मैंने हाल ही में एक Book पढ़ी, Marcus Aurelius ‘Meditation’ इससे पहले मैंने 2 बार गीता पढ़ी, पहली बार जब मैंने गीता पढ़ी थी क़रीब 2017 में तो मुझे बहुत सारी बातें इसमें समझ में ही नहीं आई, मैंने बहुत लोगो से ये सुना था की आप जितनी बार किसी भी बुक को पढ़ते उतनी बार कुछ नया सीखते है समझते है,
इन दोनों बुक में एक Core Message था हमारे लिए जिसे हम अपने Daily Life में हमेश repeat करते है, जिसकी वजह से अपने ऊपर एक अलग ही तनाव का माहौल बना लेते है,
श्री मद भगवद गीता कहती है “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥ (अध्याय 2, श्लोक 47)”
यानी जो बीत गया उसे बदला नहीं जा सकता और जो आने वाला है वो पूरी तरह आपके वश में नहीं है। इसलिए आज के कर्म पर ध्यान लगाओ क्योंकि आज का सही कर्म ही सुंदर भविष्य की नींव रखता है।
लेकिन हम हमेशा इसका उल्टा करते है हम हमेशा अपने past में किए गए action को बार बार याद करके regret में जीते है, ये हालत कुछ ऐसी है कि हम चाहे अपना सर ही क्यों पटक ले लेकिन वो बदल ही नहीं सकता उल्टे हमारा आज पूरी तरह से बर्बाद ज़रूर हो जाएगा !
लेकिन क्या ये इतना ज़्यादा कठिन है कि हम चाह के भी अपने पास्ट को भूल ही नहीं पातें, ऐसा नहीं है कि हमें ऐसा करने में मज़ा आता है, लेकिन हम चाह कर भी वहाँ पहुँच जाते है जो हमे बार बार अपने regret को याद करने पर मजबूर करती है,
सफल हो या असफल हर इंसान एक जैसा है
आज चाहे कोई सफल हो या असफल सभी दिखने में एक जैसे होते है, लेकिन उनके विचार पूरी तरह से अलग होते है, एक इंसान बार बार पिच्छे मुड़ कर देखता है और एक इंसान हमेशा आगे की तरफ़ देखता है,
जो सफल लोग होते है वो कभी भी पीछे नहीं देखते, वो बस आज में कुछ ना कुछ नया करते है बेशक वो कल बहुत बार फेल हुए है हारे है लेकिन फिर भी आज वो कुछ ना कुछ कर रहे होते है, लेकिन वही जो हमेशा काश में रहता है वो हमेशा कुछ ना कुछ पिछे सोचता है, की अगर ये गलती नहीं की होती तो शायद मैं नहीं फेल हुआ होता,
ये आदत इतनी ज़्यादा बढ़ जाती है एक समय के बाद की वो इंसान जो हमेशा काश में जीता है वो –
- अपना Self Confidence खो देता है, उसे डर होता है कि कहीं वो फिर से हार जाएगा
- पछतावा बढ़ता है
- आज में जो भी opportunity मिल रही है उसे भी ऐसा इंसान छोड़ देता है
- वो अपने दिमाग़ में ये गलती इतनी बार दोहराता है की ना चाहते हुए भी वो फेल हो जाता है
- ऐसा इंसान कभी भी बहुत दूर तक नहीं देख पाता है अपने लाइफ में
- इस इंसान को हर चीज में पहले negativity दिखाई देती है
ऐसा इंसान हमेशा अपने दिमाग़ में जीता है जिससे वो real जीवन से धीरे धीरे दूरी बना लेते है और धीरे धीरे किसी ना किसी गंभीर बीमारी का शिकार हो जाता है, क्योंकि इस वजह से उसके शरीर में harmonal disbalnce बढ़ता है
आपने अपने आस पास कई ऐसे लोगो को जरूर सुना होगा जो पहले बहुत ज़्यादा Intelligent थे लेकिन अचानक से आज वो Zero हो गए और आज अपने लाइफ में बहुत ज़्यादा Struggle कर रहे है, कई लोग तो एक टाइम पर सफल होने के बावजूद आज दो वक्त के खाने के मुहताज हो जाते है,
बस एक हैबिट जो है हमेशा अपने काश में जीना, जो कभी आगे बढ़ने ही नहीं देती,
सफल लोगो की सबसे बड़ी ताक़त – Acceptance Habit
मैंने बहुत सारे सफल लोगो को पढ़ा है सुना है जिसके हिसाब से जो भी आज अपने लाइफ में सफल है उन सभी के अंदर बस एक बात Common है वो है “Acceptance Habit” यानी आज चाहे वो कितनी बार फेल क्यों ना हुए हो, वो कभी रुकते नहीं है और ना ही उसे बदलने की कोशिश करते है,
