अपने life में अपने लिए Goal हर इंसान बनाता है, लेकिन अपने Dream तक बस 1% लोग ही पहुँच पाते है, ऐसा नहीं है कि वो 1% लोग उन 99% लोगो से बहुत ज़्यादा काबिल और बहुत ज़्यादा Intelligent होते है, उन्हें खास बन उनकी Habit बनाती है, वो छोटी – छोटी आदत जो एक इंसान के मेहनत को धीरे धीरे compound करना शुरू कर देती है,
यही कारण है कि वो 1% उन 99% लोगो से अलग जीवन जीते है और हमेशा एक क़दम आगे रहते है,
मुद्दा ये है की कोई भी हैबिट पैदाइशी नहीं होती है वो धीरे धीरे बनती है रोज़ रोज़ दोहराने से, consistent रहने से, अगर आप अपने जीवन में कुछ भी हासिल करना चाहते है तो आपके अंदर आपके Goal के हिसाब से हैबिट होनी चाहिए तभी आप बहुत लंबे समय तक एक काम को कर सकते है, बिना रुके,
अगर आप ये सोच रहे है की मुझे एक perfect plan मिल जाएगा और आप सफल हो जायेंगे तो ये तय है कि आप तब भी हारने वाले है, क्योंकि आप बहुत दिनों तक उस काम को कर ही नहीं पाएंगे, लेकिन अगर आपने उस काम के हिसाब से अपने अंदर आदत बना ली है तो आपको बार बार motivation की जरूरत नहीं होगी और आप लंबे समय तक किसी भी काम को कर सकते है,
Habit बनाने के लिए जरूरी 6 Techniques
अगर आप किसी भी जरूरी काम में Consistent नहीं रह पाते और बार बार fail हो जाते है अपने action जिसकी वजह से बार बार Motivation ख़त्म हो जाता है, और आप बार बार शुरुआत करके भी अपने dream तक नहीं पहुँच पा रहे है तो आपको Habit को बनाने के ऊपर ध्यान देना चाहिए,
हर इंसान एक दिन में कुछ भी fluent करना नहीं सीखता उसके लिए उसे हर रोज़ अपनी Habit पर काम करना होता है, और किसी भी Habit को बनाने के लिए कुछ Technique है जिससे आप कुछ दिनों में Consistent हो जाते है अपने goal की तरफ़,
1. बस 1% की आदत
हम जब भी कुछ करना शुरू करते है तो एक दिन में ही उसमे महारत हासिल करने की सोचते है और इस वजह से बार बार fail हो जाते है, अगर हम हर रोज़ बस एक छोटी शुरुआत करे, जो भी हम करना चाहते है उसका बस 1% ही करने की सोच कर आगे बढ़े,
तो हमारा दिमाग़ उसे मान लेगा, जिससे एक समय के बाद हम उस action के advance version पर जा सकते है, जहाँ आज हमें 5 मिनट काम करना उबाऊ लग रहा है इस हैबिट से एक समय के बाद हम बिना ऊबे घंटों उस काम को कर सकेंगे,
2. Trigger बनाए
जब भी आप कुछ नया करना शुरू करते है तो आप उसे बहुत जल्दी ऊब जाते है, या भूल जाते है, लेकिन अगर आप किसी पुराने रेगुलर किए जाने वाले काम से उसे जोड़ दे तो आप आसानी से उसके लिए एक trigger बना सकते है,
जैसे मान लो की आपका goal Book Reading की Habit है लेकिन आप consistent नहीं है तो trigger बनाइए,
- जैसे सुबह Walk के बाद – आप कुछ मिनट पढ़ेंगे,
- जब आप Lunch करते है उसके बाद – थोड़ी देर पढ़ेंगे
- जब भी आपको Social Media देखने का मन करे – तो आप थोड़ी देर पढ़ेंगे,
- जब भी आपको ऊबने लगे – तो थोड़ी देर पढ़ेंगे,
इस तरह से आपका दिमाग़ इस नए हैबिट को पहचानने लगेगा और आपको इसके लिए कोई अलग से समय भी निकलने की ज़रूरत नहीं है, बस trigger बना कर आप आदत बना सकते है,
3. Environment बनाए
जब भी हम एक नई हैबिट को बनाते है तो हमारा दिमाग़ उस Comfort zone को छोड़ना नहीं चाहता और तब अगर उसे थोड़ी देर भी सोचने का मौक़ा मिल जाये तो वो नई आदत को ना करने का बहाना दे देगा,
