अपने – अपने लाइफ में सफल होना कौन नहीं चाहता है लेकिन क्या सभी सफल हो पाते है? नहीं ऐसा क्यों क्योंकि आपका दिमाग हर वक़्त दौड़ता है आपके लिए वो आपको बार बार भटकता है, अब गलती उसकी भी नहीं है क्योंकि उसका जो काम है वो कर रहा है, तो ऐसा क्यों होता है कि 99% लोग फेल हो जाते है वो कुछ भी नहीं पाते अपने लाइफ में और हमेशा स्टर्गल करते है,
इसका मुख्य कारण है कि आप किसी भी एक चीज पर कितना ध्यान देते है, कितनी देर तक देते है और ये आपके लिए कितना जरूरी है, ये सब मिलकर किसी भी एक चीज़ को आपके लिए खास बनाती है,
लेकिन क्या ये इतना आसान है क्योंकि अगर आपको ये बता भी दिया जाये की जो भी आपको चाहिए इसके लिए आपको क्या करना चाहिए तो भी इसकी संभावना ज़्यादा है कि आप फेल हो जाएँगे, क्योंकि कहीं भी पहुँचने के लिए मैप से ज़्यादा आपके एक्शन मायने रखता है कि आप उस समय क्या करते है,
अगर मैं आपसे कहूँ की सब कुछ बस फोकस का खेल है तो शायद आपमें से मेरी इस बात से आप इनकार कर दें, लेकिन सच्चाई यही है की जब आप फोकस होते है तो आप सीधा ये देख पातें है कि आपको क्या करना है और क्या नहीं करना, आप किसी की कॉपी नहीं करते, आज हम में से 99% लोग बस कॉपी कर रहे है,
की अगर कोई सफल हो गया है तो उसके एक्शन को बस कॉपी कर लिया जाये, ऐसा करने से आप जिसकी कॉपी कर रहे हो उतना कभी अचीव नहीं कर पाओगे क्योंकि आप कॉपी कर रहे हो, आपने अपना इसमें कुछ भी नहीं जोड़ा, और दुनिया चाहती है कि वो आपके अनुभव से दुनिया को देखे,
लेकिन आपने कभी कुछ अनुभव ही नहीं किया तो आप दूसरो को क्या बताओगे,
बस एक आदत देखो की क्या आपको डिस्ट्रैक्ट करता है
अगर आपको अपने लाइफ में कुछ भी बड़ा पाना है जिसके सपने आप देख रहे हो तो बस एक काम करो, अपने सभी डिस्ट्रकशन को ख़ुद से दूर करो, क्योंकि सब कुछ फोकस का खेल है जैसा की मैंने शुरू में ही कहा, इस फोकस से ही आप क्रिएट करते हो कुछ भी और वही क्रिएशन दुनिया को चाहिए,
जितने भी सफल लोग हुए है वो कॉपी करके सफल नहीं हुए है ऐसा एक भी उदाहरण नहीं है,
जो भी आज सफल हुए है वो बस अपने क्रिएशन की वजह से सफल हुए है, अगर आपको कुछ भी क्रिएट करना है तो ये पहले मत सोचो की आपको क्या क्रिएट करना है पहले ये समझो की आप फोकस कर पा रहे हो या नहीं, अगर आप फोकस कर पा रहे है तो इसकी गुंजाइश बहुत ज़्यादा बन जाती है कि आप कुछ ना कुछ क्रिएट कर लोगे,
ज्यादातर लोग फोकस क्यों नहीं कर पातें
अब सोचिए आप ज्यादातर देर तक फोकस क्यों नहीं कर पातें ? मैंने कुछ महीनों से महसूस करता हूँ कि मैं फोकस इसलिए नहीं कर पाता की क्योंकि ज्यादातर समय मेरा स्मार्टफोन मेरे पास रहता है, क्योंकि जब भी कुछ भी कर रहा हूँ, चाहे कोई जरूरी काम या चाहे मैं कोई शो ही क्यों ना देख रहा होता हूँ, मैं अपना स्मार्टफोन कई बार चेक करता हूँ,
अगर स्मार्टफोन मुझे दिखाई दे रहा है उस समय तो मेरे अंदर उसे चेक करने की एक अजीब सी बेचैनी शुरू हो जाती है, आपने कभी नोटिस किया है कि आपका स्मार्टफोन आपके हाथ में जब तक रहता है आपको कुछ भी याद नहीं आता कि कोई जरूरी ईमेल पढ़न या कोई जरूरी कॉल करना या कोई जरूरी बिल का भुगतान करना है,
