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जिस चीज़ से आप हमेशा भागते हैं, वही सफल लोगों की सबसे बड़ी ताकत होती है।

Published On: August 6, 2026
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Boredom Focus Badhata hai

क्या आपने कभी ये महसूस किया है कि जब भी आप बहुत जरूरी टॉपिक पर सोचते है तो इससे पहले की पहचाने की किस वजह से आप struggle कर रहे है आपका दिमाग़ तुरंत ही switch कर देता है topic और वो सोचना शुरू कर देता है जो आपके dream है कोई Need है या कोई want है या जो भी आपके persent के situation है,

अब आपको ये समझ में ही नहीं आता कि आख़िर गलती कहाँ हो रही है, क्यों मैं स्ट्रगल कर रहा हूँ, ये कुछ ऐसा है कि आप आँख मुद कर कुछ ढूँढने की कोशिश कर रहे हो, कुछ ऐसा जो आपको पता ही नहीं है कि वो कैसे दिखता है, उसकी आपको जरूरत भी क्यों है,

ये बात तो आप भी समझते है कि आज आप और हम जहाँ भी है वो हमारे past के decisions और action की वजह से है, आप आज क्या करेंगे उससे ही आपका कल बनेगा, कल आप ख़ुद को कहाँ देखना चाहते है ये पहले आपके दिमाग में बनती है उसके बाद ही वो आपकी reality होती है,

लेकिन क्या आप ख़ुद को वहाँ तक कभी देख पाते है? नहीं,

क्योंकि आप वहाँ तक देखने के लिए खुद को free कभी करते ही नहीं है, आप कभी बोर होना ही नहीं चाहते है, आप जैसे ही बोर होते है आपको खालीपन लगता है और बस आप कुछ ना कुछ करना शुरू कर देते है, अपने दिमाग़ को busy कर लेते है जिसकी वजह से आपका दिमाग़ हमेशा उलझा होता है,

इस दौरान आपको जो सामने दिखाई देता है आप वो करते हो बिना ये सोचे की क्या ये आपकी जरूरत है क्या इससे आपका भला होगा, कुछ नहीं बस rate race का हिस्सा बन जाते है,

जिससे आप दूर भागते है सफल लोग की बड़ी ताक़त होती है

हम हमेशा कुछ ना कुछ consume करते है, और इसी में हमेशा हम busy रहते है, जैसे ही हम जो काम कर रहे है उसके ख़त्म होते ही दूसरा काम पकड़ा देते है हमारे दिमाग़ को dopamine का dose मिल जाता है, वो safe महसूस कर रहा होता है, उसे लगता है कि मैं कुछ ना कुछ तो कर रहा हूँ, मैं कैसे fail हो सकता हूँ अपने life में,

लेकिन जो भी सफल लोग है वो हमेशा deep work पर focus करते है, यानी किसी भी काम को बस करना ये नहीं बल्कि थोड़ा रुक कर ये सोचते है की क्या ये काम मेरे लाइफ में value add कर रहा है, क्या मैं इसमें अगर समय देता हूँ तो मैं अपने dream तक पहुँच पाऊँगा, अगर उन्हें इसका ans मिलता है उनके हिसाब से तो तभी वो आगे बढ़ते है वरना उस काम को छोड़ देते है,

उसके बाद दूसरा काम वो तब तक नहीं करते जब तक कि उन्हें उसके output के बारे में पता ना चल जाये, इनकी सबसे बड़ी ताक़त होती है ख़ुद को बोर करना ताकि उस boredom में वो देख पाये की वो जो कर रहे है क्या वो वाक़ई उनके लिए सही है,

वो जैसे ही बोर होते है उन्हें ये दिखाई देने लगता है की actual में उन्हें अभी क्या करने की जरूरत है,

क्योंकि उस समय उनका दिमाग़ बहुत कुछ नहीं कर रहा होता है इसलिए इस topic पर ज़्यादा देर तक सोच पाता है और किसी perfect conclusion पर पहुँच जाता है,

इस Boredom की हैबिट की ही वजह से वो सब कुछ नहीं करते बल्कि कुछ ही चीज़ें करते है लेकिन उसे perfect तरीक़े से करते है,

