क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपने कोई जरूरी काम ये कह कर टाल दिया है कि मूड नहीं है, लेकिन क्या अभी भी आप ऐसा ही करते है, तो ये तय है कि आपकी मेहनत आपका मूड ही तय करता है, आप ज्यादातर अपने काम को करने से पहले अपने मूड को अहमियत देते है, की क्या अभी मन है उस काम को करने का,
अगर बात यहाँ तक आ गई है तो ये भी सच है की आपके ज्यादातर काम पेंडिंग होते होंगे, आपकी Priority आपके मूड से ही शुरू होती है और आपके मूड से ही ख़त्म, अगर ऐसा है तो आपको सावधान होने की जरूरत है,
आपको जानकर हैरानी होगी कि एक भी सफल इंसान ने मूड को कभी अहमियत नहीं दी, उन्होंने पहले अपने काम को priority दी है,
आपके लिए एक सवाल –
सोचिए दो दोस्त है, दोनों एक ही जीवन जी रहे है, दोनों के हालात एक जैसे है, लेकिन उनकी मेंटल थिंकिंग अलग है, एक जो हमेशा मूड के हिसाब से चलता है, जब उसका मन होता है वो तब अपने काम करता है,
वही दूसरा दोस्त मूड नहीं Discipline से काम करता है, उसने कंसिस्टेंट रहने का फैसला किया, रोज़ अपने अंदर इम्प्रूवमेंट ला रहा है, अपने सभी काम समय पर करता है उसका बाद आराम भी करता है और नई चीज़ों को एक्स्प्लोर भी करता है,
आपको क्या लगता है अगले 5 साल में दोनों कहाँ होंगे, – उतार आपके पास है फिर भी आइए देखते है –
पहला दोस्त कहीं भी नहीं पहुँच पायेगा, क्योंकि उसमे कोई इम्प्रूवमेंट नहीं है, वही दूसरा दोस्त साल में 366% इम्प्रूवमेंट अपने अंदर लाता है, उसने अभी तक कई Skill को मास्टर लिया है,
ये कहानी बिल्कुल साफ़ है, आप एक दिन 8 घंटे काम कर लें और अगले 8 दिन तक कुछ ना करे तो आप किसी भी Skill को मास्टर नहीं कर पाइएगा, वही अगर आप हर रोज बस 1 घंटा अपने उस स्किल को देते है तो आपने अंदर इम्प्रूवमेंट साफ़ दिखाई देगी,
8 सालों में 100% ग्रोथ की वजह एक है
मैं भी बहुत लोगो की तरह लोअर मिडल क्लास फ़ैमिली से हूँ, 2007 में जब मैंने काम करना शुरू किया था तो उस समय मेरी उम्र 17 के आसपास ही थी, फाइनेंशियली बहुत वीक होने की वजह से ही मैंने इस उम्र से ही काम करने को चुना, लगभग 2018 तक मैं काम तो करता था लेकिन कुछ हद तक मूड के साथ ही,
मैं इसे पूरी तरह से तो नहीं कहूँगा, लेकिन 60% किसी भी काम में मूड का योगदान होता था, मेरे साथ ऐसा था कि अगर आज काम नहीं किया तो महीने में परेशानी हो सकती है, इस डर ने मुझे 40% मूड को ज़्यादा अहमियत देने रोका और काम को इम्पोर्टेंस देना जरूरी रखा, लेकिन फिर भी जब भी उस दिन का काम हो जाता था तो मैं आगे कुछ नहीं करता था,
ऐसे समझिए, मेरे उस समय काम करने का तरीका ज्यादातर ये होता था कि अगर आज कुछ भी इनकम हो गई और अभी सुबह के 11 ही हो रहे है तो उस दिन मैं आगे कोई काम नहीं करता था, उसके अगले दिन अगर इनकम होने में अगर साम के 5 भी हो रहे है तो भी मैं काम कर रहा हूँ, कुछ हद तक मैं ठीक था लेकिन 100% नहीं,
लेकिन जब मुझे ये महसूस होने लगा कि ऐसे बात नहीं बनेगी, अगर काम करना है तो उसे एक टाइम फ्रेम में बाँटना होगा, यानी अगर दिन में 6 या 7 घंटे काम करना है तो उस समय मूड या इनकम को बीच में नहीं लाना है, उतना समय काम करना ही है, तभी ग्रोथ दिखाई देगी, और इस हैबिट ने काम किया,
2018 में जब मैंने पूरी तरह से फुल टाइम कंटेंट क्रिएशन शुरू किया और हर रोज़ 6 से 7 घंटे कम से कम देने शुरू किए, तो अगले 1 साल में उसका असर दिखाई देना शुरू हो गया, इस दौरान मुझे अपने जीवन में 100% ग्रोथ मिली, फिर चाहे फाइनेंशियली हो या मेरे पर्सनालिटी इम्प्रूवमेंट में हो,
यहाँ तक मैं मूड के साथ चलना छोड़ चुका था, आज क़रीब 8 साल हो रहे है लेकिन अभी भी जो पैटर्न मैंने अपने अंदर बिल्ड की है मैं उसी तरह से आज भी काम कर रहा हूँ,
आज जब मैं इस आर्टिकल को लिख रहा हूँ तो भी मुझे कुछ भी करने का मन नहीं हो रहा, मैं पैन फील कर रहा हूँ बॉडी में, लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि मुझे अपना काम करना चाहिए, क्योंकि ये मेरे आदत में आ चुकी है, मूड के हिसाब से चलने वालो का नंबर बहुत बड़ा है,
