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आप Busy नहीं… फँसे हुए हैं।

Published On: July 3, 2026
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हमेशा Busy और Result नहीं

क्या आपने कभी गौर किया है की आप अपने लाइफ में बहुत व्यस्त होते है हमेशा लेकिन क्या वाकई इससे आपको कुछ भी हासिल होता है, 99% लोग Busy होने के बाद भी कभी कुछ भी हासिल नहीं कर पाते, और वही बहुत लोग ऐसे है जो हमेशा फ्री होते है अपने लाइफ को एंजॉय भी करते है उसके साथ ही बहुत कुछ अचीव करते है,

Thomus A Adition कहते है कि “Busy होने का मतलब ये नहीं की आप सच में काम कर रहे है, हर काम का मक़सद ये ज़रूर होना चाहिए की उसका कुछ ना कुछ आपके जीवन में परिणाम निकले”

आज हम में से ज्यादातर लोग इस बात पर कभी ध्यान ही नहीं देते, वो बस काम करते है, क्योंकि उन्होने से ये सुना है की काम करना जरूरी है, वो इस बात पर कभी ध्यान नहीं देते की उन्हें काम किस तरह से करना चाहिए, इसी वजह से ज्यादातर लोग अपने जीवन में हमेशा Busy होते है लेकिन जीवन में कुछ भी हासिल कभी नहीं कर पातें,

दिनभर Busy रहकर भी लोग असफल क्यों रह जाते हैं?

जैसे जैसे सूचना युग बढ़ रहा है वैसे वैसे हमारे सोचने की शक्ति और इवॉल्व हो रही है ऐसा मुझे लगता है, क्योंकि जानकारियाँ मिलने के बाद लोग सोचने को एक दिशा देते है, लेकिन इस शोर में बहुत से लोगो को ये पता ही नहीं चल रहा है कि वो पूरे दिन कुछ ना कुछ तो कर ही रहे है और थक भी रहे है लेकिन वो कभी नहीं करते है जिससे उनके जीवन में कोई ग्रोथ मिले,

2007 में जब मैंने अपना Career शुरू किया था तो मैं उस समय बस काम करता था, मैंने इस तरह से कभी नहीं सोचा कि अगर मैं 6 महीने काम कर रहा हूँ तो उसकी वजह से जीवन में क्या ग्रोथ है, बस अच्छा खाना, जरूरत की चीज़ें, रहना इतना ही, कभी भी ये दिमाग़ में नहीं आया की अगले 6 महीने में मुझे क्या हासिल करना है,

लेकिन जैसे जैसे समय बीतता गया 2020 आते ही मुझे ये साफ़ दिखाई दे रहा था की इस तरह से जीवन अपने हिसाब से नहीं बनाया जा सकता है, इस तरह से चले तो बस जीवन की दिशा में बहना होगा, जीवन जहाँ ले जाये जाना होगा, और तब हमारे हाथ में कोसने के अलावा कुछ और बचेगा ही नहीं कभी,

अगर इसे ठीक करना है तो ये देखना होगा कि जीवन में क्या कर रहा हूँ मैं और इसे कैसे किया जाना चाहिए,

उसके बाद से अभी तक मैं एक Goal के साथ काम करता हूँ, और जो भी अपने एक्शन है उसे ट्रैक करता हूँ की जो मैं कर रहा हूँ उसका आउटपुट क्या है,

मैं ज्यादातर वो काम करता हूँ जिसका मेरे जीवन में 80% रिजल्ट मिलता है, वो बहुत सारे काम जिसमे बहुत समय देना होता है और उसका रिजल्ट भी नहीं मिलता वो काम मैं छोड़ देता हूँ,

