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आप सीख नहीं रहे… आपका दिमाग़ सिर्फ़ नया Excitement ढूँढ रहा है।

Published On: July 7, 2026
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har baar nai shuruaat False progress

अगर आप किसी भी काम या स्किल को कभी पूरा नहीं करते, आपको हर बार कुछ नया दिखाई देते ही आपको लगता है मैं जो अभी कर रहा हूँ ये उतना अच्छा नहीं है तो आप सिख नहीं रहे, आपको डर लग रहा है की आप कहीं फेल ना हो जाओ, आपकी एक्साइटमेंट बार बार इसलिए ख़त्म हो जाती है अपने पुराने काम की क्योंकि आपको हमेशा नया अच्छा लगने लगता है,

क्या आप जानते है ऐसा एक भी इंसान नहीं हुआ है जो अपने किसी काम को करते करते 100% Sure हो की मैं जो काम कर रहा हूँ वो पूरी तरह से ठीक है, अगर आप अभी हर नई चीज़ को देख कर बहुत जोश में आ जाते हो की ये वाला ज़्यादा ठीक है तो इसमें कोई बुराई नहीं है,

कम से कम आपको ये पता तो है की मुझे क्या चाहिए, बस यहाँ आपको थोड़ा समझने की जरूरत है,

Stev Jobs जो ऐपल के को फाउंडर है, उन्होंने कई बार इस बात को कहा है ” अगर आप हर बार किसी नई चीज़ में जब हाथ डालते हो तो आप कभी भी किसी भी एक चीज़ में कभी भी एक्सपर्ट नहीं बन पातें,

यही वजह है जब स्टीव जॉब्स ने दुबारा ऐपल को जॉइन किया तो उन्होंने 95% प्रोडक्ट को बनाने से रोक दिया, उन्होंने कहाँ की हम बस 4 ही चीज़ बनायेंगे जो बहुत बेहतर होगा, और यही वजह है कि ऐपल की ग्रोथ दिनों – दिन बढ़ रही है,

आज 90% लोग बहुत सारे काम करते है, उन्हें लगता है कि वो बहुत प्रोडक्टिव है, जिसकी वजह से कुछ ना कुछ तो चलेगा ही, और इसी की वजह से वो बार बार फेल हो जाते है, उन्हें फिर से शुरू करना पड़ता है,

टॉप 1% में वाले सफल लोग हमेशा 1 काम करते है

क्या आपने कभी सोचा है जो भी आज सफल है आपके नजर में जो आपको दिखाई देते है वो कैसे सफल हुए है, क्योंकि वो कई सालों से बस एक काम को कर रहे है, वो बस एक काम में इतने माहिर हो चुके है की जब भी वो काम करते है उसमे 100% क्वालिटी होती है, इसी वजह से वो बेस्ट कहलाते है और वो सफल है,

आप ऐसे 1 भी इंसान को नहीं जानते होंगे जो बहुत सारी स्किल में माहिर हो, हाँ वो सकता है लेकिन उसकी पहचान अभी आपको बस एक ही जगह पर दिखाई देगी, आप उसे उसी वजह से जानते है,

एक उदाहरण से समझते है, जैसे ही आप किसी का नाम सुनते है, आपको उसकी पहचान यानी उस इंसान को आप कैसे जानते है वो दिखाई दे जाता है –

  • सचिन तेंदुलकर – क्रिकेटर, एक बेहतरीन बल्लेबाज़ के रूप में,
  • विराट कोहली – क्रिकेटर, एक अच्छे बल्लेबाज़ के रूप में
  • MS Dhoni – क्रिकेटर – एक अच्छे फिनिशर, बल्लेबाज़, कीपर और कप्तान के रूप में
  • अमिताभ बच्चन – अभिनेता – एक बहुत अच्छे अभिनेता के रूप में

ये कुछ ही नाम है लेकिन लिस्ट बहुत बड़ी है, सोचिए की इनका नाम लेते समय आपको इनकी क्या कोई दूसरी इमेज सामने दिखाई दी, 99% आप इन्हें इसी फ्रेम में देखते है,

इनमे से एक भी इंसान बहुत कुछ करके इस फेम तक नहीं पहुँचा है, अभिनेता अमिताभ बच्चन, ये क़रीब 50 साल से अभिनय कर रहे है, इसी तरह से बाक़ी लोग बहुत लंबे समय से एक ही काम कर रहे है, क्या कभी इन्हें ऐसा नहीं लगा की मैं जो अभी कर रहा हूँ इससे बेहतर है मैं कुछ और करता,

क्या सचिन तेंदुलकर को कभी ये नहीं लगा की उन्हें अभिनय करना चाहिए, अगर ऐसा होता तो शायद आप उन्हें इस स्थिति में कभी नहीं देख पातें, कोई वो हर कुछ सालों में अपना प्रोफेशन बदलते रहते और इस वजह से कहीं भी नहीं पहुँच पातें,

अब सोचिए,

अगर आप हर 6 महीने पर अपना प्रोफेशन या स्किल बदलने की सोचते है और बदल देते है तो आपको क्या लगता है कि आप एक भी चीज़ में कभी भी माहिर बन पाएंगे, जी नहीं, आप पूरी दुनिया के जितने भी स्किल पर काम कर ले आप कभी भी सफल नहीं हो सकते,

क्योंकि पहचान तब बनती है जब आप अच्छे से बहुत ज़्यादा अच्छे बन जाते है किसी भी स्किल और प्रोफेशन में,

