए एनर्जी चाहिए होती है,

ठीक इसी तरह जब आप मोटिवेशन कंज्यूम करते है तब भी आपकी एनर्जी ख़त्म होती है,

जब आप मोटिवेशन को बार बार कंज्यूम करते है, तो आप उसके तुरंत बाद ऐसा फील करते है की आज आपने कुछ किया है, जो बस illusion है, सच में आपने कुछ भी प्रोडक्टिव नहीं किया, क्योंकि प्रोडक्टिव तब होगा जब आप उस दिशा में काम करेंगे, ना की उससे की मैं अब कर लूँगा,

Motivation नहीं वजह ढूँढिए

अगर आप आज जीरो पर है और चाहते है की आपके जीवन में बदलाव हो तो आपको पहले ये देखना होगा कि आपको क्या बदलना है और उसे बदलने की जरूरत क्या है, अगर आप स्ट्रगल कर रहे है तो आपको इस फीलिंग को याद रखना होगा,

क्योंकि यही फीलिंग तब आपको Motivate करेगी जब आप हार रहे होंगे, हताश हो रहे होंगे, ये है Real मोटिवेशन जो आपके साथ है,

अगर आपने एक कहानी बना ली जो आपके जीवन से कहीं से जुड़ा नहीं है और आप कुछ करने चलते है तो संभावना बढ़ जाती है की आप कुछ कर पाएंगे, क्योंकि आप इससे रिलेट ही नहीं कर पाएंगे,

मेरे जीवन में 2 ऐसे aspect है जिन्हें बहुत क़रीब से देखा है, पहला स्वास्थ्य से जुड़ी है, मैं अपने को स्वस्थ्य का ध्यान रखने की वजह से अपने बुढ़ापे में बहुत स्ट्रगल करते देखा है, जिसकी वजह से मैं हमेशा स्वास्थ्य रहने को प्रायोरिटी देता है, मैंने Financially स्ट्रगल देगा है अपने जीवन में, और मुझे लगता है कि आपको पैसे कमाने के साथ उसे सही से इस्तेमाल करने के बारे बारे में भी मुझे समझना चाहिए,

इस वजह से मैं ज्यादातर स्वास्थ्य को लेकर कम से कम गलती हो इस पर ध्यान देता हूँ, इसी तरह से काम को करने और समय बर्बाद ना करने के ऊपर मेरा ध्यान रहता है, अब तो ऐसा है की ये मेरे autopilot mode में आ गया है इसके लिए मुझे बहुत Force लगाने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि ये मुझे याद रहता ही है, शायद यही वजह है कि मैं बहुत दिनों से अपने काम में लगातार कंसिस्टेंट हूँ,

Conclustion

अगर आपको अपने जीवन में कुछ पाना है तो अपने भीतर ढूँढिये की वो आपको क्या चाहिए, अगर नहीं मिल रहा तो अपने सोच में और थोड़ा भीतर तक जाइए, और देखिए कि क्या ये वाक़ई आपके लिए बहुत जरूरी है जिसके लिए आप अपना आराम त्याग कर सकते है,

अगर आपको कुछ ऐसा मिल जाता है तो आपको motivation की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि 90% लोगो को ये मिल ही नहीं पाता, क्योंकि वो ये नहीं जान पातें की उनके लाइफ में क्या अच्छा नहीं है किसे ठीक करने की जरूरत है, बस अपने आसपास लोगो की नक़ल करते रहते है,

अगर ट्रेंड अभी कहता है कि काम करना जरूरी है वो काम करेंगे, अगर ट्रेंड का रूख हुआ कि काम ज़्यादा ज़रूरी है नहीं एंजॉय करना ज़्यादा जरूरी है जीवन में तो उनकी दशा और दिशा दोनों बदल जाएगी, ऐसे लोग हमेशा Motivation के ऊपर हमेशा Depended रहते है, इनका मिडसेट बहुत जल्दी हार मानने का होता है,

इसलिए Motivation नहीं कुछ भी अंत तक करने के लिए वजह ढूँढिए –

उम्मीद है इस आर्टिकल से आपके जीवन की दिशा बदलेगी, कोई प्रश्न या सुझाव हो तो कृपया जरूर कमेंट में लिखे, आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद, आपका दिन हमेशा शुभ रहे।

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Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?

Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.

Naveen Pandey

लेखक परिचय: नवीन पांडे 18 वर्षों के लेखन अनुभव और 5000 से अधिक लेखों के साथ, नवीन पांडे एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर और 'माइंड दर्पण' के संस्थापक हैं। संघर्ष से सफलता तक के अपने सफर में उन्होंने डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी चुनौतियों को करीब से महसूस किया है। आज वे अपनी आगामी ई-बुक "Sharp Mind" और ब्लॉग के माध्यम से लोगों को सूक्ष्म आदतों (Micro-Habits) की शक्ति से परिचित करा रहे हैं। उनका मिशन मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सफलता का एक सरल, व्यावहारिक रोडमैप प्रदान करना है। नवीन का मानना है कि छोटी-छोटी आदतें ही जीवन में बड़ा बदलाव लाती हैं।

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