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Gym की आदत टिकती क्यों नहीं? 90% लोग शुरुआत में यही गलती करते हैं।

Published On: June 28, 2026
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Gym क्यों छूटता है_

कुछ साल पहले की बात है मैंने Gym की मेम्बरशिप क़रीब 5 बार ली और बस 15 दिन जिम जा कर उसे छोड़ दी, जब भी मैं Gym छोड़ता था और दुबारा जॉइन करने की सोचता था तो उसके बाद बड़े जोश से ख़ुद को बोलता था की नहीं इस बार नहीं छोड़ूँगा, इस बार Gym कंटिन्यू रहेगा हमेशा,

लेकिन फिर ज़्यादा से ज़्यादा 30 दिन उसके बाद Gym छूट ही जाता था, ये थी मेरी कहानी लेकिन मेरी इस बात से आप भी इनकार नहीं करेंगे की 100 में से 90% लोग Gym छोड़ ही देते है कुछ दिनों के बाद, ऐसा नहीं है कि वो सभी जिम नहीं जाना चाहिए, हेल्थ के बारे में सोचते नहीं है,

आज आपको इसकी असली वजह बताने वाला हूँ और आप भी इसे रिलेट ज़रूर करेंगे की आख़िर ऐसा क्या होता है जिस वजह से जिम जाना ज्यादातर लोग छोड़ देते है,

Gym की शुरुआत आसान Continuity मुश्किल क्यों?

जब मैंने Gym की मेम्बरशिप पहले ली तो मैं क़रीब 3 महीने तक जाता था, और पता नहीं कब मैंने जिम जाना बंद कर दिया, फिर जब छूटा तो दुबारा कभी गया ही नहीं मैं, उसके बाद जब फिर से लगा की जिम जाना जरूरी है तो दुबारा मेम्बरशिप लेने के बाद फिर से जिम जाना छोड़ दिया,

पता है इसकी असली वजह क्या थी, ऐसा नहीं था कि मुझे एक्सरसाइज करना अच्छा नहीं लगता था उस समय, इसकी वजह बहुत छोटी छोटी थी, और यही वजह है कि 90% लोग Gym नहीं जा पाते हमेशा,

आज इंटरनेट की वजह से हेल्थ के बारे में बहुत अच्छे से समझ पाते है लेकिन फिर भी Exercise के लिए कंसिस्टेंट नहीं रह पाते, रीज़न बहुत छोटी छोटी है, जैसे –

  • Gym हफ़्ते में 4 दिन भी गए तो भी ठीक है
  • एक साथी नहीं जाता उस दिन आपका भी मन नहीं होता जिम जाने का
  • मेहनत से भागने की वजह से Gym छूट जाता है
  • Gym जाने से क्या आख़िर क्या होता बस बॉडी अच्छी दिखाई देगी, वो तो मैं अब भी हूँ बस थोड़ा ही पेट बाहर है इतना तो चलता है,
  • किस टाइम सबसे अच्छा रहेगा gym जाना, कहीं मैं ग़लत समय पर जिम तो नहीं जा रहा हूँ
  • ट्रेनर कमाना चाहता है इस वजह से मुझे पर्सनल ट्रेनर रखने के लिए बोल रहा है,
  • ये जिम बहुत ज़्यादा महँगा है
  • इस जिम की साफ़ सफाई अच्छी नहीं है

ऐसे ना जाने कितने कारण होते है, कितने ऐसे कारण है जिन्हें मुझे यहाँ लिखने में भी शर्म आती है जिसकी वजह से लोग जिम नहीं जातें है या जातें है तो कंटिन्यू नहीं करना चाहते है,

जब मैंने थोड़ा सोचा की आख़िर मेरे जिम नहीं जाने का सबसे बड़ा कारण क्या था –

मैंने पाया कि मैं ज्यादातर जिम छोड़ने का कारण था कि मेरा साथी जो जिम मेरे साथ जाता था उसने जाना बंद कर दिया था जिम, या कई बार मुझे ये भी महसूस हुआ कि अगर वीक में 4 दिन भी Gym जाता हूँ तो भी चलेगा,

90% लोग Gym सेहत बनाने के लिए नहीं शुरू करते

अगर मैं आपसे कहूँ की जिम शुरू करने वाले 90% लोग सेहत बनाने के लिए शुरू ही नहीं करते तो शायद आपको अटपटा सा लग सकता है लेकिन ये सच्चाई है, ऐसा क्यों है समझिए,