वो बस उसे Accept कर लेते है, अपने उस सच को अपना लेते है, वो बस अपनी उस गलती से ये सीखते है की कल उन्हें क्या नहीं करना, वो उस बात को बार बार दोहराते नहीं है ना ही उसकी वजह से वो अपना आज का काम छोड़ देते है,
वो बस उस हार को अपना लेते है आगे बढ़ने के लिए,
जब वो ऐसा करते है तो वो पहले से ज़्यादा Energetic होते है आगे बढ़ने के लिए क्योंकि –
- इस बार उन्हें ये पता होता है क्या गलती नहीं करनी है
- इस बार वो हताश नहीं होते की अब क्या करूँ, उन्हें ये पता होता है की क्या नहीं करना है जिससे उनके सही होने की संभावना बढ़ती है
- आप जीत उन 52 पत्तो की तरह है जिसमे से कोई एक पत्ता आपके लिए Perfect होगा, जब आप अपनी हार को अपनाते है तो आगे के पत्तो को पलटने के लिए तैयार होते है यानी अपने लाइफ में आगे बढ़ कर अपने लिए रास्ता बनाने के लिए तैयार होते है
- आप Past में नहीं जीते बल्कि Persent में जीते है जिससे आपको दिखाई देता है कि अभी आपको क्या करना है
- आप किसी की देखा देखी नहीं करते, क्योंकि आप बहुत सारे action में बार बार फेल होकर ये सीख चुकें की की अभी क्या करना चाहिए
- आपके अंदर hesitation अपने फैसले पर शक खत्म हो जाता है
ये सब बस तब होता है जब आप अपनी गलती मान कर आगे निकल जाते है, आप बार बार अपने आपको कोश नहीं रहे होते है जिससे आपका Self Confidence गिर जाये,
कई बार तो लोगो को ये लगता है की मुझसे गलती हो गई जैसे की आप इस काम में इतने माहिर हो की आपसे गलती होनी ही नहीं चाहिए, अरे आपसे गलती हो गई तो क्या हो गया, हो जाती है गलतियाँ इसमें क्या अब आगे बढ़ो भाई, क्यों बार बार सोचना की –
- काश यहाँ पैसे ना लगाएं होते,
- काश ये गलती ना की होती
- काश ये Subject ना चुना होता
- काश यहाँ जॉब ना की होती
- काश यहाँ शादी ना की होती
जैसे कई सवाल, हमारे पास हर सुबह एक नई सुबह होती है बस एक हैबिट अपनाने से वो है Acceptance Habit, अपनी गलती मानो उससे सीखो और आगे निकल जाओ,
जो कर रहे हो करते जाओ, कोई जरूरत नहीं बार बार अपने आपको कोसने की, क्योंकि आपकी ग़लतियाँ ही आपको जीवन जीना सिखाती है और यही ग़लतियाँ ही आपको Calculative बनाती एक समय के बाद, आप ये धीरे धीरे जानने लगते हो की आपको किस गलती में कितना नुकसान हो सकता है, जिससे आप अपने जीवन में बहुत सारे स्ट्रगल धीरे धीरे कम करते जाते हो और अपने dream को हासिल करते जाते हो,
Conclusion
अगर आप हमेशा काश में जीते हो तो ये तय है कि आप अपना आज ख़राब कर रहे हो जिससे आप आने वाला Future अपना बना सकते हो, इससे फ़र्क़ नहीं पड़ता कि आप कल कितनी बार फेल हुए हो, फ़र्क़ इससे पड़ेगा अगर आज फेल हो गए, तो आपको आज के ऊपर Focus करना है अपनी पुरानी गलती को Accept करके,
ये Acceptance Habit आपको आगे बढ़ने एक लिए force करना शुरू कर देगी –
Action Step
आपने कल चाहे कितनी भी गलतियाँ की है, चाहे आपके साथ कितना भी बुरा क्यों ना हुआ हो, आपके पास आज है तो आज सोचो की आपको अपने जीवन में क्या बदलना है क्योंकि उस जीवन को आपको जीना है, अगर आपको पता चल गया की क्या बदलना है तो बस शुरू हो जाओ देखो की ये कैसे बदलेगा,
हर रोज उसपर काम करो, करते रहे जब तक वो ठीक ना हो जाये, और देखना एक दिन ऐसा आयेगा जब आप अपने सारे regret भूल चुके होगे अपने उस कल को enjoy करने में जो आपने आज बनाया है,
उम्मीद है इस पोस्ट से आपके सोचने के नजरिया बदलेगा, कोई प्रश्न या सुझाव हो ज़रूर comment में लिखें, आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद, आपका दिन हमेशा शुभ रहे।
Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?
Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.















