क्या आपने कभी महसूस किया है कि जब भी आप गुस्सा करते हो तो सबसे पहले आपके साथ क्या होता है, शायद नहीं किया होगा,
क्योंकि जब आप इस स्थिति में होते हो तो सबसे पहले आप अपने सोचने की ability खो देते हो, अगर कोई परिस्थिति आपके हिसाब से नहीं है तो सबसे आसान तरीका है कि आप उस समय उस Situation के हिसाब से किसी ना किसी के ऊपर गुस्सा करो,
आपको तब कुछ देर के लिए थोड़ा satisfaction बेशक दिखाई दे सकता है,
की आपने किसी को सबक सिखा दिया या अपने बात को मनवा लिया या किसी दूसरे इंसान की आपने नहीं होने दी,
लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है की आपने अपने साथ क्या किया, शायद नहीं –
- आपने अपने सोचने की ability को खो दी इस वजह से सही decision लेने के बजाए आप ख़ुद के ego को satisfy करते है
- आप ख़ुद को mentally trend करते है की जब भी ऐसा होगा आप गुस्सा करके सब ठीक कर सकते है
- आपने अपने शरीर को भी struggle में डाल दिया
- इस गुस्से की वजह से आपने अपनी self image को भी खराब कर दिया
- आपने ख़ुद को उलझा दिया की आपको आगे क्या करना चाहिए
- आपने उस माहौल को और ज़्यादा अपने against बना लिया
ना जाने ऐसी कितनी ही परिस्थिति आपने अपने लिए बना ली बस गुस्सा करके, उसके बाद जब आपको इस बात का realisation हो की श्याद आपने कुछ ग़लत कर लिया तो आपको अपने ही decision पर पछतावा हो,
गुस्से में इंसान ख़ुद को बस satisfy करने के बारे में सोचता है, और तब आप चाह के भी उस माहौल को बनाते नहीं है बल्कि और बिगाड़ देते है,
गुस्सा ये Energy है इसका सही इस्तेमाल हो सकता है
जैसे आप खुश होते हो तो हँसते हो, उदास होते हो तो दुखी हो जाते हो उसी तरह से गुस्सा भी आपका emotion है जिससे बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है, बस इसको सही दिशा देने की जरूरत है,
अभी हाल ही में आई एक Bollywood Movie जो बहुत ज़्यादा पॉपुलर थी टाइटल था “Dhurandhar” ये भी जसकिरत एक किरदार के ऊपर Based है कैसे उसके Gusse को सही तरीक़े से इस्तेमाल करके, एक Strategy को सच किया जा सकता है, इस किरदार को फ़िल्म में हर बार अपने emotion के against जा कर act करते दिखाया गया है और यही सबसे बड़ा strength है,
गुस्सा आए तो गुस्सा करो लेकिन सही जगह और सही तरीक़े से,
अगर ऐसा नहीं किया तो ये दो धारी तलवार की तरह है जो आपका भी हाथ कटेगी, इसके लिए आपको इसे समझना भी होगा ताकि आप इसका सही इस्तेमाल कर सको,
आपका गुस्सा आपको अपनों से दूर कर सकती है अगर आप इसका इस्तेमाल सही तरीके से नहीं करते हो,
अगर हम अपने गुस्से को सही तरीके से इस्तेमाल करना सीख जाये, जसकिरत की तरह तो हम अपने हर मुश्किल situation को बहुत आसानी से पार कर सकते है,
इसके लिए थोड़ा practical होकर हमे ये 3 हैबिट बनाने होंगे –
- Pause
- Brathing
- Journaling
Pause – गुस्से में react करने से पहले थोड़ा रुकना खुद को संभालने जैसे है
अगर आप गुस्सा आते ही react कर देते है तो ये कुछ इस तरह की आपको कोई situation या कोई इंसान handle कर रहा है, और तब चीज़ें आपके हिसाब से नहीं होंगी जो आप चाहते है वो नहीं होंगी, उस समय कहीं ना कहीं आप ख़ुद का ही नुक़सान करेंगे,
