क्या आपने Notice किया है की आप आज जो भी है जो अपने पुराने अनुभवों के आधार पर है, आपकी पूरी पर्सनालिटी आपके अनुभव से आपको मिली है, अगर आप आज कॉंफिडेंट महसूस करते है तो इसके पीछे आपका अनुभव ही है, आज कई लोग है जो हमेशा अंदर से डरे हुए से होते है हर वक़्त वो कहीं ना कहीं उनकी पर्सनालिटी ही है जो उन्होंने अपने बीते हुए कल से सीखा है,
आपने कभी ये महसूस किया है कि आपके साथ वाले कई दोस्त बहुत आगे निकल चुके है और आप वही हो आज भी, आपको लगता है की वो जो आज सफल हो चुके है उनके पास गॉड का दिया हुआ गिफ्ट है जो मेरे पास नहीं है,
आप यही हार जाते है क्योंकि इस स्थिति को पूरी तरह से बदला जा सकता है, आप आज जो भी अनुभव करते है, जो सोचते है वो सब कुछ बदला जा सकता है, आपके असंप्शन बदले जा सकते है, और इसे बदलना भी बहुत आसान है, आपको बस ये देखना है की वो जो सफल लोग है उनके सोचने का तरीका क्या है,
वो ऐसा क्या करते है जिसकी वजह से वो आज सफल है,
देखिए जो आज सफल है उनके पास एक ऐसा थॉट ज़रूर है जो उन्होंने कई सालों की मेहनत से सीखी है जो उन्हें कई बार सफल बना चुका, और उसे वो आज भी आज़मा रहे है, इसे जानना भी आसान है आप उनके विचारो को अपना कर ये जा सकते है,
ऐसा आप बुक के माध्यम से कर सकते है, आपने कई लोगो से ये जरूर सुना होगा की आपके आसपास जो लोग है आप उनके जैसा ही बन जाते है, इसलिए अगर आप उन सफल लोगो के विचार अगर अपने आसपास रखते है तो आपके सोचने और समझने का तरीका पूरी तरह से बदल जाता है, और तब आप बहुत कम काम करके भी बहुत ज़्यादा हासिल कर लेते है क्योंकि आप सही जगह पर मेहनत कर रहे होते है
Book आपकी रफ्तार बढ़ाती है
आज आप जहाँ भी इंप्रोमेंट देख रहे है वो बस इसलिए क्योंकि उस काम के पहले चरण को डॉक्यूमेंट किया हुआ है कहीं ना कहीं, और उसी पैटर्न को बार बार इम्प्रूव करके कुछ नया क्रिएट किया जाता है, हर बार शुरू से शुरू नहीं करना पड़ता आपको,
हमारे सभी ग्रंथ भी इसी की वजह से हम पढ़ पाते है, ये किसी ना किसी के थॉट्स ही है जिन्हे डॉक्यूमेंट किया गया है,
अब सोचिए आपको ये पता हो की आपके काम करने का सही तरीका क्या है तो आप 99 वो तरीक़े छोड़ देते है जो काम नहीं करते, इससे आपका समय भी बचता है और आप ज़्यादा फोकस और मजबूत महसूस करते है क्योंकि वो 1 तरीका जिससे आप सफल हो सकते है वो आपके पास है,
बुक्स आपको वो नोवलैज देती है जो आप पूरी उम्र लगाकर भी नहीं सीख सकते, वही बुक्स आपका वो सफ़र कम कर देती है, आप अब उसके बाद अपना सफ़र शुरू करते है,
सोचिए आज आप जीरो पर है और आपको पता चल जाये की ये एक दिशा है जहाँ आपको सब कुछ मिल जाएगा तो आप भटकेंगे कम, आपके स्ट्रगल कम होंगे और आप बहुत जल्दी अपने गोल तक पहुँच जाते है, किताबें आपको बहुत कुछ देती है जैसे –
- आपका स्ट्रगल कम करती है
- आपका समय बचाती है
- आपके कन्फ़्यूज़न दूर करती है
- आपको एक नई दिशा दिखाती है
- आपको क्रिएट करने में मदद करती है
- आपके मन में ओपन लूप को बंद करती है
- आप हमेशा नया सीखते है और इसकी वजह से आप लंबे समय तक रिलीवेंट रहते है
और इनकी वजह से आप ज़्यादा कॉंफिडेंट और मजबूत महसूस करते है अंदर से,
100 में से 1% बुक पढ़ी जाती है
ऐसा नहीं है की आज किसी को किताबों की अहमियत पता नहीं है लोग किताबे ख़रीब भी लेते है, इस वजह से बहुत सारे लोगो के घर में किताबों की ढेर लगी है, लेकिन वो कभी भी उन्हें पढ़ते ही नहीं है क्योंकि उनके अंदर इसकी हैबिट ही नहीं है,
