जरा गौर करिए और सोचिए की आप अपने Life में कब बहुत ज़्यादा Demotivated महसूस करते है, आपको लगता है की आप सबसे बड़े Looser है और आपकी बहुत अच्छे जीवन को भी आप बहुत काम आंकने लगते है, क्या आपने कभी गौर किया है की कब आपकी पसंदीदा कार अब आपको उतनी ख़ुशी नहीं देती,
कब आपकी सबसे पसंदीदा घड़ी अब आपको पुरानी महसूस होने लगती है, कब आप ना चाहते हुए भी महंगे restaurant में जा कर अपनी आधे महीने की सैलरी खर्च कर आते है, कब आप अपने किसी नजदीकी को अपने दो महीने से भी ज़्यादा सैलरी की Gift दे आते है की कहीं आपको वो छोटा ना समझ ले,
क्या आपने कभी महसूस किया है कि कब आप बहुत सारी ऐसी चीज़ें ख़रीद लेते है जिसकी वाक़ई आपको ज़रूरत नहीं है, लेकिन फिर भी आप उसे ख़रीद लेते है और अब आपके घर में उन्हें रखने की जगह नहीं है, इस्तेमाल करना तो बहुत दूर की बात है, आपके पास चमचमाती हुई कार थी लेकिन फिर आप एक और Car जो आपकी सैलरी का 40% हिस्सा हर महीने EMI के रूप में खा जाती है,
ये सब आप कब करते है कभी आपने महसूस किया है, जब आप Social Media पर दूसरे की Life देखते है, वो Highlights जो उन्हें बहुत cool दिखाता है और आपको सबसे बड़ा Looser दिखता है,
अगर आप भी Die Hard Social Media User है तो आपके अंदर ये एक Habit होनी ही चाहिए, अगर नहीं है तो भाई साहब आपकी जिंदगी कब बदल जाएगी ये आपको ही नहीं पाता,
99% हर Social Media User की सबसे Common बात
आज हर दिन Social Media के ऊपर नए User आ रहे है आते ही उनकी सबसे पहली Curiosity होती है की उनके करीबी क्या कर रहे है, उनके दोस्त क्या कर रहे है, उनके रिश्तेदार, यहाँ तक कि उनके पड़ोसी क्या कर रहे है, यहाँ शुरू होता है असली खेल, वो अपने पड़ोसी, रिश्तेदार, दोस्त के घर आई नई कार की फोटो देखते ही Like तो कर देते है,
लेकिन उनके मन में ये Feeling शुरू हो जाती है की कास वो वाली कार मेरे पास भी होती, बेशक उन्होंने 1 साल पहले ही एक नई कार क्यों ना ली हो, जैसे ही उनके करीबी से अपनी छुट्टियों को एंजॉय करते फोटो डाली, देखते ही मन में ये चाहत आ ही जाती है कि क्या Life जी रहा है ये इंसान, काश मैं भी यहाँ घूमने जा पाता,
जैसे ही किसी ने अपने घर हुई किसी महंगी पार्टी की तस्वीरे पोस्ट की मन में ये चाहत ना चाहते हुए भी आ जाती है कि काश मैं भी ऐसी पार्टी करता, आज कल तो लोग हर रोज़ के Highlights Social Media पर डालने लगे है, उसे देखते ही उनके मन में ये फील आनी शुरू हो जाती है की काश मैं भी ऐसा कर पाता,
कुछ दिन लगातार देखते रहने के बाद एक आधी फोटो Post करने की हैबिट शुरुआती लक्षण होते है, फिर हर रोज़ बस फोटो डालने के लिए वो माहोल Create किया जाने लगते है जिसमे खर्चे भी होते है और energy भी जाती है,
और जब ये Social Media Comparison करने की आदत बन जाती है कि पता ही नहीं चलता, कब हमें अपनी बहुत अच्छी Memory भी दूसरो को देख कर जबरदस्ती बनाने का मन करने लगता है हम ख़ुद भी नहीं जानते, क्योंकि तब हमें ये महसूस होने लगता है हम सबसे बेकार जीवन जी रहे है, जबकि वो लाइफ उनसे ज़्यादा Perfect है जिसकी Highlight हमने अभी अभी सोशल मीडिया पर देखी थी,
Social Media Comparison महंगी पड़ने लगती है
आपने कभी गौर किया है की आप जब आप लोगो से अपने Life को Compare करते हो तो इसका कितना बड़ा प्रभाव पड़ता है आपके लाइफ पर, क्या आपने कभी सोचा है जब आपकी Salary से भी ज़्यादा आपके खर्चे होते है और तब आप बीच रात को उठ कर सोचने लगते हो की अगली EMI में इतने पैसे चाहिए किससे बोलूँ, किससे कहूँ की वो पैसे दे दे,
जब आप अपने जीवन को दूसरे के जीवन से Compare करके जीते है तो आपके साथ क्या होता है,
- आप अपना सुकून होने लगते हो
- आप उठते, सोते Social Media को Scroll कर रहे होते हो जो आपको शुरुआत करते ही Stress में डाल देता है,
