क्या आपने कभी ये सोचा है की कल जो दिन आपका बिता है उसमे कितना समय आपने कहाँ दिया और इसका इम्पैक्ट आपके जीवन में क्या आएगा, क्योंकि हर एक्शन का एक रिएक्शन होता है,
अगर आपको वजन बढ़ाना है तो आप ज़्यादा कैलरी लेते है, अगर वजह कम करना है तो इसे घटाते है, यानी कुल मिलाकर आप अपने गोल के हिसाब से ये देखते है की मुझे कितना खाना है और क्या खाना है और उसे मापते है, जिससे आप अपने गोल तक आसानी से पहुँच जाते है,
लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है की आप पूरे दिन भर कहाँ अपना समय बिताते है इसके ऊपर आपका पूरा जीवन टीका हुआ है,
जी नहीं, अगर कुछ आप अभी तक अपने जीवन में जीरो पर हो तो ये लाइन आपके लिए नहीं है की जीवन को एंजॉय करना सबसे जरूरी है, ये आपकी स्थिति और हालात के ऊपर निर्भर करता है, आप ही सोचिए, आपके घर की स्थिति ऐसी है कि आपको बहुत स्ट्रगल करना पड़ता है हर एक छोटी छोटी चीज़ों के लिए,
लेकिन आप एक ऐसी लाइन को फॉलो कर रहे हो जो ये कहती है कि जीवन बहुत छोटी है इसे एंजॉय करो, तो ये साफ़ है की आप हमेशा स्ट्रगल करोगे, क्योंकि आपने ग़लत दिशा चुनी है,
आपका भी समय आयेगा अपने जीवन को एंजॉय करने का लेकिन अभी आपको अपने लिए अपना आज को बेहतर बनाना है, इसके लिए ये बहुत जरूरी है जानना की आप पूरे दिन भर में अपना समय कहाँ कहाँ बिताते हो, क्योंकि इसके बिना आप कभी ये जान ही नहीं पाओगे की आपको कितनी देर लगने वाली है अपने सफल जोन तक पहुंचे के लिए,
आज दिन का हर घंटा आपका कल है
आपको ये बात बहुत अच्छे से पता होगा की अन्न का हर दान जो आज आप खा रहे है उसे बनने में और आप तक आने में कई महीने लगे है, यानी आज के खाने के लिए किसी ने कुछ महीने पहले मेहनत की है, हर चीज़ में समय लगता है,
समस्या ये है की बहुत सारे लोग तो कुछ सोचते ही नहीं है वो बस इतना सोचते है कल जब आयेगा देखा जाएगा, मेरा समय कभी ख़राब हो ही नहीं सकता, मेरे साथ कभी बुरा हो ही नहीं सकता,
समस्या यहाँ भी ख़त्म नहीं होती हम में से बहुत कम ही ऐसे लोग है जो आने भविष्य के बारे में सोचते है, उन्हें अपना कल बेहतर चाहिए, लेकिन आज वो क्या कर रहे है वो कभी देखते ही नहीं है, उन्होंने हमेशा इस नियम को अनदेखा किया है की आज जो भी आप को वो अपने कल की वजह से हो,
भविष्य में अगर आपको अपना कल बेहतर बनाना है तो उसके लिए आपको आज बदलाव करना होगा-
आपको अपने हर घंटे को देखना होगा की आप क्या कर रहे है, आपने कल के लिए आज अपना कितना समय इन्वेस्ट किया या कितना बस यूँही वेस्ट किया जिसका परिणाम कल शून्य होने वाला है,
गौतम बुद्ध ने कहा था – कल को बेहतर बनाना है तो अपने आज पर ध्यान देना शुरू कर दो,
क्योंकि कल जब आपके हाथ में होगा तो आप उसमे कोई बदलाव नहीं कर पाओगे, उसे बदलना है तो आपको आज मेहनत करनी होगी, आज आप वो करोगे जो आपको कल चाहिए,
आपका चाहे कोई भी गोल हो जिसे आप कल पाना चाहते है तो आपको इन 3 चीज़ों को आज से देखना शुरू करना होगा
- आज कितना काम किया
- आज कितना सीखा
- आज कितना समय बर्बाद किया
आज कितना काम किया
बचपन में जब किताबे पढ़ते थे हम तो हमें लगता था कि बुक पूरी हो चुकी है तो इसका मतलब है कि हमने से पढ़ लिया, ये बहुत समय के बाद पता चला कि अगर आप कुछ पढ़ रहे हो तो उसके बाद अगर आप उसे अपने शब्दों में लिख सको तब जा कर आपने उस बुक को पूरी की है, यानी चाहे आप हर समय बुक पढ़ते रहो लेकिन अपनी समझ से ना लिख सको जो आपने पढ़ा है तो सारा समय बेकार हो जाता है,
