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हर सोमवार नई शुरुआत… फिर भी ज़िंदगी क्यों नहीं बदलती? 

Published On: July 2, 2026
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josh nahi system chahiye

अगर आप बहुत कुछ करना चाहते है लेकिन कर कुछ नहीं पातें तो आप भी उन 90% लोगो में है जो हर सोमवार को एक नई शुरुआत करते है लेकिन कभी भी दूसरे हफ्ते भी अपनी उस शुरुआत पर कंसिस्टेंट नहीं रह पातें, वो एक लूप में फसें रहते है हमेशा, वो हर सोमवार को शुरू तो करते है लेकिन इसी वीक में वो फेल भी हो जातें है,

अगर आप पिछले 5 सालों से एक ही पैटर्न पर अपने जीवन को जी रहे है, आपके लाइफ में, मेंटली, फिजिकली, और फाइनेंशियली कोई इम्प्रूवमेंट नहीं हो रही है तो आपको आगे कुछ नया करने की नहीं बल्कि अपने हैबिट पर ग़ौर करने की ज़रूरत है, क्योंकि हर सोमवार को आप कुछ शुरू करते है और रविवार पूरा होने से पहले ही आप फेल हो जाते है,

तो परेशानी आपके प्लान में नहीं है, आपके सोचने के तरीक़े में है, मैं कैसे ऐसे लोगो को जानता है अपने जीवन में, जिनसे जब भी मैं मिलता हूँ वो अपने प्लान शेयर करते है की बस अब बहुत जल्द सब कुछ बदलने वाला है, लेकिन कुछ महीनों में वो फिर से वही रहते है,

कुछ नया करने की कोशिश में कुछ भी नहीं कर पाते

आज हम सोचने से ज़्यादा दूसरों की कॉपी करते है और यही वजह है कि हम सोमवार को मोटिवेशन में आकर कुछ नया शुरू करते है, लेकिन जैसे ही शुरू करते है वो शुक्रवार होते तक फेल होने लगता है, क्योंकि जो हमने शुरू किया है वो हमारे लिए था ही नहीं, या कई बार जब हमें वो ज़रूरत से ज़्यादा पेचीदा लगने लगता है हम उसे छोड़ देते है,

उसके बाद फिर से कुछ और शुरू करने की सोचते है, और यही लूप हमेशा चलते रहता है,

मैंने क़रीब 2007 से काम करना शुरू किया था, मैंने एक पैटर्न नोटिस किया की किसी भी काम को जब हम शुरू करते है तो क़रीब क़रीब 3 से 6 महीने हमें उसे सीखने में लग जाते है, अगर आप ज़्यादा ऐसे इंशान है जो बहुत जल्दी सीख जाते है तब ये मुमकिन है, अगर ऐसा नहीं है तो आपको 1 साल भी लग सकता है,

उसके बाद अगले 6 महीने से 1 साल आप काम करते है, शुरुआत में आप जो करते है उसमे क्वालिटी नहीं होती है लेकिन फिर जब आप करते जाते है तो धीरे धीरे आप उसमे माहिर होने लगते है, और उसके बाद आप उस काम में रफ़्तार पकड़ने लगते है, यानी कुल मिलाकर आप जो कर रहे है उसमे कुछ भी हासिल आपको दूसरे या तीसरे शाल से होना शुरू होता है,

लेकिन आज हम बहुत जल्दी रिजल्ट के चक्कर में किसी भी काम को इतना समय देते ही नहीं है, उसकी वजह है हमारे सोचने का तरीका, जो की हर नई वीडियो एक साथ बदल जाता है, हमें लगता है कि हम जो अभी कर रहे है उससे अच्छा तो ये वाला है इसमें सफलता जल्दी मिल जाएगी क्योंकि इस इंशान को इसमें सफलता मिल चुकी है,

हम अपने शुरुआत को किसी के सफलता के दिनों से कंपेयर करना शुरू कर देते है, और यही वजह है हमें बार बार शुरू करना पड़ता है, और यही हमारे फेलियर का सबसे बड़ा कारण भी है,

लेकिन इसे ठीक किया जा सकता है, कुछ बातों को ध्यान में रखकर, ये बहुत आसान है, क्योंकि आज जो भी सफल है वो सात दिन के मेहनत के बाद सफल नहीं हुए है, उन्होंने कई साल दिए है तब जा वो अपने किसी एक स्किल में माहिर बन पाये है,

  • काम वो जो उबाऊ ना हो
  • कम से कम 1 से 2 साल का समय
  • सफलता नहीं प्रोसेस में मज़ा आना चाहिए
  • अपना एक विजन होना चाहिए, कॉपी नहीं
  • वैल्यू जोड़ना सबसे पहली प्रायोरिटी