इसके लिए आपको उस habit को रोज़ाना करने के लिए उसके हिसाब से Environment बनाना होगा, जैसे –
मान लो की आपको पढ़ने की हैबिट बनानी है तो Book आपके आसपास होनी चाहिए, जैसे सोते समय बेड के पास, आपके Working Area में, आपके Drawing room में, आपके Office बैग में यहां तक की ट्रैवल के दौरान भी आपके पास बुक होनी चाहिए, इससे आपका दिमाग़ ये बहाना बनाना बंद कर देगा की अभी तो कोई बुक है ही नहीं, तो क्या और कैसे पढ़ा जाये,
जो भी आप अपने आदत में लाना चाहते है उसे हर रोज़ करने के लिए आपको उसके हिसाब से अपने वातावरण को बनाना होगा,
4. हर रोज Yes है या नहीं
अगर आप कोई नई हैबिट सिख रहे है तो उसे Track भी करना होगा आपको, इसके लिए आप Calender का इस्तेमाल कर सकते है, और हर रोज Yes (Tick) होना चाहिए कि आपने उस आदत को दोहराया है,
ध्यान रखें कभी भी आपको एक दिन से ज़्यादा उस हैबिट को Break नहीं करना है,
क्योंकि अगर आप बीच में कई दिन skip कर देते है तो आप momentum को तोड़ देंगे और जब ऐसा होगा तो फिर से शुरू करने के लिए आपको बहुत ज़्यादा force लगाना होगा जिससे आप चाह कर भी कुछ नहीं कर पाएंगे, यहाँ तक कि आपका दिमाग़ भी उसे ना करने के कई सारे कारण दे देगा,
5. Align yourself again
अगर आप कोई नई Habit सिख रहे है और आपसे कुछ दिन वो हैबिट break हो गई आप नहीं consistent रह पाये तो ये मत सोचिए की ये आपके बस की बात नहीं है, फिर से शुरू करिए तुरंत,
कुछ भी मत सोचिए की आपने बीच में इसे छोड़ दिया, या इससे कुछ बदलेगा, आपका काम है उसे हर रोज़ दोहराना बिना सोचे, तो फिर से शुरू करिए और फिर से ख़ुद को उस हैबिट से align करिए,
इस तरह से आप फिर से rhythm में आ जाएँगे बिना किसी distraction के आपको.
6. ख़ुद को वजह दो
ध्यान रखिए अगर आप कोई Habit अपने अंदर बनने की कोशिश कर रहे है तो तब तक वो आपके लिए काम नहीं करेगी जब तक की आप उसे बार बार करने की ख़ुद को वजह नहीं देते, अगर आप उससे relate नहीं करते तब तक आपका काम नहीं बनेगा, आप बार बार fail होना शुरू हो जाएँगे,
वही अगर आप ख़ुद को उस Habit पर टिके रहने की वजह दे देते है तो आप देखेंगे की आपका दिमाग़ भी धीरे धीरे उस पर भरोसा करना शुरू कर देगा, यही वजह है कि जो लोग Struggle करते है वो लोग बार बार सफल हो जाते है अपने life में, अगर उन्हें समझ आ गया की इस struggle को कैसे कम किया जा सकता है,
Conclusion
आप तब तक अपने किसी dream में सफल नहीं हो सकते जब तक की आप उसके हिसाब से अपने अंदर Habit ना build कर लें, क्योंकि यही आदत आपके रोजाना consistent रहने में मदद करती है, इसकी वजह से आपको कम से कम अपनी energy लगने की ज़रूरत पड़ती है,
अगर आप consistent है तो आपकी मेहनत कुछ समय के बाद compound होना शुरू हो जाती है,
उम्मीद है इस post से आपके सोचने का तरीका बदलेगा, कोई प्रश्न या सुझाव हो तो अभी Comment में लिखिए, आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद, आपका दिन हमेशा शुभ रहे।
Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?
Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.