” लेकिन वही हमारी आदत इनसे बिल्कुल अलग होती है, हम जैसे ही बोर होते है घूमने निकल जाते है, स्मार्टफोन निकाल कर स्क्रॉल करने लगते है, म्यूजिक सुनने लगते है, वेब सीरीज देखना शुरू कर देते है, हम देखना ही नहीं चाहते ही ख़ुद को सुनना ही नहीं चाहते,

Boredom आपके Thinking को Strong बनाता है

अगर आप बहुत कुछ कर रहे है लेकिन आपको सफलता नहीं मिल रही है तो थोड़ा गौर करियेगा आप वो काम कर रहे है अभी जो पहले से कोई ना कोई कर रहा है या कर चुका है, आप बस उसे दोहरा रहे है, आप उसमे अपना कुछ भी जोड़ नहीं रहे हो, क्योंकि आपको लगता है आख़िर इस काम में और क्या ही जोड़ सकता हूँ,

इसमें आपकी अपनी पहचान छुप जाती है, और ये generic हैबिट बन कर रह जाती है,

जब आप Boredom को अपनाते हो अपने thoughts को सुनना और देखन शुरू कर देते हो तो आप topic के layers को पहचानने लगते हो, आप ये देखने लगते हो की अच्छा जो आज मैं कर रहा हूँ उसमे आगे क्या scope है, आप ये नहीं सोचते की अच्छा जो होगा देख लेंगे, आगे देखी जाएगी,

आपके पास Proper plan होता है अच्छा इसके बाद आपको क्या करना है, क्योंकि आपने अपने दिमाग़ को relax छोड़ रखा है बहुत सारे thoughts को process करने के लिए pressure नहीं दे रहे है तो वो बार बार किसी काम को बीच में ही भूल नहीं रहा है और तब वो एक टॉपिक पर बहुत देर तक focus कर पाता है,

कोई भी इंसान जब बोर होता है तो उस इंसान ख़ुद को इस तरह से reward करता है –

  • Mind Reset
  • Mind Muscles building
  • Creativity activation
  • Dopamine balance

Boredom आपने Mind को Reset करता है

जब भी आप कोई काम ऐसा करते है जिससे आपके life में कोई value नहीं add हो रही है लेकिन आपको अच्छा लग रहा है जैसे, Social Media, Videos, music जैसे बहुत सारे काम तो आपका दिमाग़ आपको dopamine spike देता है जिससे आपको अच्छा महसूस होता है,

जब आप कोई बहुत जरूरी काम करने जाते है तो आपका दिमाग़ को उसे करने में मज़ा नहीं आता है जिस वजह आपको बोरियत महसूस होती है, जब आप थोड़ा बोर होने देते हो ख़ुद को तो आपका दिमाग़ धीरे धीरे ये समझना शुरू कर देता है की आपके लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा तब आप बिना वजह अपना समय बर्बाद नहीं करते,

जब आपको फिर से कोई trigger महसूस होती है कि छोड़ना इसे चल video देखते है तो आप समझ जाते हो की आपका दिमाग़ आपको उलझा रहा है आपको जो जरूरी है बहुत उसे करना चाहिए,

Mind Muscle बनाता है

एक बहुत ही कमजोर दिखने वाला इंसान अगर आपने हैबिट में अच्छी diet और सही Exercise जब जोड़ देता है तो धीरे धीरे अपने शरीर को मजबूत बनाना शुरू कर देता है, देखते ही देखते एक समय के बाद शरीर पर muscle दिखाई देना शुरू हो जाता है, यानी शरीर मजबूत हो जाता है,

ठीक उसी तरह से जब आप एक बोर होना शुरू कर देते हो तो आप एक ही टॉपिक पर बहुत देर तक ध्यान देना शुरू कर देते हो जिससे आप और deep जाना शुरू कर देते हो, आप बनने वाली स्थिति को भी जानना और देखना शुरू कर देते हो, आप बहुत सारी possibility देख लेते हो, ये सब तब होता है जब आप एक ही ख़याल को बहुत देर तक पढ़ना शुरू कर देते हो अपने दिमाग़ में,

Mind Creative करना शुरू कर देता है

जब आप बोर होते हो तो दिमाग़ के पास process करने के लिए कोई दूसरा काम नहीं होता है, तब वो free होता है, और तब आपके दिमाग़ में,