इसी तरह है आप पूरे दिन भर बिजी हो इससे कुछ भी फर्क नहीं पड़ेगा जब तक आप जो भी Goal है उसके लिए काम नहीं कर रहे है, ये बहुत जरूरी चैप्टर है आपके जीवन का, काम तो आपको करना होगा इससे बच नहीं सकते अगर आपको बेहतर कल चाहिए,
आपको ये देखना होगा कि आज पूरे दिन भर में मैंने अपने सही में काम कितना किया है, आप चाहे किसी भी प्रोफेशन में हो, कम से कम 70% हिस्सा आपका काम के लिए होना ही चाहिए, यानी कल से कम 6 से 7 घंटे होने छाइये आपके लिए,
अगर आप पूरे दिन भर 12 घंटे बिजी हो लेकिन वो नहीं कर रहे है जो आपके जीवन की दिशा तय करता है तो आपका पूरा दिन बर्बाद होने वाला है,
आज कितना सीखा –
अब कुछ लोग है जो अपना काम पूरा करते है मन लगता है उनका उनके काम पर, लेकिन वो ये भूल जाते है हमेशा की आज सीखने के लिए मैंने कितना समय दिया, क्योंकि यही वो तरीका है जो कल भी रिलीवेंट बना कर रखेगा, आप रिप्लेस नहीं होगे, क्योंकि जनरेशन और टेक्नोलॉजी हर रोज बदल रही है,
इसलिए आपको रोज सीखना भी होगा और ये भी देखना होगा रोज़ाना की आपने आज क्या सीखा और इसमें कितना समय दिया, यानी अगर आप 7 से 12 घंटे अगर काम कर रहे है तो आपके पास कम से कम 1 घंटा सीखने के लिए भी होना चाहिए, क्योंकि जब आप सीखते हो तो आप कल के लिए तैयार रहते हो,
अगर आप आज नहीं सीखते हो तो कल आपकी जानकारी पुरानी हो जाएगी जिससे कल सर्वाइव करना मुश्किल हो जाएगा,
आज कितना कंज्यूम (एंटरटेन) किया
आज सबसे जरूरी है ये देखना की आप कितना ख़ुद को एंटरटेन कर रहे हो कितना कंज्यूम कर रहे हो, क्योंकि आज बहुत सारा तरीक़ा है ख़ुद को एंटरटेन करने का, और यही बहुत सारा समय बर्बाद हो जाता है,
कुछ साल पहले मनोरंजन के लिए बहुत सारी चीज़ें नहीं होती थी, तो लोग काम में ही मनोरंजन अनुभव करते थे, लेकिन आज काम को एक बोझ की तरह देखा जा रहा है और बस मनोरंजन करने को ही ही जीवन माना जा रहा है, ये लाइन कहने वाले वो लोग होते है जो पहले से बहुत कुछ हासिल कर चुके होते है,
उनके हिसाब से ये ठीक है लेकिन क्या सभी के लिए है नहीं,
हम सभी की पहली प्रायोरिटी ये होनी चाहिए की मनोरंजन की एक सीमा तय की जाए, ऐसा नहीं होना चाहिए कि जरूरी काम को छोड़ कर हम बस मनोरंजन ही करते रहे, क्योंकि खुला आसमान उन्हें पसंद आता है जिनके सर पे छत होती है,
उन लोगो की सोच एकदम अलग होती है इस मामले में जिनके सर पर छत नहीं होती, वो हमेशा ये सोचते है की एक सर पर छत होती, इसलिए बहुत ध्यान दो, पूरे दिन भर में बस कुछ मिनट या कुछ घंटे बहुत ज़्यादा है ख़ुद को मनोरंजन देने के लिए,
क्योंकि मनोरंजन भी एक समय के बाद बोरियत में बदल जाती है,
Conclusion
आपका कल जो भी गोल है उसके हिसाब से आप अपने हैबिट को बना सकते है, अगर गोल है कल अपने ड्रीम्स पूरे करने तो
- 70% समय का इस्तेमाल काम करने में लगाइए
- 20% समय सीखने में लगाइए
- 10% समय बस मनोरंजन को दीजिए
मेरे हिसाब से आप चाहे जीवन के किसी भी पड़ाव पर क्यों ना हो आपको अपने समय पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ये एक ऐसी करेंसी है जो आपको बहुत ज़्यादा रिटर्न देती है, इतना रिटर्न आपको किसी भी इन्वेस्टमेंट में नहीं मिलता है,
आपने हैबिट और समय का अगर तालमेल अच्छे से बिठा लिया तो आप अपने जीवन में वो सब कुछ हासिल कर सकते जो आप अपने सपने में देखते है, उम्मीद है इस आर्टिकल से आपको सीखने के लिए मिलेगा, कोई प्रश्न या सुझाव हो तो जरूर कमेंट में लिखे !!
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Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.









