Prioritising What You Should Learn : क्या आप वाकई जानते हैं कि आपको क्या चाहिए? अगर हाँ, तो आप 100% Focused होंगे। लेकिन अगर आपका जवाब ‘ना’ है, तो परिणाम साफ़ है—आप बस वही सोचेंगे जो सभी सोचते हैं।
मैंने ऐसे कई लोगों को देखा है जिन्हें अपनी Actual ज़रूरत नहीं पता होती। वे बस अपने आसपास की Activity, Social Trends और नज़दीकी Action को देखते हुए Goal बनाते हैं। अगर उन्हें आज के समय का कोई Trend दिख गया, तो उनका ध्यान आसानी से वहाँ चला जाता है और वे अपने ज़रूरी Goal को छोड़कर नया Goal बना लेते हैं।
इससे उन्हें बार-बार शुरू से शुरुआत करनी होती है। उनके Action बार-बार अलग-अलग जगह भटकते हैं, क्योंकि असल में उन्हें नहीं पता कि उन्हें वाकई क्या चाहिए और उनके जीवन का Goal क्या है।
जब हम इस तरह अपनी ज़रूरतें चुनते हैं, तो हमारे Action पर ध्यान कम से कम हो जाता है। हम बस वहाँ मिलने वाले Result पर Focused होते हैं, और जब हम लगातार इस तरह से एक्शन लेते हैं, तो हम वो Action नहीं ले पाते जो हमें वाकई लेने चाहिए।
क्योंकि जिसने भी अपना Goal बिना किसी की Copy किए बनाया है, उसने हर एक Process को खुद ही तैयार किया होता है। जब वह Planned हो जाता है, तब Action लेना शुरू होता है। लेकिन वहीं अगर आपने किसी दूसरे का Goal Copy किया है, तो आप सीधा Action लेते हैं।
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आज AI का ज़माना है; भले ही एक Prompt देकर कोई भी Book लिख सकता है, लेकिन वह पढ़ते ही समझ में आ जाएगी। इसके विपरीत, अगर एक Writer अपनी Book अपने Vision से लिख रहा है, तो वह अपने हर एक Paragraph में अपनी जान डाल देता है। वह उस Topic की गहराई (In-depth) में जाता है और वह बातें बता देता है जो Life Changing हो सकती हैं।
अब एक Reader जब वह Book पढ़ता है, तो वह Author से Relate भी करता है। जैसे ही यह Process शुरू होता है, उस Reader को वह Book पसंद आ जाती है। यह बस इसलिए हो पाता है क्योंकि एक Writer बहुत सारी बातें नहीं करता; वह Topic पर शुरू से अंत तक बना रहता है और उस Topic की हर Layer को Reader के सामने रखता है। इससे बेशक बात Generic ही क्यों न हो, लेकिन उससे कई ज़रूरी Life Lessons निकल कर आते हैं।
अगर हम अपने Goal को समझते हैं और हमें बस वही चाहिए होता है, तब हम बहुत कुछ छोड़ देते हैं। जब ऐसा होता है, तो Clarity अपने आप मिलने लगती है। इससे जब हम अपने मन में अपने Goal को Visualize करते हैं, तो हर एक Action step को अपने मन में गढ़ते हैं, जिससे हमें बार-बार Copy करने की ज़रूरत नहीं होती।
आपने कभी Notice किया है कि 90% लोग किसी विषय में अपना Opinion नहीं रखते? उन्हें लगता है कि जो सभी बोल रहे हैं, वह सच ही होगा। उन्हें Action और Reaction से कोई मतलब नहीं होता; वे बस वह करते हैं जो बाकी सब कर रहे होते हैं। उनका अपना कोई Vision नहीं होता, वे बस Follow करना जानते हैं।
लेकिन जिसे पता है कि मुझे personally क्या चाहिए, वह बस वही करता है जिसकी उसे ज़रूरत होती है।
अब कई सालों बाद जब मैं अपने बचपन को देखता हूँ, तो मुझे यह एहसास होता है कि मैंने बहुत सारे Action सिर्फ इसलिए लिए थे क्योंकि बाकी सब ले रहे थे। यहाँ तक कि मैंने अपने Subject भी अपनी काबिलियत देखकर नहीं, बल्कि अपने दोस्तों को देखकर चुने थे। अगर मैं वह Subject लेता जिसमें मैं माहिर था, तो मैं Study को और बेहतर समझ पाता।
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एक बच्चा जिसके पास कई खिलौने हैं, लेकिन फिर भी उसे वही खिलौना चाहिए जो अभी उसके दोस्त के पास है; जैसे ही उसे वह मिलता है, फिर उसे दूसरा खिलौना चाहिए होता है। इसी तरह हम बड़े लोग (बच्चे) करते हैं। हमारा अपना Vision नहीं होता, हम ज़्यादातर अपने Action दूसरों को देखकर लेते हैं।
कुछ सफल लोग जब यह जान जाते हैं कि सफलता उन्हें मिलती है जो माहिर होते हैं, और जो माहिर है उसे वही चाहिए था, तभी वह उसमें माहिर है।
Conclusion : मेरी राय में
जीवन हमें वह नहीं देता जो हमारे मन में होता है; जीवन हमें बस उतना ही देती है जिसके लिए हम लगातार Action लेते हैं। यह ज़रूरी नहीं है कि आप क्या Action ले रहे हैं, आपको पहले अपनी Need समझने की ज़रूरत है। जिस दिन आप यह समझ गए कि आपको क्या चाहिए, उस दिन से आप बस वही करेंगे जो आपके इस Goal को पूरा करने में मदद करता है।
इसलिए जीवन में बहुत कुछ में से अपना वाला कुछ जल्दी से चुनिए और बाकी सब कुछ भूल जाइए। मैं पिछले कई सालों से बहुत गिने-चुने लोगों को ही Follow करता हूँ। सच कहूँ तो मैं बस खुद को Follow करता हूँ। पहले सोचता हूँ, फिर Action लेता हूँ; Action लेने के बाद जो Result मिला उस पर Visualization, और उसके बाद फिर से Action लेता हूँ।
यानी Think – Act और उसके बाद React; इसी Cycle से मैं कुछ भी करता हूँ। शायद मैं गलत हूँ, लेकिन मुझे इससे Clarity मिलती है। उम्मीद है इससे आपको भी कुछ सीखने को मिलेगा। कोई प्रश्न है तो अभी Comment में पूछ लीजिए। आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद। आपका दिन हमेशा शुभ रहे !!
Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?
Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.









