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99% लोग खाना खाते समय ये गलती रोज़ दोहराते हैं, होते है कई नुक़सान!

Published On: July 24, 2026
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खाते समय की जाने वाली बड़ी गलती !

अगर आप खाना खाते समय किसी स्क्रीन के आसपास होते है तो आपको इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ने की ज़रूरत है, क्योंकि हो सकता है कि आपके कई दिन बचा ले जो आगे स्ट्रगल भड़ा होने वाला है,

क्योंकि ये एक ऐसी हैबिट है जिसकी वजह से इंसान ज्यादातर ज़्यादा खा रहा होता है, और जब भी आप ज़्यादा खाते है तो आपका शरीर कुछ दिनों के बाद साथ नहीं देता, ये धीरे धीरे ख़राब होने लगता है जो आज कल हर उम्र के लोगो की सबसे आम प्रॉब्लम है,

क्या आपने महसूस किया है कि जब भी आप Smartphone या किसी Screen के आगे बैठ कर खाना खाते है तो आपको पता ही नहीं चलता की खाना कब ख़त्म हो गया, आपको बस ज़्यादा खा लेने की वजह से भाड़ीपन महसूस होता है, और जब भी आप जरूरत से ज्यादातर खा लेते है तो सोचिए आप क्या क्या झेलते है –

  • पेट में भाड़ीपन
  • नींद आना
  • मोटापा, उम्र से पहले ही बूढ़े दिखाई देना
  • हर रोज कोई ना कोई फिजिकल समस्या से परेशान होना
  • Focus खोना
  • हमेशा सुस्ती महसूस करना
  • कोई Vision और Goal नहीं
  • लंबे समय तक overeating की वजह से बीमारियाँ और उसके बाद लंबी मेडिकेशन

कुछ समय पहले तक लोग खाना खाते समय खाने को Enjoy करते थे, उस समय खाने का मतलब बस खाना नहीं होता था, एक excitement, अच्छी ख़ुशबू, इंतज़ार की कब खाना बने, खाना खाते समय टेस्ट पहचानना और उसे याद रखना और बार बार उसे मन में याद करके मुंह में पानी आना, खाना खाने के बाद फुर्ती महसूस करना,

लेकिन अब सब कुछ ख़त्म हो गया क्योंकि स्क्रीन के सामने बैठने के बाद ध्यान खाने पर नहीं बल्कि स्क्रीन पर होता है, जिससे बस खाना खा रहे है हम ना की उसे एंजॉय कर रहे है,

खाना बस एक काम बन गया है

क्या आपने कभी महसूस किया है कि आज खाना बस एक काम बन कर रहा गया है, क्योंकि हमारी हैबिट बदलती जा रही है,

वेदों में खाने को बस खाना नहीं माना गया है ये ब्रह्म का रूप माना गया है, क्योंकि ये शरीर में प्राण शक्ति को और मजबूत करता है नई ऊर्जा देता है, लेकिन ये तब तक हो सकता है, की खाना सही मात्रा में हो और सही तरीक़े से खाई जाये,

वेदों में तो ये भी कहा गया है कि खाना हमारे पेट में मौजूद जठर अग्नि को आहुति है यानी ये पूजा है, इसे एक औषधि का भी नाम दिया गया है जो बहुत सारे रोगों से शरीर को मुक्त रखती है अगर आप सही तरह से खाना खाते है सही मात्रा में,

यानी जैसा खाना आप जैसे खाते है आपकी पर्सनालिटी भी उसी तरह से बनती है,

अब आप सोचिए जब खाना इतना ज़्यादा जरूरी काम है हमारे लिए तो हम आज इस इंटरनेट के युग में खाने को कैसे खाते है, पूजा तो दूर की बात है हम ये तक नहीं जानते की आज जो खाना हमने खाया था उसकी quantity क्या थी, क्योंकि हमने उसपर ध्यान ही नहीं दिया होता है,

क्योंकि खाना खाना था सामने स्क्रीन थी तो बस ख़त्म होते तक खाते गए, ना ही हमें स्वाद याद है और ना ही हमे याद है quantity बस खाया था वो याद है,

आपको ये तो ज़रूर पता होगा की जब हम खाना ज़्यादा खाते है तो हमारे साथ क्या होगा, लेकिन लंबे समय तक overeating से क्या क्या होता है क्या आपने उसके बारे में कभी गौर किया है,

