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आपकी To-Do List आपकी सबसे बड़ी गलती हो सकती है।

Published On: July 4, 2026
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too late

क्या आपको नहीं लगता है कि आपका बहुत सारा समय बस बहुत सारे छोटे छोटे कामों को करने में निकल जाता है जिसका प्रभार आपके जीवन में बस 20% ही पड़ता है, यही वजह है कि हम अपने जीवन उतना कभी हासिल ही नहीं कर पातें जितना हम मेहनत करते है, हमें अपने हैबिट में कुछ ग़लत दिखता ही नहीं है,

बल्कि सफल लोग अपने हैबिट को हो सबसे पहले देखते है, हम अपने काम जो सामने दिखाई देते है उसे करते है इसकी वजह से हम अपने कामों में से चुन ही नहीं पातें की क्या अभी सबसे जरूरी है करना,

फेमस इकोनॉमिस्ट “वेलफ़र्ड परेटो ने 80/20 का रूल इजात किया, उनके हिसाब से आप अपने जीवन में जो भी काम करते है उसमे से 20% काम के आपको 80% से ज़्यादा रिजल्ट आते है वही ऐसे 80% काम आप करते है जिनका रिजल्ट आपको बस 20% ही आते है,

तो इसका मतलब साफ़ है की आपको वो काम ज़्यादा करने चाहिए जिसका रिजल्ट आपको 80% मिले, लेकिन ये इतना आसान भी नहीं इसके लिए आपका विज़न बड़ा होना चाहिए, आप जितना दूर तक सोच पाये देख पाये उतना ही रिजल्ट आपको मिलता है,

80% से ज़्यादा कामों को ऑटोमेट करता हूँ

2020 के बाद मुझे ये महसूस होने लगा की मैं हमेशा ही अपने फुल एनर्जी में काम नहीं कर पाऊँगा, इसलिए जब तक मैं इस स्थिति में हूँ कि मैं काम को क्वालिटी के साथ ज़्यादा समय दे पाऊँ करूँ, इसी वजह से मैंने अपने बहुत सारे काम को ऑटोमेट कर दिया, यानी की Grocery, Purchasing, Bill payments, ऐसे कई छोटे छोटे कामो को मैं ऑनलाइन ही करता हूँ,

मैं कोशिश करता हूँ की मैं अपने जितने काम ऑनलाइन कर सकूँ ताकि समय की बचत हो और इस समय को मैं सही जगह पर इस्तेमाल कर सकूँ, यानी उन कामों पर जिनका रिजल्ट में जीवन में 80% से ज़्यादा आता है,

अब आपमें से कई लोग ये सोचेंगे की आप तब आप अपने सेहत को ख़राब करेंगे अगर हर चीज़ आप ऑनलाइन ही करेंगे तो मूवमेंट कम होगी और साथ में आप महंगे सामान ख़रीदेंगे,

यहाँ अगर सेहत की बात हो रही है मैं 45 मिनट डेडिकेटेड सेहत के लिए समय रोज़ निकलता हूँ, और जहाँ तक बात है महंगे सामान की तो आपको बहुत सारे कैशबैक्स और रिवॉर्ड्स मिल जाते है जब आप ऑनलाइन भुगतान करते हो अपने Utility के लिए, इसलिए अब इस 2026 में ये सब बातें बेमानी है,

इस समय सबसे ज़्यादा जरूरी की आप समय कैसे बचातें हो ताकि आप काम भी कर सकों और आराम भी कर सकों, मैं 6 से 7 घंटे काम करता हूँ लेकिन ये समय पूरी तरह से डेडिकेटेड रहता है, बिना किसी भागदौड़ और रश के बहुत आराम से मैं अपने काम को कर पाता हूँ,

इस समय मेरा पूरा फोकस उन कामों पर ज़्यादा रहता है जिससे मुझे ज़्यादा रिजल्ट मिले, मैं बहुत कुछ नहीं करना चाहता, कुछ सलेक्टेड काम ही करता हूँ ताकि अपने एनर्जी और माइंडसेट को बचा कर रखा जा सके,