लेकिन जैसे ही आप स्मार्टफोन अपने हाथ से रखते हो आपको कुछ ना कुछ याद आ जाता है, आप उस काम को करने के बाद भी घंटों एक ऐप से दूसरे ऐप में बस स्विच करते रहते हो, फिर जैसे ही फ़ोन रखते हो फिर से वही लूप,
यहाँ तक कि स्मार्टफोन अगर पास में नहीं है तो लगता है की कोई मेसेज आया या किसी का कॉल आ रहा होगा,
इन सब की वजह से आप अपना कोई भी जरूरी काम कर ही नहीं पातें ज्यादातर समय यही होता है,
मुझे लगता था कि ये सब शायद मेरे साथ ही हो रहा है लेकिन जैसे ही मैंने हाल में एक बुक पढ़ना शुरू किया जिसका नाम था “hyperfocus” इस बुक में भी यही बात दोहराई गई थी, तब मुझे ये समझ आया की वाक़ई ये सारी चीज़ें मेरे साथ भी हो रही है,
मैंने तब से अपना स्मार्टफोन जब भी कोई जरूरी काम कर रहा होता हूँ दूर रखता हूँ, ताकि मैं वो ज़रूरी काम पूरा कर सकूँ, यहाँ तक कि मैं अपने स्मार्टफोन की इतनी दूर रखता हूँ कि वो मुझे दिखाई भी ना दें, मैंने अपने फ़ोन की लगभग 99% ऐप्स के नोटिफ़ेशन को ऑफ कर रखा है,
अब आपके मन में चल रहा होगा की ऐसा करने से क्या हो जाएगा, क्योंकि स्मार्टफोन इस्तेमाल करना तो आज मजबूरी हो गई है, हाँ मैं ये नहीं कहता की स्मार्टफ़ोन इस्तेमाल मत करिए, मैं ये कह रहा हूँ की बिना वजह स्मार्टफोन इस्तेमाल करने से बचिए,
देखिए जब आप स्मार्टफोन को बहुत ध्यानपूर्वक इस्तेमाल करते है तो क्या होता है –
- आप कुछ भी पहले से बेहतर याद रख पातें,
- आप पहले से बेहतर सोच पातें है
- आप पहले से बेहतर महसूस कर पातें है
- आप पहले से बेहतर फोकस कर पातें है, जितनी देर आप चाहे
- आपके रिश्तें मजबूत हो जातें है
- आपकी सेहत अच्छी हो जाती है
- आप अपने लाइफ वो पा लेते है जो आपको वाक़ई चाहिए,
सब कुछ फोकस का खेल है, अगर आपका फोकस बस कुछ मिनटों में टूट जाता है तो दिक्कत आपकी किशमत में नहीं है, दिक्कत है की आप अपने लिए सही डायरेक्शन ढूँढ नहीं पा रहे है, आपको लगता है की सब कुछ ठीक चल रहा है क्योंकि आप अपने लाइफ में क्या बुरा चल रहा है देख नहीं पातें,
क्योंकि इस समय आप Busy रहते है बिना वजह के स्मार्टफोन इस्तेमाल करने में,
Conclusion
पूरे दिन में आपके पास भी 24 घंटे है और लिमिटेड एनर्जी है, आप इससे क्या करना चाहते है ये आपके ऊपर निर्भर करता है, आप चाहे तो इस समय और एनर्जी को बर्बाद कर दें या चाहे तो इस समय आप अपने जीवन की दिशा को ढूँढ पायें, अगर आपको ये लगता है की एक दिन सब ठीक हो जाएगा,
तो ध्यान रखिए अभी तो आपको दिखाई दे रहा है लेकिन एक दिन ऐसा आयेगा की आपके पास समय ही नहीं होगा कि आप कुछ भी ठीक कर सकों, इसलिए अपने फोकस को अहमियत दीजिए,
उम्मीद है इस जानकारी से आपके जीवन में भी फोकस का महत्व आ जाएगा, कोई प्रश्न हो तो अभी कमेंट में जरूरी पूछे, मुझे खुशी होगी उसका उत्तर देने में !!
Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?
Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.