काम वो जो उबाऊ ना हो

अगर आप हमेशा नया कुछ सोच रहे है तो वो चुनिए जो आपको करने में अच्छा लगता हो, आप उसमे ऊबते नहीं है, जैसे मुझे लिखना ज़्यादा पसंद है, मैं इसमें बोर नहीं होता हो, मैंने कई लोगो को देखा है वो बोर होने लगते है, वो जब भी कुछ लिखने बैठते है उन्हें समझ में ही नहीं आता शुरू कहाँ से करे, उनके दिमाफ़ में बहुत कुछ होता है लेकिन वो लिख नहीं पातें, क्योंकि को तो नींद आने लगती है,

लेकिन मैं घंटों लिख सकता है किसी भी टॉपिक पर, शायद इसे मैं कई सालों से कर रहा हूँ ये भी एक वजह हो सकती है, लेकिन अब मुझे अच्छा इसलिए भी लगता है कि मैं अपने रीडर के परेशानियों को शायद समझ पाता हूँ और जब उन्हें उसका सलूशन देता हूँ तो मुझे अच्छा महसूस होता है,

इसलिए कुछ भी शुरू करने से पहले ये देखिए की आप क्या ऐसा कर सकते है जो आपको करने में अच्छा लगता है, इसे आप बहुत दिनों तक कर सकते है बिना रुके और यही आपको चाहिए,

कम से कम 1 से 2 साल का समय

जब भी आप कुछ भी शुरू करने जाये तो एक बात का ध्यान जरूर रखिए, आपको कम से कम 1 या 2 साल उस काम को देने ही होंगे, क्योंकि पहला साल तो आपको सीखने में ही देना होगा, क्योंकि बाहर से आपको लग सकता है कि ये बहुत आसान है लेकिन जब आप उसे करने जाएँगे तो आपको ये महसूस होना शुरू हो जाएगा की मुझे इसमें सीखने की जरूरत है,

आप में से कई लोगो को ऐसा लग सकता है कि इस लेख में ऐसा क्या है इसे तो कोई भी लिख सकता है मैं भी, हाँ आप लिख सकते है, लेकिन आपको इसमें बहुत समय देना होगा, बहुत सारा समय, क्योंकि आप जो लिख रहे है उसका कुछ मतलब भी होना चाहिए, और इससे किसी के जीवन में वैल्यू भी जुड़नी चाहिए, क्योंकि कोई भी अगर अपना 10 मिनट आपको दे रहा है तो उसे इससे कुछ मिलना भी चाहिए,

किसी भी काम को रफ्तार पकड़ने के लिए कम से कम 12 से 24 महीने लगते ही है, उतना समय आपको देना ही होगा, अगर कोई जादू हो जाये तो ही हो सकता है कि आपको रिजल्ट आपके काम का कुछ दिनों में आ जाये,

सफलता नहीं प्रोसेस में मज़ा आना चाहिए

आपने कभी ना कभी ये जरूर सुना होगा की “कर्म कर फल की चिंता मत कर” जी हाँ, अगर आप शुरू में ही फल के ऊपर ध्यान लगायेंगे तो आप ऊब जायेंगा, फ्रस्टेट हो जाएँगे आपका मन अपने काम पर कभी लगेगा ही नहीं, आप कभी भी अपना 100% उस काम को दे ही नहीं पाइएगा,

वही अगर आपको प्रोसेस में ज़्यादा मज़ा आने लगेगा तो आप रिजल्ट की आशा कम हो जाएगी, जिस वजह से आप काम पर ज़्यादा से ज़्यादा फोकस लगा पाएंगे और इसी वजह से आपको रिजल्ट आसानी से मिल जाता है, आप किसी भी सफल लोगो से जब बात करेंगे आपको एक बात उनमे कॉमन दिखाई देगी की उन्हें पता ही नहीं चला कि कब उन्होंने इतना कुछ हासिल कर लिया,

हाँ शुरू शुरू में उन्हें भी रिजल्ट की आस थी लेकिन धीरे धीरे उनका मन अपने काम पर ज़्यादा लगने लगा, उस काम ने उनके जीवन को पूरी तरह से पूरा कर दिया, वो बोर कम होने लगे, उन्हें बस उसे पूरा करने में आनंद आने लगा, ऐसा नहीं है कि आप पूरी तरह से रिजल्ट की आस छोड़ देते है,

लेकिन हाँ ये ज़रूर है कि आप हर समय रिजल्ट को नहीं देखते, और यही वजह की कब आप इतना कर देते है की आपको उसका रिजल्ट मिलना शुरू हो जाता है

अपना एक विजन होना चाहिए, कॉपी नहीं

हम में से ज्यादातर लोग जो बीच में ही अपना काम छोड़ देते है उनकी सबसे बड़ी प्रॉब्लम ये होती है की उन्हें पता ही नहीं चलता की उन्हें करना क्या है अब आगे, क्योंकि वो लोगो को कॉपी करते है, कुछ साल पहले मैंने एक कैसिफ़ाइड पोर्टल शुरू किया था जिसे मैंने बहुत सफल तरीके से 4 साल ऑपरेट किया,