90% लोग को जो सामने आता है उसे पहले करते है

काम हम सभी कर रहे है, लेकिन हम में से जो बहुत ज़्यादा काम कर रहे है उनके काम करने के पैटर्न को जरा नोटिस करियेगा, वो पूरे दिन व्यस्त रहते है लेकिन वो अपने जीवन में बहुत कुछ हासिल नहीं कर पातें, बहुत कम हासिल करने का सबसे बड़ी वजह ये हो सकती है, वो कुछ इस तरह से काम करते है –

  • सबसे आसान काम ज़्यादा करते है
  • जो सामने पहले दिखता है उसे पहले करते है
  • वो बहुत दूर के काम को नहीं समझते
  • उन्हें आज तुरंत मिलने वाले रिजल्ट ज़्यादा पसंद है,
  • बिना किसी गोल के काम करते है रोजाना
  • अगले घंटे उन्हें क्या करना है ये पता ही नहीं होता

सोचिए एक पेड़ लगाना वाला इंसान अगर पेड़ लगाने से पहले ही ये सोच ले की पेड़ लगाने के एक घंटे बाद ही उसे छाव या फल मिल जाये तो क्या कभी वो पेड़ लगा पाएगा, जी नहीं,

अगर आप ये सोचे की आपके इन्वेस्टमेंट का आज ही आपको बेनिफिट मिल जाये तो क्या आप कभी उसका Investment कर पाएंगे,

80% रिजल्ट चाहिए तो ये 3 हैबिट अपनाओ

अगर आप अपने जीवन में अपने किए गए काम का ज़्यादा से ज़्यादा रिजल्ट चाहते हो तो आपको अपने काम को priority के हिसाब से करना चाहिए, ऐसा नहीं है कि जब जो काम आपको दिखाई दे आप उसे करने के लिए निकल जाये, इससे आप काम तो बेशक करेंगे लेकिन result कम मिलेगा,

अगर आपको अपने किए गए काम का 80% रिजल्ट चाहिए तो ये 3 जरूरी हैबिट अपनाओ –

  • चुनो की अगले 5 सालों में कहाँ ख़ुद को देखना चाहते हो
  • बड़े गोल तक पहुँचने के लिए हर 3 महीने के छोटे टास्क बनाओ
  • अब उस 3 महीने के हिसाब से डेली का टास्क बनाओ

चुनो की अगले 5 सालों में कहाँ ख़ुद को देखना चाहते हो

अगर आप चल रहे हो बस तो ऐसे आप पूरी दुनिया घूम लोगे लेकिन कहीं पहुँच नहीं पाओगे क्योंकि आपको पता ही नहीं है कि कहाँ पहुँचना है, इसलिए कहाँ पहुँचना चाहते हो ख़ुद को अगले 5 सालों में कहाँ देखना चाहते हो चुनो, क्योंकि जब आप ख़ुद को एक बड़ा विज़न देते हो तो आप बहुत सारे भटकाव से ख़ुद को पहले ही अलग कर लेते हो,

अब आपका माइंड सेट को जाता है कि आपको आख़िर करना क्या है, आप पूरी तरह से अलाइन हो जातें हो, आपका दिमाग़ कम भटकता है, आप ख़ुद को बार बार टॉर्चर नहीं करते, आप बार बार फ्रस्टेट नहीं होते, आप बार बार लोगो से ख़ुद को कम्पेर नहीं करते, क्योंकि आपको पता है की मुझे आगे करना क्या है,

बड़े गोल तक पहुँचने के लिए हर 3 महीने के छोटे टास्क बनाओ

आपके पास अब आपका एक विज़न है एक गोल है ऐब उस गोल को पूरा करने के लिए अपने हर 3 महीने के टास्क को बात लो, ये प्रैक्टिस का दौर होगा, इस दौर में आप ख़ुद को समझना शुरू देते हो,