  • नए Ideas आने शुरू हो जाते है
  • कोई Problem का solution आना शुरू हो जाता है
  • अपने ही thoughts पर आप सवाल उठाने शुरू कर देते हो की ये ठीक नहीं है ये ऐसे काम करता है,
  • आप deep thinking करना शुरू कर देते हो

आपको याद है कई बार आपके साथ ऐसा हुआ होगा कि आप कोई जरूरी चीज़ याद करने की कोशिश कर रहे हो लेकिन वो आपको याद नहीं आती, फिर जैसे ही आप थोड़ा relax होते हो सो जाते हो आपको तुरंत ही याद आ जाती है वो चीज़ बस इसलिए की आपके sub conscious mind से आपके दिमाग़ ने उसे ढूँढ लिया,

Dopamine को balance करता है

जब आप बोर होना शुरू कर देते हो और आपके thoughts को आप समझना शुरू कर देते हो तो आपके दिमाग़ में बहुत सारी चीज़ें जो चल रही होती है जो आपको मज़ा देती है आप उसे समझना शुरू कर देते हो,

तब जब आपका दिमाग़ कहता है की एक और video देख लेता हूँ आप कहते हो अभी नहीं अभी जरूरी काम है,

जैसे जैसे आप ख़ुद को dopamine hike देना बंद करते हो, धीरे धीरे अगली बार आपका दिमाग़ उसके पिछे भागना बंद कर देता है और बार बार जो आपका दिमाग़ swing होता है वो बंद हो जाता है, ये आदत आपके dopamine label को balance करना शुरू कर देता है,

Action Step

अब सवाल है कि इस हैबिट को कैसे अपनाया जाये क्योंकि जब तक आप किसी भी एक ख़याल पर टिकेंगे नहीं तब तक उसमे गहराई तक नहीं जा पाएंगे और जान ही नहीं पाएंगे की ये आपके लिए क्यों जरूरी है इसे कैसे करना चाहिए,

इसके लिए आपको Daily Boredom की practice करनी होगी,

हर रोज कम से कम 20 मिनट में लिए ख़ुद को बोर होने दीजिए, इस समय चलिए या बैठिए

  • बिना कोई music के
  • बिना किसी Screen के
  • ऐसी कोई भी चीज़ नहीं जिसमे आप उलझ सकते है

इस समय बस आसपास की चीज़ों और अपने thoughts को बस देखना है और समझना है, कुछ नहीं, शुरू शुरू में आपको बेचैनी होगी, लेकिन धीरे धीरे आप समझते जाएँगे और ये हैबिट आपके हर action में दिखाई देनी शुरू हो जाएगी, आप तुरंत ही deep work में उतर जाएँगे,

Conclusion

आप कितने काम करते है ये जरूरी नहीं है, जरूरी है की आप एक ही काम को कितने दिन से कर रहे है, क्योंकि अगर आप switch कर रहे है तो आपका रास्ता कभी ख़त्म नहीं होगा, focus को कई गुना बढ़ा देती है जब आप boredom को अपना लेते है, बस आपको अपने thinking को और मजबूत करने की जरूरत है,

इससे आप जो चाहते है उसे बहुत देर तक पकड़ सकते है और उसके साथ चल सकते है, जो चाहिए उसके साथ चलते जाइए, अपने dream तक आपको पहुचने से कोई नहीं रोक सकता,

उम्मीद है इस post से आपके सोचने का नजरिया बदलेगा, कोई प्रश्न या सुझाव हो तो comment में जरूर आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद, आपका दिन शुभ रहे !

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Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?

Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.

Naveen Pandey

लेखक परिचय: नवीन पांडे 18 वर्षों के लेखन अनुभव और 5000 से अधिक लेखों के साथ, नवीन पांडे एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर और 'माइंड दर्पण' के संस्थापक हैं। संघर्ष से सफलता तक के अपने सफर में उन्होंने डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी चुनौतियों को करीब से महसूस किया है। आज वे अपनी आगामी ई-बुक "Sharp Mind" और ब्लॉग के माध्यम से लोगों को सूक्ष्म आदतों (Micro-Habits) की शक्ति से परिचित करा रहे हैं। उनका मिशन मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सफलता का एक सरल, व्यावहारिक रोडमैप प्रदान करना है। नवीन का मानना है कि छोटी-छोटी आदतें ही जीवन में बड़ा बदलाव लाती हैं।

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