  • Diabetic का ख़तरा बढ़ता है
  • सोचने की शक्ति कम होती है
  • हमेशा Blood pressure तेज होने की वजह दिल की बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ता है,

इन सब का जिम्मेवार है हमारे खाने की हैबिट, जिसपर हम ध्यान देते ही नहीं है,

लेकिन ये Parmanent नहीं है अगर हम अपने खाने की हैबिट को बस बदल दे तो सब कुछ ठीक हो सकता है, क्योंकि यही जरूरी ज्यादातर,

Mindful Eating – खाना खाते समय बस खाना

अगर आप अपनी बस एक हैबिट बदल दें की खाना खाते समय ज्यादातर हम करते है, हमें बस खाते समय स्क्रीन देखने को बंद करना है तो देखते ही देखते आपके खाना खाने का पैटर्न पूरी तरह से बदल जाएगा और तब आपके अंदर बहुत कुछ बदलता है,

  • आप खाना खाते समय खाने को Enjoy करने लगते है
  • खाने को अच्छी तरह चबाते है जिससे पेट में जाने के बाद पेट को कम मेहनत करनी होती है उसे पचाने के लिए
  • आप overeating नहीं करते, ज़्यादा नहीं खाते क्योंकि आपका आपका शरीर पहले ही आपके दिमाग़ को बता देता है कि अब बस,
  • आपका दिमाग़ सुस्त नहीं होता आप active रहते है
  • आप फुर्तीला महसूस करते है ख़ुद को
  • आपका Focus बढ़ता है,
  • आप confident हो जाते है
  • आपको खाने की ख़ुशबू उसका स्वाद सब कुछ याद रहता है,

हमारे घर में बड़े बुजुर्गों का भी यही कहना था, की खाने को एक पूजा मानो और खाने से पहले याद रखो,

  • खाते समय कोई स्क्रीन नहीं होनी चाहिए सामने
  • खाने को चबा कर खाया जाना चाहिए
  • पेट को 20% ख़ाली छोड़ना चाहिए
  • खाना धीरे धीरे खाना चाहिए,

बस एक हैबिट की वजह से हमारे जीवन पर बहुत ज़्यादा प्रभाव पड़ता है, हम Focus कर पातें है और अपने Goal तक पहुचते है जो भी हमने अपने ड्रीम में देखे हुए होते है,

Conclusion

अगर आप खाने को बस एक काम मानते है तो आपके जो भी सपने है वो अधूरे रहने वाले है, क्योंकि इस स्थिति में आप या तो खाना जरूरत से ज़्यादा खाते है या बहुत कम खाते है, जिसका पूरा असर आपके शरीर और मेंटल हेल्थ पर पड़ता है, इस वजह से अपने सपनों तक पहुचना तो दूर आप स्ट्रगल करना शुरू कर देते है, क्योंकि आपका शरीर ही आपका साथ नहीं देता,

इसलिए खाना खाते समय ये बहुत जरूरी है की आपके सामने कोई स्क्रीन ना हो अगर है तो बंद कर दें या वहाँ से उठ कर ऐसी जगह पर जा कर खाना खाये जहाँ आप उस खाने को एंजॉय कर सके,

उम्मीद है दी गई जानकारी आपके जीवन की दिशा बदलेगी, कोई प्रश्न या सुझाव हो तो कृपया जरूर comment में लिखे, आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद, आपका दिन हमेशा शुभ रहे।

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Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?

Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.

Naveen Pandey

लेखक परिचय: नवीन पांडे 18 वर्षों के लेखन अनुभव और 5000 से अधिक लेखों के साथ, नवीन पांडे एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर और 'माइंड दर्पण' के संस्थापक हैं। संघर्ष से सफलता तक के अपने सफर में उन्होंने डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी चुनौतियों को करीब से महसूस किया है। आज वे अपनी आगामी ई-बुक "Sharp Mind" और ब्लॉग के माध्यम से लोगों को सूक्ष्म आदतों (Micro-Habits) की शक्ति से परिचित करा रहे हैं। उनका मिशन मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सफलता का एक सरल, व्यावहारिक रोडमैप प्रदान करना है। नवीन का मानना है कि छोटी-छोटी आदतें ही जीवन में बड़ा बदलाव लाती हैं।

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