आपने घर बनते हुए जरूर देखा होगा, जब भी घर बनता है तो पहले नीचे का बेस तैयार होता है उसके बाद स्ट्रक्चर तैयार होता है उसके बाद उसे पूरा किया जाता है, ऐसा नहीं है कि कहीं से बनाना शुरू कर दिया जाता है, इसलिए आपके पास अब बड़ा गोल है वहाँ तक पहुचने के लिए आपको हर 3 महीने के छोटे छोटे टास्क में उसे बाँटना होगा,

इससे आप छोटे छोटे टुकड़ो में उसे पूरा करना शुरू कर दोगे,

अब उस 3 महीने के हिसाब से डेली का टास्क बनाओ

अब सबसे जरूरी आपने अभी अपने बड़े गोल को 3 महीने के छोटे टास्क में तोड़ा है अब आपको 3 महीने के टास्क को रोजाना के टास्क में बदलकर काम करना होगा, 3 महीने में जो भी आप हासिल करना चाहते है उसके लिए रोज़ाना मेहनत करना, अब आपका पास भटकाव की गुंजाइस नहीं बचेगी,

आप बहुत आसानी से ये समझ पाएंगे कि मुझे अगर 5 साल बाद ख़ुद को अगर कहीं देखना है तो उसके लिए पहले छोटे छोटे इम्प्रूवमेंट लाना होगा, और उन इम्प्रूवमेंट के लिए मुझे रोज़ाना एक्शन लेना होगा,

इस तरीके से आप अपने जीवन में वो बड़ी जीत हासिल कर लेंगे जो आपको अभी बड़ा लग रहा है, इस दौरान आपने बहुत सारा समय बचा लिया, आपके पास एक ब्लू प्रिंट था की आपको अपना रोज़ कैसे बिताना है

आपने अपने रोज़ में जो मन में आया वो करना शुरू नहीं कर दिया था, आपको आसानी से समझ में आ रहा था कि अगर मैं अपना समय अगर अभी बचता हूँ तो इसे कहाँ मैं इस्तेमाल कर सकता हूँ,

Conclusion

जिन लोगो को ये पता होता है की उन्हें अगले 5 सालों में कहाँ पहुँचना है वो कभी रुकते नहीं है, वही जिन लोगो को अगले घंटे क्या करना है वो एक ही जगह पर हमेशा खड़े रहते है, वो कहीं नहीं पहुँच पाते, क्योंकि उन्हें पता ही नहीं है कि उन्हें कहाँ जाना है, अगर आप रोज टू दो लिस्ट पर ज़्यादा फोकस करते है तो आपको बहुत जरूरी काम भूल जायेंगे,

आपको बस अपने जीवन के 2 से 3 ही जरूरी काम रोज़ाना याद रखने की जरूरत है, जो लोग, अपने चाय पीने का भी वक़्त लिखते है वो सबसे बड़ी झूठ में अपना जीवन जीते है, अगर आपको अपने जीवन में अपने काम का 80% रिजल्ट चाहिए तो बस वो ही 20% काम करो, अगर आप बेवजह बहुत सारा काम करेंगे जिसमे ज्यादातर काम का रिजल्ट आपको 20% ही मिलेगा,

इसलिए To Do List नहीं एक Vision Board बनाओ और उस पर चलना शुरू करो, उम्मीद है इस लेख से आपको दिशा मिलेगी, कोई प्रश्न या सुझाव हो तो जरूर कमेंट में लिखें,

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Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?

Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.

Naveen Pandey

लेखक परिचय: नवीन पांडे 18 वर्षों के लेखन अनुभव और 5000 से अधिक लेखों के साथ, नवीन पांडे एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर और 'माइंड दर्पण' के संस्थापक हैं। संघर्ष से सफलता तक के अपने सफर में उन्होंने डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी चुनौतियों को करीब से महसूस किया है। आज वे अपनी आगामी ई-बुक "Sharp Mind" और ब्लॉग के माध्यम से लोगों को सूक्ष्म आदतों (Micro-Habits) की शक्ति से परिचित करा रहे हैं। उनका मिशन मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सफलता का एक सरल, व्यावहारिक रोडमैप प्रदान करना है। नवीन का मानना है कि छोटी-छोटी आदतें ही जीवन में बड़ा बदलाव लाती हैं।

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