कुछ सालों के बाद मुझे ये रियलाइज होने लगा कि ये बिज़नेस मेरे लिए नहीं है, क्योंकि इसके लिए इन्वेस्टमेंट चाहिए, और वो मेरे पास नहीं है, अब क्योंकि ये कॉपी था इसलिए मैं ये नहीं समझ सका कि कल इसका परिणाम क्या निकलेगा, क्योंकि किसी भी बिज़नेस को एक समय के बाद थोड़ा पुश करना ही होता है,

इसलिए आप चाहे कुछ भी करने की सोच रहे है, चाहे वो कॉपी ही क्यों ना हो पूरी तरह से कॉपीड नहीं होना चाहिए, क्योंकि उसे लेकर आप बहुत दिनों तक आगे नहीं बढ़ सकते है एक समय ऐसा आएगा की आप फेल हो जाएँगे, मैंने 2015 में इस पोर्टल को बंद कर दिया इसकी वजह ये थी कि मैं कुछ ऐसा काम करना चाहता था जिसमे मुझे हर समय ना लगे ना रहना पड़े,

काम मेरे लिए जरूरी है लेकिन अपना पूरा समय देकर नहीं, क्योंकि मेरी असली लक्ज़री मेरे परिवार के साथ बिताए गया समय है, बहुत सारा पैसा नहीं !

वैल्यू जोड़ना सबसे पहली प्रायोरिटी

अगर आप कुछ कर रहे है तो आपकी सबसे बड़ी प्रायोरिटी होनी चाहिए की उस काम से किसी के जीवन में वैल्यू आप जोड़ सके, अगर आप ऐसा नहीं कर रहे है तो आप अपना समय बर्बाद कर रहे है, ये काम आप बहुत दिनों तक साथ लेकर नहीं चल पाएंगे, क्योंकि जब आप वैल्यू नहीं देंगे तो आपको इसे करने के लिए कभी वजह नहीं मिलेगी, चाहे वो आंतरिक हो या फाइनेंशियली हो,

आज 99% काम आप इसी वजह से छोड़ देते है, क्योंकि आप उसमे कोई वैल्यू जोड़ ही नहीं पातें, सोचिए अगर आप अभी इसे पढ़ रहे है और पढ़ते पढ़ते आपको लगे की इसमें तो सब कुछ जेनेरिक जानकारी है, जो पहले से बहुत सारी जगह पर मौजूद है तो आप यहाँ सुकेंगे ही नहीं, इस लेख में आपको कुछ ख़ास नज़र आ रहा है तभी आप यहाँ अभी है,

यही वैल्यू है, और जब आप इसे जोड़ देते है तो ये सबके लिए हो जाता है, आपके लिए भी और आपके रीडर या ग्राहक के लिए,

Conclusion

अगर आप बस प्लान ही बना रहे है और आप कुछ अचीव नहीं कर पा रहे है तो सबसे बड़ी परेशानी उस प्लान में नहीं है परेशानी आपके एक्ज़क्यूशन में है आपके सोचने के तरीके में है, क्योंकि चाहे आप कुछ भी कर लीजिए जब तक वो काम की रफ़्तार नहीं बढ़ेगी आप उससे कुछ भी हासिल नहीं कर पाएंगे, और इसके लिए आपको समय और अपना विज़न इसमें देना होगा,

किसी भी काम को करने से पहले बहुत सोचिए, लेकिन जब आप शुरू कर दे तो 90% काम और 10% सोचिए, क्योंकि अब समय है बस काम करने का, जब आप काम करते है तो आगे का रास्ता अपने आप आपको दिखाई देने लगता है, बस आपको उसे देखने आना चाहिए,

उम्मीद है आपको इस लेख से सही दिशा मिलेगी, कोई प्रश्न या सुझाओ हो तो जरूर कमेंट में लिखे, धन्यवाद !!

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Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?

Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.

Naveen Pandey

लेखक परिचय: नवीन पांडे 18 वर्षों के लेखन अनुभव और 5000 से अधिक लेखों के साथ, नवीन पांडे एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर और 'माइंड दर्पण' के संस्थापक हैं। संघर्ष से सफलता तक के अपने सफर में उन्होंने डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी चुनौतियों को करीब से महसूस किया है। आज वे अपनी आगामी ई-बुक "Sharp Mind" और ब्लॉग के माध्यम से लोगों को सूक्ष्म आदतों (Micro-Habits) की शक्ति से परिचित करा रहे हैं। उनका मिशन मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सफलता का एक सरल, व्यावहारिक रोडमैप प्रदान करना है। नवीन का मानना है कि छोटी-छोटी आदतें ही जीवन में बड़ा बदलाव लाती हैं।

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