हम 95% वो काम करता है जिसका रिजल्ट हमें 10% मिलता है

मुझे लगता है कि अगर हम अपने कुछ हैबिट्स को बदल पाये तो हम अपने जीवन में कम से कम बिजी रहेंगे लेकिन उसका रिजल्ट हमें ज़्यादा मिलेगा, सोचिए हम अभी तक अपना जीवन कैसे जीते है जो भी मिडल क्लास और नीचे की केटेगरी है, हम अपना 95% समय बस वो काम करते है जिसका रिजल्ट हमें अपने जीवन में 10% से ज़्यादा नहीं मिलता है, जैसे –

  • दोस्तों और रिलेशन में बहुत ज़्यादा समय देना
  • भीड़ का हिस्सा बने रहना
  • डेली कोई प्लान नहीं बस जो सामने आए करना शुरू कर देना
  • जीवन की जरूरी एस्पेक्ट को नज़रअंदाज़ करना

दोस्तों और रिलेशन में बहुत ज़्यादा समय देना

हम भारतीयों का एक वसूल है जो दोस्तों और रिलेशन में ज़्यादा समय देता है और हमेशा उपलब्ध रहता है वो सभी के नज़र में बहुत अच्छा इंसान होता है, होना भी चाहिए, आख़िर अपने ही अपने के काम आते है, लेकिन परेशानी तब होती है जब हम बिना वजह अपना समय बर्बाद करते है, जिस काम के लिए आपका कुछ मिनट लगने चाहिए,

उस काम को दोस्तों और रिलेशंस के साथ हम कई घंटे लगा देते है, हम यहाँ कभी अपने समय को कैलकुलेट ही नहीं करते है, ज्यादातर लोगो को लगता है की पूरे साल काम तो करते ही है अभी नहीं भी किया जाये तो क्या बिगड़ेगा, और इसी वजह से पूरे साल में बहुत ज़्यादा समय हम अपना बर्बाद करते है,

भीड़ का हिस्सा बने रहते है

हम Busy रहते है इसलिए क्योंकि हम भीड़ का हिस्सा बनना पसंद करते है हम यहाँ सेफ महसूस करते है, हमारे ट्रेंड को फॉलो करते है, हम कभी अपने समय को कैलकुलेट नहीं करते है, भीड़ जो कर रही है वही हमें भी करना होता है, हम ये सोचते ही नहीं है कि मेरे लिए मेरे जीवन के हिसाब से क्या सही है,

आपने कई लोगो को ऐसा देखा होगा जिनका भीड़ से कोई लेना देना नहीं होता लेकिन भीड़ देखते ही वो घंटों वहाँ बिता देते है,

डेली कोई प्लान नहीं बस जो सामने आए करना शुरू कर देना

हम में 90% लोगो के पास अगले दिन क्या करना है कोई प्लान नहीं होता है, वो कभी इस तरह से सोचते ही नहीं है कि अगले दिन का समय उन्हें कैसे बिताना है, बस वो सामने जो आया उसे करने लगते, बिना ये सोचे की उसे अभी करना ठीक है या नहीं, क्या इस समय को किसी प्रोडक्टिव के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है,

इस तरह से बिना प्लान बिना किसी गोल के हम अपना समय बिताते जाते है, हम Busy तो बहुत होते है लेकिन उसका रिजल्ट हमें मिलता ही नहीं है,

जीवन की जरूरी एस्पेक्ट को नज़रअंदाज़ करना

हम में से बहुत लोगो को तो ये पता ही नहीं है कि हमे अपने जीवन में आख़िर चाहिए क्या, वो बस अपने आसपास के लोगो को देख कर जीवन जीते है, क्योंकि उन्होंने भी अपने बाप दादा को देखते हुए ये सीखा है, सभी को डॉक्टर, इंजीनियर बनना है क्योंकि आसपास के लोगो को इज्जत तभी मिलती है जब वो डॉक्टर और इंजीनियर होता है,

सभी का जीवन एक दूसरे से अलग होता है लेकिन सभी एक दूसरे की देखा देखी करते है, इसलिए जो देखा – देखी करते है वो कभी भी एक औसत जीवन से ऊपर कभी उठ ही नहीं पातें,

