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बार-बार वही सोच रहे हैं? पहले ये जान लें।

Published On: July 16, 2026
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इसे मत दोहराओ

क्या आपको भी कुछ अच्छा करने से पहले डर लगता है की कहीं ये खराब ना हो जाये, कहीं मैं फिर से Fail ना हो जाऊँ, तो आप अकेले नहीं है, ऐसी स्थिति लगभग 90% लोगो की है, की जब भी वो कुछ अच्छा करने जाते है, जब भी कुछ अच्छा महसूस करते है उससे पहले ही वो नेगेटिव सूचना शुरू कर देते है,

और क्योंकि वो ऐसा करते है तो इस स्थिति में गलती होने की संभावना और बढ़ जाती है जिससे उनके साथ बुरा होता ही है, और तब उन्हें लगता है की मेरे साथ कुछ भी अच्छा क्यों नहीं होता, लगता है मेरी क़िस्मत ही ख़राब है,

आपने कभी गौर किया है की क्या ये थिंकिंग आपके अंदर पैदा होने के साथ थी, नहीं, आप तब अच्छा बुरा नहीं सोचते थे, आप बस जो करना है ज्यादातर उसपर आपका ध्यान होता है, जैसे जैसे आप बड़े होते है आप अपने पास्ट और फ्यूचर को अपने साथ लेकर चलना शुरू कर देते है,

आपने अपने बीते हुए कल से जो सीखा उसे आज इस्तेमाल करना शुरू कर दिया, और वो इंसान इस तरह से ज़्यादा सोचता है जिसके बीते हुए कल में बार बार प्रयास करने के बाद चीज़ें उसके हिसाब से नहीं हुई तो अगली ये डर पहले आ जाता है कि क्या इस बार भी मैं फेल हो जाऊँगा,

अगर ये बार बार हो रहा है तो ये डर और भी पक्का हो जाता है जिससे इंसान और ज़्यादा से ज़्यादा डर को अपने मन में जगह दे देता है जैसे –

  • हारने का डर
  • Negative बातों पर पहले ध्यान चला जाता है
  • कुछ ग़लत ना होने से पहले ही बहुत बुरा सोचना शुरू हो जाता है
  • इससे Mental Energy बहुत ज़्यादा Dren होनी शुरू हो जाती है
  • आप अपना Attention खोने लगते हो,
  • Focus चला जाता है
  • Self Doubt बनने लगता है कि मैं इस बार भी फेल हो जाऊँगा, confidence पूरी तरह से ख़त्म होना शुरू हो जाता है, इसी स्थिति में आप ख़ुद की कम सुनते हो और बाहरी लोगो को ज़्यादा सुनते हो
  • आपके Thought के pattern बदल जाते है, जब तक आपको कोई ये ना बता दे की क्या सही है तब तक आप आगे बढ़ते ही नहीं हो

कुल मिलाकर आपको हर कदम पर किसी ना किसी चीज़ का डर हमेशा ही लगा रहता है, आप कुछ भी नया करने से हर बार डर जाते हो, आप हर बार ये सोचते हो की अगर फेल हो गए तो क्या होगा,

अपने Acceptation को Clarity दो

अगर आप हमेशा कुछ भी करने से पहले हमेशा डरते तो, सबसे पहले ये बात ध्यान में रखो की आप जो चाहते हो वैसा बन जाते हो क्योंकि आप उसी तरह से act करना शुरू कर देते हो इसलिए हमेशा जो आपको चाहिए उसपर ज़्यादा फोकस करो ना की उसपर जो आपको नहीं चाहिए,

अब सोचिए की आप क्या करते है –

  • क्या आपको हारने का डर अच्छा लगता है? लेकिन फिर भी आप वो ज़्यादा डरते हो
  • क्या आपको खोना पसंद है? लेकिन फिर भी आप हमेशा कुछ ना कुछ खोने के बारे में सोचते हो
  • क्या आपको पसंद है की आपके साथ कुछ बुरा हो जाये? लेकिन फिर भी आप पहले कुछ ना कुछ बुरा ही सोच लेते हो

आपने जो अपने बीते हुए कल में जो अनुभव किया है वो कल बीत चुका है आज जो आप करेंगे उसी से आपका आने वाला कल बनेगा, अगर आज आप हारने से डरेंगे और कुछ नहीं करेंगे तो ये तो तय है कि आपके पास कल कुछ नहीं होगा, क्योंकि आज आपने कुछ Create नहीं किया है,

इन सब की जड़ है हमारी Acceptation कुछ भी करने से पहले हम अपने ही दिमाग़ को ये बता देते है और बहुत जोड़ देकर की अगर कल मैं इस काम में सफल हो गया तो उसके बाद मैं ये कर लूँगा,

अब आप सोचिए की अगर आप ऐसा करते है तो फेल होने के बाद आपकी दशा क्या होगी, आपका सपना टूटेगा जो आप नहीं चाहते, सच कहूँ तो आपको फेल होने का उतना बुरा नहीं लगा जितना कि आपका सपना टूटा है उसके बारे में बुरा लगा, ऐसा बस इसलिए हुया क्योंकि आपने पहले ही बहुत सारी उमीदें लगा ली थी,

सफल लोग उल्टा करते है

जो भी सफल लोग होते है जो की बस 1% ही होते है उनके सोचने का नज़रिया हमसे पूरी तरह से उल्टा होता है, वो कभी भी Negative चीज़ों को पकड़ कर बैठते ही नहीं है,