क्या आपने किसी को ये कहते सुना है कि मैं फीट रहने के लिए जिम जॉइन करना चाहता हूँ, बल्कि आपको ज्यादातर लोग ये बोलेंगे की मुझे अच्छा दिखने के लिए जिम जाना है, यानी अगर कोई मोटा है तो उसे अपना वजन कम करना है, कोई थोड़ा दुबला है तो उसे अपना वजन बढ़ाना है ताकि वो अच्छा दिख सके,

अब आप कहेंगे कि आख़िर एक्सरसाइज करने के बाद सेहत तो बनती ही है, हाँ बनती है लेकिन इस सोच की वजह से भी आप कुछ दिनों के बाद Gym जाने से कतराने लगते है, क्योंकि जब जिम में मेहनत करनी पड़ती है तो मन में लगता है कि अभी भी तो मैं अच्छा ही दिखता हूँ इतनी मेहनत करने की क्या जरूरत है,

ऐसे कई वजह है जिसके लिए लोग जिम शुरू करते है ना की सेहत बनाने के लिए जैसे की –

  • मुझे अच्छा दिखना है जैसा कि हमने अभी देखा
  • सेल्फी अपलोड करनी है ताकि लोगो को लगे की मैं उनसे ज़्यादा intelligent हूँ
  • जिम जाना एक ट्रेंड है तो ट्रेंड को कैसे छोड़ दूँ,
  • Gym जाने वाले लड़के या लड़कियों के अच्छे दोस्त बनते है
  • जिम जाने से लोग मुझसे डरेंगे मेरी बॉडी देख कर मेरा एक अलग रुतबा होगा

सच बताइयेगा क्या मैं ग़लत कह रहा हूँ?

जी नहीं, क्योंकि ऐसा ही होता है, ये जितने भी कारण है ये ज़्यादा दिन तक जिम जाने की वजह नहीं बन सकते क्योंकि ये समय के बाद ठंडा हो जाता है,

जो लोग कई सालों से जिम जा रहे है वो अब इस फीलिंग से बहुत ऊपर उठ चुके है, अब उनकी बॉडी को उसकी जरूरत है, वो समझ चुके है की मैं अगर अभी ये समय अपने हेल्थ पर इन्वेस्ट करता हूँ तो मेरा आने वाला समय अच्छा होगा,

बढ़ते उम्र में मेरी दवाईयां देर से शुरू होगी, मैं तब भी फिट रहूँगा जब लोग बूढ़े हो चुके होंगे, और यही वजह है कि लोग आज भी कंसिस्टेंट है,

ये लोग को जिम को Subscription की तरह देखते है, की जैसे फ़ोन में रिचार्ज जरूरी है उसी तरह से ये सब्सक्रिप्शन भी लाइफ का एक जरूरी हिस्सा है, ये लोग अब ये नहीं सोचते की अगर कोई जाएगा तभी मैं जिम करने जाऊँगा, उनका अपना एक रूटीन है बस उसे वो फॉलो करते है,

Gym में Consistent रहने के लिए ये 4 चीज़ें ज़रूरी है

अगर आप जिम शुरू करना चाहते है और उस पर कंसिस्टेंट भी रहना चाहते है तो आप इन 4 जरूरी चीज़ों पर ध्यान दे सकते है, ये आपको ज्यादातर Support करती है जिसकी वजह से आप लंबे समय पर Gym को Continue कर सकते है, क्योंकि किसी भी काम को करने के लिए असली वजह आपके पास जब होती है तो आपका ध्यान उसे छोड़ने के लिए बार बार बिचलित नहीं होता,

Mindset – सबसे पहले तो आपको अपने माइंडसेट पर काम करना होगा अगर आप जिम जाना चाहते है और रेगुलर रहना चाहते है, माइंडसेट कर मतलब है की आपके पास जिम जाने की असली वजह होनी चाहिए, जो की आपको फिट रहना है, जैसे शरीर के लिए खाना जरूरी है उसी तरह से शरीर के स्टैमिना को इम्प्रूव करने के लिए Exercise जरूरी है,

स्टैमिना ही है जो 60 साल की उम्र में आपको 40 का फील करा सकती है, और कई बार 40 की उम्र में 60 का भी महसूस कर सकती है, तो जिम शुरू करने से पहले ख़ुद को ये बताइये की जिम क्यों जरूरी है आपके लिए, जब आप एक बार समझ गए की क्यों जरूरी है तब बहुत कम कारण बच जाएँगे जिम नहीं जाने के,

Workout Balance – जिम जाने का एक्सरसाइज करने के ये मतलब बिल्कुल नहीं होता की आप अपने शरीर को टॉर्चर करना शुरू कर दो, अगर आपको अच्छा दिखना है ये सही है लेकिन ये बिल्कुल जरूरी नहीं है की अगर आप अपने शरीर को और ज़्यादा साइज में बड़ा कर लो तो ही आप अच्छे दिखोगे,