तब गुस्सा आने पर आपको तुरंत react करने बजाये आपको थोड़ा रुककर सोचने की जरूरत है,
क्योंकि गुस्से में आप अपने normal state में नहीं होते तब आप कोई सही decision नहीं ले रहे होते, अगर आप चाहते है की स्थिति आपके प्रतिकूल ना हो तो आपको थोड़ा Pause लेने की जरूरत है जब भी ग़ुस्सा आए,
अगर आप गुस्सा आते ही थोड़ी देर ख़ुद को रोक लेते है तो आप अपने बहुत सारे struggle को रोक देते हो, क्योंकि हो तब आप अपने health, relation, finance, mental health सभी के against action लेते हो, तब आपको किसी ना किसी तरह से नुकसान झेलना ही पड़ता है,
Breathing – गुस्सा आपने पर Deep Breathing आपको Stable रखता है
अगर आपको बहुत गुस्सा आ रहा है अगर आप उस समय बस deep breathing करना शुरू कर देते है तो आप अपने गुस्से को थोड़ी ही देर में शांत कर लेंगे, और तब आपको बहुत ज़्यादा struggle नहीं करना होगा अपने decision को लेकर,
गहरी साँस लेने से आप ख़ुद को stable रखते हो जब आप गुस्से में होते हो,
तब आपका stable mind आपको ख़ुद भी ऐसे फ़ैसले लेने से रोकता है जो बाद में आपके लिए struggle ला सकता है,
गुस्सा आने पर react ना करने से आप किसी से नीचे नहीं होते ना ही आप कुछ खो रहे होते हो आप उस समय अपने बहुत सारे struggle जो आप mentally और physically बढ़ा सकते है उन्हें आप रोक रहे होते है,
आप किसी भी अपने decision का बाद में पछतावा नहीं होता जो आप गुस्से में ग़लत ले सकते थे, क्योंकि गहरी साँस ने आपके मन में हो रही हलचल को रोक रखा है,
Journaling – Gusse में किए अपने action को लिखो
क्या आपने कभी ये सोचा है की वो आईना जिसे आप रोज़ देखते हो अगर वही आईना आपको आपकी गलती दिखाने लगे तो आप क्या करोगे, आप या तो आइया देखना बंद कर दोगे या फिर अगली बार उस गलती को करने से बचोगे,
अगर आप Journal करना शुरू कर दो की आप Gusse में क्या क्या करता हो तो अगली बार आपके action में बहुत सारे बदलाव होंगे जब आप गुस्से में होगे,
हाँ ये जाहिर सी बात है गुस्से में होते समय बेशक आप ये अपने action को ना लिखो, लेकिन अगर आप उसके बाद लिखना शुरू कर दो
तो आप अपने गुस्से पर ध्यान रखना सिख जाते हो, जिससे आपके action को आप साफ़ साफ़ देख सकते हो, और तब आप वो काम नहीं करोगे जो आपको पसंद नहीं है, यानी 90% आपके ऐसे action जो गुस्से में करते हो बंद हो जाएँगे,
Conclusion
गुस्सा हमारे बहुत सारे emotion में से एक होता है, गुस्सा आने पर आप अपने साथ हो रहे ग़लत को रोकते हो, ये जरूरी भी है लेकिन अगर आप इस समय ध्यान नहीं दे रहे हो की आपको इस समय कैसे react करना है तो आप ख़ुद को ही नुक़सान पहुचाओगे और बाद में आपको इसका regret भी होगा,
इसलिए गुस्से के समय आपको थोड़ा रुक कर देखने की जरूरत है की आप इस समय क्या कर रहे हो,
तब आप उस energy को सही दिशा दे सकोगे और बहुत सारे struggle को रोक सकते हो जो future में आप झेलने वाले हो,
उम्मीद है इस पोस्ट से आपके सोचने का तरीका बदलेगा, कोई प्रश्न या सुझाव हो ज़रूर comment में लिखों, आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद, आपका दिन हमेशा शुभ रहे !
Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?
Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.