आपका दिमाग़ जरूरी और बेकार की चीज़ों में ख़ुद से अंतर नहीं ढूँढ पाता जब तक कि आप उसे बताए नहीं, जब हेल्थ ख़राब होती है तो एक्सरसाइज करना है ये बात सभी को पता है, लेकिन ये 99% लोग नहीं जान पाते कि अगर हमेशा मेंटली फिट रहना है और जमाने के साथ चलना है तो ख़ुद को मेंटली अच्छी डाइट देनी होगी जो की है किताबें पढ़ना,
इसे करना भी आसान है,
रोज 10 पेज दिमाग़ को फिट रखता है
अगर आप किताबें नहीं पढ़ते तो कोई बात नहीं क्योंकि बहुत सारे लोगो को किताबें पढ़ते ही नींद आने लगती है, ये एक हैबिट है जिसे बिल्ड की जा सकती है,
अगर आप अपने दिमाग़ को कहेंगे की ये लो बुक और इसे पढ़ो, तो दिमाग़ तुरंत ही उसे इग्नोर कर देगा और आपका मन उसे पढ़ने में लगेगा ही नहीं, आपको अपने दिमाग़ को इसकी आदत लगानी होगी,
क्या आपको वो एक रुपए वाली सैंपू का पाउच याद है वो एक अच्छा प्रोडक्ट नहीं बल्कि एक स्ट्रेटेजी है,
जी हाँ, सब बड़े प्रोडक्ट को छोटे पाउच में पैक किया जाता है ताकि नए कस्टमर को अट्रैक्ट किया जाये, अब तो छोटे पाउच मुफ़्त में दिए जाते है, इससे इस्तेमाल के बाद तुरंत ही ग्राहक बड़े पैकेट को आसानी से ख़रीद लेता है,
उसी तरह अगर आप हर रोज बस 10 पेज पढ़ने के लिए दिमाग को बोलेंगे तो आपका दिमाग़ उसे बहुत आसानी से मान लेगा, क्योंकि ये उबाऊ नहीं होगा,
लेकिन जैसे ही पढ़ने की हैबिट बन जाएगी किताबें 2 दिन से भी कम समय में पढ़ लेंगे जिसमे क़रीब क़रीब 300 पेज है, ये इतना आसान हो जाएगा आपके लिए, मैंने भी कई किताबें बस 2 दिन में पूरी की है, ये मुझे बिल्कुल भी उबाऊ नहीं लगा, ये बस हैबिट है,
जब आप बुक पढ़ने लगते है तो आप अपने फीलिंग को भी कन्वे करने लगते है, और आपके अंदर इतने बदलाव आते है जैसे –
- आप पहले से बेहतर तरीके से ख़ुद को एक्सप्रेस कर पातें है
- आप पहले से ज़्यादा शांत अनुभव करते है
- आप पहले से ज़्यादा एनर्जेटिक महसूस करते है
- आप पहले से ज़्यादा कॉंफिडेंट महसूस करते है
- आप एक ही सिचुएशन को कई अलग अलग तरीके से सोच पाते है
- आप किसी भी सिचुएशन से बहुत आसानी से निकल जाते है
- आपके अंदर नया सीखने की हैबिट बननी शुरू हो जाती है
ऐसे ना जाने कितनी ही अच्छी चीज़ें आपके अंदर होनी शुरू हो जाती है जिसकी वजह से आपके जीवन में कम उलझन आती है और आप अच्छा अनुभव करते है,
अगर आप किताबें ख़रीदतें है तो ये एक अच्छी आदत आपके अंदर पहले से है, आपको इसे बस समझने की जरूरत है, मेरे हिसाब से आप जिस दिन ये समझ जाएँगे की किताबें कैसे आपके जीवन को आसान बना सकती है उस दिन से आपको Books पढ़ने के लिए बहू ज़्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं होगी,
Conclusion
जो भी आज सफल है उनमे से ज्यादातर बुक पढ़ना पसंद करते है, क्योंकि उन्हें पता है कि यही वो ख़ज़ाना है जहाँ सब कुछ मिल जाता है, इसके लिए बस जरूरत है की आप अपने अंदर हैबिट बनाना शुरू कर दें, रोज़ाना बस 10 पेज पढ़ने तक दिमाग को मनाइए, फिर देखिएगा, 30 दिनों के बाद आप 10 पेज से ज़्यादा पढ़ने लगेंगे और आपको अगली बार आपके दिमाग़ को पढ़ने के लिए नहीं कहना होगा,
ध्यान रखें, सिर्फ़ किताबें पढ़ने से कुछ नहीं होता, जब तक आप यहाँ तक ना पहुँच जाये की जो आपके पढ़ा उसे अपने शब्दों में लिख पाये या बता पायें तक तक आपको इस पढ़ने से कुछ नहीं मिलता, तो पढ़ने के साथ आपको समझना भी होगा की आप क्या पढ़ रहे है,
उम्मीद है इस आर्टिकल से आपको एक नई दिशा मिलेगी, कोई प्रश्न या सुझाव हो आपके मन में कृपया कमेंट में जरूर लिखे, आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद, आपका दिन हमेशा शुभ रहे !!
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Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.