उन सभी लोगो से मेरे निवेदन है, की मूड के हिसाब से अगर आप चलते है तो आप मूड के गुलाम रहेंगे उम्र भर, फिर एक समय ऐसा आएगा की आपको ना चाहते हुए भी काम करना होगा, और तब आप पूरी तरह से टूट जाएँगे, ये समय होगा गुज़ारा करने का, और जब बात आती है गुज़ारा करने की तो आप वेल्थ बनाने से बहुत दूर हो जाते है,
इस समय आप बेस लाइन पे होते है इस समय आपको सभी के इसारों पर चलना होगा, आपकी अपनी कोई भी फीलिंग काम नहीं करेगी, आप अपनी मर्जी से कुछ भी नहीं कर पाते इस समय, और ऐसा जीवन बहुत पेनफुल होता है,
मूड को सिचुएशन दिखाओ, ये आपका सबसे बड़ा दोस्त है
अगर आप आज मुफ़ के भरोसे चल रहे हो तो इसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन अब जब आप ये जान चुके हो की असली खेल क्या है तो आपको अभी से अपने अंदर बदलाव लाने होंगे, आपका मन, मूड आपका साथी ही है, अगर आप इसे अपना दोस्त बना लो तो आप अपनी सोच से भी ज़्यादा पा सकते हो,
2018 में जब मुझे ये बात समझ में आने लगी तो जब भी मेरा मूड मुझे रोकता था तब मैं उसे दिखाता था, की इसका अंजाम क्या हो सकता है, अगर अभी मेहनत नहीं की तो आगे क्या झेलना हो सकता है, जब आप सिचुएशन को बहुत बारीकी से दिखाना शुरू कर देते हो अपने मन को तो ये आपके लिए काम करने लगता है,
मैं अपन एक बहुत पर्सनल बात बताता हूँ, – मेरा कोई दोस्त नहीं है, कुछ साल पहले तक हुआ करते है लेकिन आज मैंने अपने काम को ही ज़्यादा अहमियत दे रखी है, इसकी वजह है मेरा बीता हुआ कल, मैंने इतना झेला है कि मुझे सब बेकार लगता है, बस टाइम बर्बाद करने जैसी फीलिंग आती है, हाँ ये सही है की मैं ग़लत हो सकता हूँ,
क्योंकि जीवन में बस काम करना ही सब कुछ नहीं होता, लेकिन मेरे हिसाब से उसका भी समय आयेगा, लेकिन अभी वो समय नहीं है,
मेरे हिसाब से जब तक आपका शरीर साथ दे रहा है तब तक काम ज़्यादा करो ताकि बाद में ख़ुद से लड़ना ना पड़े जब उम्र के दूसरे पड़ाव पर शरीर साथ ना दें,
क्योंकि मैंने बहुत लोगो को देखा है की उनके आराम करने की उम्र में जब शरीर साथ नहीं दे रहा उस समय भी उन्हें काम करना पड़ता है, और मैं ऐसा जीवन नहीं चाहता,
मैं चाहता हूँ कि जब सुबह उठूँ तो मुझे भागना ना पड़े, मैं सुबह की ठंडक महसूस कर सकूँ, सूरज को देख सकूँ, अपने हिसाब से अपने सुबह की शुरुआत कर सकूँ, और ये सब तक होगा जब आज काम करूँगा, ये सब बेकार की बात है की अभी मन नहीं हो रहा,
मूड नहीं है ये ग़लत है आपको अहमियत पता नहीं है
अगर मैं कहूँ कि मूड नहीं है ऐसा कुछ होता ही नहीं है, ये सब इम्पोर्टेंस देने का खेल है, सोचिए की आपका पसंदीदा शो देखने के लिए आपको मूड की जरूरत होती है, आपको प्यास लगी है और पानी आपको 10 किलोमीटर बाद मिलेगी तब आप सोचते है की उतनी दूर कौन जाएगा, क्या आप सोचते है की 12 घंटे काम करने के बस 100 रुपए ही मिलेंगे, जब आपको बहु ज़्यादा पैसों की जरूरत होती है,
यानी जब तक आपकी जेब भारी होगी आपका पेट भरा होगा, आप मूड के भरोसे चलेंगे,
जिस दिन आपका हाथ खाली हो जाये और उस दिन आप कहे की आज काम नहीं करूँगा आज मूड नहीं है तो अगले साम को आपको खाना तक नसीब नहीं होगा और जब आप इस बात को अच्छी तरह से समझ जाते है आप मूड को भूल जाते है कि ऐसी भी कोई चीज़ होती है क्या,
ये पूरा खेल आपके दिमाग़ का एक भ्रम से ज़्यादा कुछ नहीं है, ये बात आपको जितनी जल्दी समझ में आ जाएगी आप उतनी जल्दी अपने अंदर बहुत ज़्यादा इम्प्रूवमेंट देख सकते है,
आपके होने की वजह से कुछ भी बदलता है अच्छे तरह से तभी ही आपकी पहचान है, आपके परिवार में देश में,
Conclusion
आज आप 20 और 30 की उम्र में है चाहे किसी भी उम्र में है, और आप मूड के भरोसे चलते है तो आपको आज समझ में नहीं आयेगा, जैसे ही ये समय बिट जाएगी जो सबसे बड़ा एसेट होता है किसी के भी जीवन में तब आपको सब कुछ साफ़ – साफ़ दिखाई देना शुरू हो जाएगा, आप देख पाएंगे कि आपने कितना सारा समय बर्बाद कर दिया,
जबकि इस समय में आप बहुत कुछ बना सकते थे, जो आपके जीवन की नीव हो सकती थी,
उम्मीद है इस आर्टिकल से आपके जीवन को एक नहीं दिशा मिलेगी, कोई प्रश्न या सुजाव हो तो अभी कमेंट मे लिखें !!
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Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.