Busy मत रहो Productive रहो

इसमें कोई रॉकेट साइंस नहीं है की आप ये कैसे पता करोगे की आप सही दिशा में हो या नहीं हो, आपको अपने समय का ज़्यादा ध्यान रखना होगा, इसके लिए आपको कुछ हैबिट अपनाने होंगे जिससे आप ये आसानी से समझ पाएंगे कि आपकी दिशा सही है या नहीं,

  • डेली क्या करना है लिखो – रोज़ाना किए जाने वाले काम को एक दिन पहले लिख लो, इसे ऐसे लिखो जो बहुत ज़्यादा ज़रूरी हो, और फिर अगले दिन उसे पहले कर लो,
  • रोज़ाना इम्प्रूवमेंट चेक करो – डेली ट्रैक करो की कल की तुलना में आज नया क्या मैंने अनुभव किया और उसे कहीं लिखना शुरू करो, अपने शब्दों में जो समझ में आता है, इसे डेली करो
  • वो काम ज़्यादा जिससे रिजल्ट आता हो – देखो की आपके जीवन में जो आपको जरूरत है वहाँ तक पहुचने में मुझे कौन सा काम सबसे ज़्यादा करना चाहिए, इससे आप बहुत सारे काम करने से बच जाओगे,
  • अगले 12 महीनों में कहाँ पहुचना चाहते हो – ये भी लिखो की अगले 12 महीनों में आप कहाँ पहुचना चाहते हो, क्योंकि इससे आपका मैं विज़न क्लियर होगा, और आपके पास एक वजह होगी कंसिस्टेंट रहने की

इसी तरह से डेली अपने आक को ट्रैक करो, समय बर्बाद करने वाले लोगो और कामों से दूर रहो, अपने 20 से 50 तक की उम्र में बस करने के ऊपर फोकस करो जिससे आपको रिजल्ट ज़्यादा आता है,

Conclusion

ये बात आप भी समझते है कि जीवन एक सही दिशा में होनी चाहिए, और ये तब होता है जब शुरुआती के सालों में आप इसे कंट्रोल कर लेते हो, क्योंकि अगर आप 50 के हो चुके होगे तब तो आपको बस समय के साथ चलना मजबूरी हो जाएगी, क्योंकि आपके ऊपर Responsibility आ जाएगी,

हम सभी पैसा बर्बाद ना हो इसका ध्यान रखते है लेकिन ये कभी नहीं देखते की समय बर्बाद नहीं होना चाहिए, सफल लोग अपने समय को बर्बाद नहीं करते, उनके पास जब कुछ करने के लिए नहीं होता तब वो बस आराम करते है, बोर होते है ताकि अनुभव कर सके की मन में क्या चल रहा है, आपका मन आपको पूरे दिन में कई बार बताता है कि आपकी दिशा कौन सी है,

उम्मीद है इससे लेख से आपको बहुत कुछ सीखने को मिला होगा, कोई प्रश्न या सुझाव हो तो कृपया जरूर लिखे,

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Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?

Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.

Naveen Pandey

लेखक परिचय: नवीन पांडे 18 वर्षों के लेखन अनुभव और 5000 से अधिक लेखों के साथ, नवीन पांडे एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर और 'माइंड दर्पण' के संस्थापक हैं। संघर्ष से सफलता तक के अपने सफर में उन्होंने डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी चुनौतियों को करीब से महसूस किया है। आज वे अपनी आगामी ई-बुक "Sharp Mind" और ब्लॉग के माध्यम से लोगों को सूक्ष्म आदतों (Micro-Habits) की शक्ति से परिचित करा रहे हैं। उनका मिशन मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सफलता का एक सरल, व्यावहारिक रोडमैप प्रदान करना है। नवीन का मानना है कि छोटी-छोटी आदतें ही जीवन में बड़ा बदलाव लाती हैं।

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