एक काम को नए तरीके से

मैं आपको ये नहीं कह रहा हूँ की आपको नई चीज़ों को नहीं अपनानी चाहिए, लेकिन इसका तरीका अलग होना चाहिए, सोचिए अगर आप आज के समय में अमिताभ बच्चन के नक्से कदम पर चलेंगे तो आपको वहाँ तक पहुँचने में बहुत देर लगेगी, आप उनके गुण के साथ उसे नए तरीक़े से जब करते है तो आपके लिए एक नया रास्ता खुल जाता है,

क्योंकि तब आप किसी की कॉपी नहीं रहते आप एकदम ओरिजिनल होते है,

कई बार मैंने सुना है कि बहुत सारी चीज़ों को करो उसके बाद ही आपको एक चीज़ मिलेगी, जिसमे आप माहिर बन जाओगे, लेकिन मेरे हिसाब से आप जब बहुत सारी चीज़ करते है और ये सोचते है की कोई एक चीज़ मिल जाएगी तो हो सकता है कि आपको कभी आपकी वो चीज़ कभी मिले ही ना,

क्योंकि आप एक लूप में फ़ंश चुके होंगे,

इसलिए आप किसी भी एक चीज़ को पकड़िये और उसे नए तरीक़े से करिए, जब आप कुछ साल यहाँ देंगे तो आपका वही काम आपको पहचान दिलाना शुरू कर देगा,

करीब करीब 2018 से मैं राइटिंग कर रहा हूँ, मैं ये महसूस कर रहा हूँ जब तक किसी भी काम में आप अपना तरीका नहीं जोड़ते है तब तक वो काम किसी ना किसी की कॉपी ही रहती है, और इस स्थिति में आपको ये लगता है की दूसरा काम बहुत अच्छा है,

इसलिए बहुत कुछ करने के बजाये बस एक चीज़ पर समय देने पर वो काम आपका अपना हो जाता है और आपको पहचान दिलाता है !

एक काम पर टिके रहने पर वो कंपाउंड होता है

जब आप एक काम पर टीके रहते हो तब शुरू में आपको बहुत मेहनत करनी होती है, आपको इस जगह पर ही ये लगता है की आप ग़लत काम कर रहे हो सामने वाले का काम ज़्यादा अच्छा और आसान है, जबकि उसका काम भी आपके वाले जितना ही मुश्किल था शुरू में जब उसने स्टार्ट किया था,

कई लोग इसी जगह पर छोड़ देते है, फिर नया काम और फिर नया काम, इसी तरह से वो किसी काम को कभी पूरा करते ही नहीं है,

वही जिन्हें ये बात पता चल जाती है वो एक काम पर टिके रहते है और देखिए तब क्या होता है

  • पहला पड़ाव – शुरू में उन्हें बहुत मेहनत करनी होती है क्योंकि आपने अभी अभी शुरू किया है
  • दूसरा पड़ाव – अगर टीके रहे तो अब आपको समझ में आने लगता है कि क्या काम नहीं करता है क्या बदलने की जरूरत है
  • तीसरा पड़ाव – अब आपको एक दिशा मिल जाती है, इस समय आपको रिजल्ट दिखना शुरू हो जाता है अपने काम में
  • चौथा पड़ाव – आप एकदम स्टिक निर्णय और एक्शन लेने लगते हो, और तब थोड़ा भी काम करने पद आपको उसका रिजल्ट बड़ा मिलने लगता है,
  • पांचवा पड़ाव – आपके काम का कई गुना रिजल्ट मिलने लगता है

इसी पड़ाव से हर सफल इंसान गुज़रता है, और तब जाकर उस इंसान की पहचान बनती है, ऐसा एक भी इंसान नहीं हुआ है हिस्ट्री में जिसे इन पड़ाव से नहीं गुज़रना पड़ा हो, चाहे कितना भी परफेक्ट प्लान क्यों ना हो उस इंसान के पास,

Conclusion

ध्यान रखिए, अगर आपको हर नई चीज़ देखने के बाद अपना वाला बेकार लगता है तो आपका हारना तय है, क्योंकि आप कभी भी कुछ कर ही नई पाएंगे, हाँ हो सकता है कि आपको इस बार एक बहुत अच्छी ऑपर्च्युनिटी मिल गई हो, लेकिन क्योंकि आप किसी भी काम को पूरा नहीं करते तो इस बार भी आप उसे पूरा नहीं कर पाएंगे, इसी वजह से आप हर बार फेल हो जाएँगे,

आप चाहे कितना भी परफेक्ट प्लान क्यों ना बना लें जब तक उसे अंत तक करेंगे नहीं आप कभी भी सफल नहीं होंगे, इसलिए नया और परफेक्ट प्लान ढूंढने के बजाये किसी भी एक काम को पूरा करने की आदत डालिये, आप परफेक्ट जरूर बन जाएँगे,

उम्मीद है इस आर्टिकल से आपको एक नई दिशा मिलेगी, कोई प्रश्न या सुझाव हो तो कृपया जरूर कमेंट में लिखिए, आपके क़ीमती समय के लिए धन्यवाद !!

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Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?

Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.

Naveen Pandey

लेखक परिचय: नवीन पांडे 18 वर्षों के लेखन अनुभव और 5000 से अधिक लेखों के साथ, नवीन पांडे एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर और 'माइंड दर्पण' के संस्थापक हैं। संघर्ष से सफलता तक के अपने सफर में उन्होंने डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी चुनौतियों को करीब से महसूस किया है। आज वे अपनी आगामी ई-बुक "Sharp Mind" और ब्लॉग के माध्यम से लोगों को सूक्ष्म आदतों (Micro-Habits) की शक्ति से परिचित करा रहे हैं। उनका मिशन मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सफलता का एक सरल, व्यावहारिक रोडमैप प्रदान करना है। नवीन का मानना है कि छोटी-छोटी आदतें ही जीवन में बड़ा बदलाव लाती हैं।

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