- आप हर समय दूसरों को Judge करते हो आप अपने Future को देख नहीं पाते और ना ही उसकी Planning करते हो
- आप अपने जीवन की वो बहुत छोटी छोटी खुशियों को कब miss कर देते हो आपको ख़ुद भी नहीं पता चलता
- आपका दिमाग़ और आपका घर बस Storage बन के रह जाता है जो किसी ना किसी नई चीज़ को संभल रहा होता है
- आप देखते देखते Social media के इतने आदि हो जाते हो की आपको Real दिखाई नहीं देती है
- आप कभी भी Real Situation कभी देख ही नहीं पातें
- आपके अंदर हमेशा मैं, मुझे भी चाहिए, मुझे भी करना है की भावना आने लगती है, जिससे जो आपके लिए नहीं है वो भी आप करते हो
- आप अपनी एनर्जी और अपना समय वहाँ लगाते है जिसकी आपके जीवन में कोई जरूरत नहीं थी,
ऐसी स्थिति में आते ही इंसान हमेशा Stress में जीने लगता है, हमेशा कुछ ना कुछ खोने का डर लगा रहता है, और तब वो किसी भी स्थिति में चाहे वो situation उस इंसान के लिए कितना भी ठीक क्यों ना हो उसमे रह ही नहीं पाता है,
हर Social Media के अंदर ये Habit होनी चाहिए
अगर आप Social media इस्तेमाल कर रहे है जो की बहुत जरूरी भी है आप अपनों से connected रह पातें है, आप हमेशा Persent में अपने परिवार, देश में चल रही situation को जान पाते है, ये एक अच्छी चीज़ भी है,
अगर आपके अंदर Mind को Detox करते रहने की हैबिट हो, ये जरूरी नहीं की हर इंसान के अंदर ये समझ हो की आपके लिए आपके जीवन के लिए क्या जरूरी है, और उसके हिसाब से चले ना की किसी की देखा देखी करे,
लेकिन अगर वो इंसान Mind को Social Media की लत लगने ही ना दें, तो सुकून पा सकता है, क्योंकि जब भी हम Compare करते है किसी दूसरे के life से ख़ुद के Life को तो हम ये देख ही नहीं पातें की उस इंसान के Struggle क्या है क्योंकि उसे वो post ही नहीं करता, हम बस उस इंसान के Highlights देखते है जिससे ख़ूब सजाया जाता है,
अगर हम Social Media इस्तेमाल करने के लिए अपना एक नियम बना लें कि –
- सुबह उठते ही या रात को सोने जाते ही Social Media का इस्तेमाल नहीं करेंगे,
- Social Media पर किसी की देखा देखी करने से पहले ये सोचेंगे की क्या ये मेरे लिए जरूरी है?
- पूरे दिन भर में Social Media का इस्तेमाल कितना करना है इस पर Limit लगायेंगे
- Social Media का इस्तेमाल कुछ Create करने के लिए करेंगे
- Real Life में involve रहेंगे, खेलेंगे, दौड़ंगे, दोस्तों के साथ घूमेंगे
- अपनों के बीच जब बैठेंगे तो फ़ोन को दूर रखेंगे
सोचिए इस Mindset से अगर हम Social Media का इस्तेमाल जब करते है तो हम Comparison से दूर हो जाते है, हम अपने जीवन को ज़्यादा समय देना सीख जाते है, जिससे बिना वजह होने वाली 99% Stress जीवन से ख़त्म हो जाती है,
Conclusion
सोचिए अगर आप हमेशा Social Media के हिसाब से चलेंगे तो आपका एक जीवन क्या कई जीवन निकल जाएगा, क्योंकि जीवन हमेशा कुछ ना कुछ करते रहने से सुकून नहीं देती, वो करने से देती है जिसकी ज़रूरत वाक़ई आपको है,
जरा सोचिए, आपने दूसरो की देखा देखी में कई कारें खरीद तो ली है, लेकिन अब क्या होगा,
आप कहीं निकलते समय अपना बहुत समय ये सोचने में लगा देंगे की आज कौन सी कार को इस्तेमाल की जाए, सभी कारों को मेंटेन करने का खर्च अलग और उसके बाद उन सभी कारों का बॉच आपके पार्किंग में तो है ही वो आपके दिमाग़ पर भी है, कहीं कोई कार ख़राब ना हो जाये, किसी में Scratch ना लग जाये,
ऐसे जीवन का क्या फ़ायदा जो आपका सुकून छीन ले, आपमें जितनी जरूरत है उतना ही ख़रीदने, करने, और चाहने की आदत होनी चाहिए जो आपको अंदर से सुकून देती है,
उम्मीद है इस पोस्ट से से आपके सोचने का नजरिया बदलेगा, कोई प्रश्न या सुझाव हो तो कृपया comment में लिखे, आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद, आपका दिन हमेशा शुभ रहे।
Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?
Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.