और तब आपको ज़्यादा खाना पड़ेगा और ज़्यादा एक्सरसाइज करना होगा, आपका पसंदीदा स्टार जो स्क्रीन पर अपने एक अच्छे बॉडी के साथ आपको दिखाई देता है, ये उसकी दुनिया है इसके लिए वो बहुत कुछ करता है, उसके पास उसे पूरा करने के लिए पैसा है, और जब वो अपने बॉडी पर वो पैसा इन्वेस्ट करता है तभी आप उसे स्क्रीन पर देखना चाहते हो, स्क्रीन पर देखने के लिए आप पे करते हो, और इसलिए उसने अपनी बॉडी पर काम किया है,

अब ये जरूरी नहीं है की आपको भी वैसा ही दिखने के लिए जिम जाना है, नहीं बिल्कुल नहीं, आप ख़ुद में यूनिक हो आपको किसी की तरह बनने की जरूरत नहीं, इसलिए अपनी बॉडी टाइप को देखते हुए खाना और एक्सरसाइज करना चाहिए, क्योंकि बॉडी जो साइज में बड़ी होती है उसमे 70% खाना (डाइट) होता है और बस 20% ही Exercise होती है,

फिक्स्ड टाइमिंग – अगर आपको जिम में कंटिन्यू रहना है तो अपनी टाइमिंग का विशेष ध्यान रखें, आपको कोशिस करना है की आप हमेशा एक ही समय पर जिम जाए, ऐसा नहीं है कि आपका जब मन करे तब ही आप जिम चले गए, क्योंकि इससे आपका बायोलॉजिकल क्लॉक बिगड़ सकता है, और उसका इफ़ेक्ट आपके बॉडी पर दिखाई देना शुरू हो जाएगा,

अगर आपेक फिक्स समय अपने लिए बनाते है तो उस समय एक्सरसाइज के लिए आपका शरीर भी आपका साथ देता है, और आप ज़्यादा टार कंटिन्यू रहते है,

डाइट और स्लीप – सबसे जरूरी बात आपके शरीर को अच्छा दिखाने में एक्सरसाइस के अलावा सबसे बड़ा रोल है आपके डाइट और अच्छी स्लीप का, अगर आप बस जिम जा रहे है और डाइट और रेस्ट का अच्छे से ध्यान नहीं रखते है तो इसका उल्टा असर आपको दिखाई देना शुरू हो जाएगा,

इसलिए जब आप एक्सरसाइज कर रहे है तो अपने डाइट और रेस्ट का खास ध्यान रखने की जरूरत होगी, तभी आप रेगुलर रह पाएंगे जिम के लिए,

Conclustion

आज Gym एक Trend बन चुका है सभी लोग जिम जा रहे है और उतने ही छोड़ भी देते है, क्योंकि इसे बहुत दिन तक कंटिन्यू करने का सही रीज़न बहुत कम से पास होती है, ज्यादातर लोगो को लगता है की बस सभी कर रहे है तो हमें भी करना चाहिए, कहीं हम पिछे ना छूट जाये,

Gym जाना जरूरी है लेकिन इसे ट्रेंड के साथ जोड़ना सही तरीका नहीं है, एक्सरसाइज का मतलब सेहत से होना चाहिए और तभी असली वजह होगी जिम में बहुत दिनों तक रेगुलर रहने का,

उम्मीद है इस जानकारी से आपके सोचने का तरीका बदलेगा, कोई प्रश्न हो तो कमेंट में जरूरी पूछे, मुझे खुशी होगी !

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हर नई आदत 5 दिन बाद छूट जाती है? यही वजह है कि 99% लोग Consistent नहीं रह पाते !!

Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?

Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.

Naveen Pandey

लेखक परिचय: नवीन पांडे 18 वर्षों के लेखन अनुभव और 5000 से अधिक लेखों के साथ, नवीन पांडे एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर और 'माइंड दर्पण' के संस्थापक हैं। संघर्ष से सफलता तक के अपने सफर में उन्होंने डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी चुनौतियों को करीब से महसूस किया है। आज वे अपनी आगामी ई-बुक "Sharp Mind" और ब्लॉग के माध्यम से लोगों को सूक्ष्म आदतों (Micro-Habits) की शक्ति से परिचित करा रहे हैं। उनका मिशन मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सफलता का एक सरल, व्यावहारिक रोडमैप प्रदान करना है। नवीन का मानना है कि छोटी-छोटी आदतें ही जीवन में बड़ा बदलाव लाती हैं।

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