थॉमस एडिशन को ये नहीं पता था की 10000वी बार जब वो प्रयास करेंगे तो वो बल्ब बना लेंगे, वो 9999 बार फेल हुए, उन्होंने क्या किया होगा जरा सोचिए, उन्होंने उम्मीद पहले ही नहीं बना ली थी, वो ये नहीं सोच रहे होंगे की इस बार भी अटेम्प में मैं Fail हो गया, वो ये सोच रहे होंगे की इस अटेम्प में ये बात पता चली की ये तरीका काम नहीं करता,

यानी अपने फेलियर से सीखते गए, उन्हें इस बात का डर नहीं लगा की अगली बार अगर फिर से फेल हो गया तो क्या होगा,

सफल लोग हमेशा कुछ भी करने से पहले डरते नहीं है क्योंकि वो

  • Calculative plan बनाते है,
  • कोई भी उम्मीद पहले नहीं बनातें
  • वो फेलियर को एक सबक की तरह लेते है की ये तरीका काम नहीं करता अगली बार दूसरा तरीका अपनाना है
  • वो Risk अपने अतिरिक्त समय और धन पर लेते है वो अपने लाइफलाइन को ख़त्म नहीं करते (वो हमेशा जो बहुत जरूरी है उसके बाद जो बचता है उसपर दाव लगाते है) क्योंकि इस स्थिति तक कोई भी इंसान स्टेबल रहता है
  • वो हमेशा Negative नहीं सोचते, की अगर ग़लत हो गया तो क्या होगा,

कुल मिलाकर उनके पास इतना समय ही नहीं होता की वो ग़लत चीज़ों पर ज़्यादा ध्यान दे सके, वो बस अपने हार को एक सबक मानते है और आगे एक नए तरीक़े को साथ में रख कर आगे बढ़ जाते है,

10% लोगो में है तो डरना नहीं सीखना जरूरी है

सोचिए अगर आप आज अच्छा खा रहे है, अच्छे कपड़े पहन रहे है, आपके सर पर छत है तो आप पहले से ही उन 10% लोगो में शामिल है जिनके पास उनकी जरूरत के लिए अब कुछ करने की जरूरत नहीं है, इस समय आपका डरना नहीं सीखने की जरूरत है, क्योंकि इस समय आप Risk से थोड़ा ऊपर जीवन जी रहे है,

आपको बस वो तरीका खोजना है जो काम करता है आप चाहे किसी भी दिशा में हो, प्रोफेशन में हो, अगर कुछ ग़लत हो भी रहा है तो आपके लिए अच्छा है कि आपको बहुत पहले पता चल गया, आपका समय बर्बाद नहीं हुआ, अब आपको आगे बढ़ना चाहिए और नए तरीक़ा को खोजना चाहिए –

60% वाले है तो Risk को समझना जरूरी है

अगर आप उस लोगो में अभी है जहाँ आपको अपने खाने, पहनने, रहने के बारे में अभी भी सोचना पर रहा है तो आपको डरने के बजाए Risk को समझते हुए आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि इस समय आपके पास खोने को कुछ है ही नहीं की आपको डरने की जरूरत है, हाँ जीवन यापन के लिए जो जरूरी है, आपको पहले बस उसके बारे में सोचना चाहिए,

यानी 70% Focus आपको आपके आज पर देना चाहिए, और बस 30% Focus ही आपको अपने सपनों को देना चाहिए, कल आपको कहा जाना है अपने जीवन में, क्योंकि अगर आप 100% Focus अपने कल पर रखेंगे तो आप बहुत जल्दी टूट जाएँगे, क्योंकि आप आज अपने जीवन चलाने के लिए जो energy चाहिए उसपर ध्यान नहीं दे पाएंगे,

Conclusion

जीवन के किसी भी Stage में आपको कुछ करने से पहले ही आपको डरने की जरूरत नहीं है, हाँ आपको ये ज़रूर सोचना चाहिए, की अभी जो आप करने जा रहे है उसमे Risk कितना है, अब Risk लेने की सभी की अपनी अपनी Capacity होती है, अगर आप Calculative Risk लेते है तो नुकसान होने का रिस्क कम होता है,

आपको जो चाहिए उसपर Focus करना चाहिए ना की उसपर जो आपको नहीं चाहिए, क्योंकि सब कुछ किसी के लिए भी Perfect नहीं होता, बस चुनाव सही करिए आपको वो आसानी से मिल जाएगा,

उम्मीद है इस आर्टिकल से आपको एक नई दिशा मिलेगी, कोई प्रश्न या सुझाव हो तो कमेंट में जरूर लिखे, आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद, आपका दिन हमेशा शुभ रहे !!

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Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?

Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.

Naveen Pandey

लेखक परिचय: नवीन पांडे 18 वर्षों के लेखन अनुभव और 5000 से अधिक लेखों के साथ, नवीन पांडे एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर और 'माइंड दर्पण' के संस्थापक हैं। संघर्ष से सफलता तक के अपने सफर में उन्होंने डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी चुनौतियों को करीब से महसूस किया है। आज वे अपनी आगामी ई-बुक "Sharp Mind" और ब्लॉग के माध्यम से लोगों को सूक्ष्म आदतों (Micro-Habits) की शक्ति से परिचित करा रहे हैं। उनका मिशन मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सफलता का एक सरल, व्यावहारिक रोडमैप प्रदान करना है। नवीन का मानना है कि छोटी-छोटी आदतें ही जीवन में बड़ा बदलाव लाती हैं।

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