3 Simple Rules to Know What You Actually Need : आज पूरे दिन आप व्यस्त थे। आपका पूरा काम आपने बहुत ही सिद्धांत और ईमानदारी से किया है, जिसका इनाम तो मिलना तय है। लेकिन क्या अगली सुबह इसका रिजल्ट आपको मिला? जी नहीं, और मिलना भी नहीं चाहिए।
क्योंकि जो मेहनत आपने कल की थी, उसने किसी के जीवन में बहुत ही कम मात्रा में असर छोड़ा था। लेकिन आपने उम्मीद यह बना ली थी कि आज मेहनत करनी है, तो बहुत कुछ नहीं लेकिन कुछ-न-कुछ तो मिल ही जाएगा।
जब आज आपको अपनी उम्मीद का 1% भी नहीं मिला, तो उसका नतीजा क्या निकला? अब आपको अपने इस Goal के लिए, जो आज आपने किया है, उससे विश्वास छूटता हुआ दिखाई देने लगा।
दिमाग़ में Confusion है कि अब करें तो क्या करें। सामने कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा। किसी भी तरह का Pressure होने की वजह से अब यह भी महसूस हो रहा है कि जल्दी से कुछ मिल जाए, ताकि जीवन में कुछ तो सही हो।
अब जादू का पिटारा यानी आपका स्मार्टफोन आपने निकाला। अलग-अलग Social Media के ऊपर आपने यह वीडियो सर्च करना शुरू कर दिया कि क्या कोई ऐसा काम है जिससे जल्दी-से-जल्दी सफलता मिल जाए।
इसके बाद Algorithm को समझ में आ गया कि आप आखिर चाहते क्या हैं। बहुत सारे वीडियोज़ आपको दिखाई देने लगे। आपने बस किसी एक वीडियो को Random देखा और आप शुरू हो गए।
आपको लगा कि वाह! अब तो कल से सब कुछ ठीक हो जाएगा। क्योंकि अभी-अभी जो वीडियो आपने देखी है, उसका ऐसा कहना है कि आपको जो अभी चाहिए, वह पहले ही उसे Achieve कर चुका है और उसने अपना Method भी वहाँ बताया है।
अब Proof भी आपके सामने था। आपने उसे Copy करना शुरू किया—एक दिन, दो दिन, फिर एक हफ़्ता। आपने उस वीडियो में बताए गए एक्शन्स को कॉपी किया।
परिणाम क्या निकला? फिर से आप जीरो पर हैं। आपका विश्वास फिर से टूटा। अब इस बार Algorithm बस वीडियोज़ ही नहीं, बल्कि Ads भी दिखा रहा है जो पहले से और ज़्यादा Realistic और Polished हैं।
आप फिर से वही कर रहे हैं, फिर से हार रहे हैं। फिर नई जानकारी मिलती है, फिर से आपका उसे कॉपी करना शुरू होता है और अगले कुछ दिनों बाद फिर से हार मिलती है। आपने अलग-अलग दिशाओं में बहुत सारे एक्शन्स लिए।
लेकिन रुकिए! क्या आपको अब भी नहीं लगता कि दिक्कत उन वीडियोज़ की नहीं है, बल्कि Problem आपके समझने में है? आप Quick Rich Scheme के पीछे भाग रहे हैं।
सच बताऊँ तो ऐसा कुछ बना ही नहीं है। अगर आपको वाकई में एक ऐसी सफलता चाहिए जो आपको Mentally Peace दे और लंबे समय तक आपका हिस्सा बनी रहे, तो आपको उसके लिए कई घंटे, महीने और साल देने होंगे।
देखिए बात सीधी है; अगर आपको सफल होना है तो आपको Value Add करनी होगी इस Society में। हाँ, यह बात तब अलग होगी जब आप किसी और दुनिया में रहते हों।
लेकिन अगर आपको इस दुनिया में सफल होना है, तो आपको इस दुनिया को Value देनी होगी। इस तरह से आपकी एक Image क्रिएट होगी और उसकी वजह से आपको वह सब मिलेगा जो आपको चाहिए।
अगर आपको अपने जीवन में सही दिशा चाहिए, तो पहले आपको यह समझना होगा कि आप सही दिशा पर हैं या नहीं, या अपनी दिशा को आपको कैसे चुनना चाहिए।
तो ये 3 Simple Rules अपने Life में उतार लीजिए जो आपको दिखाएंगे कि Actually में आपको करना क्या है। यानी More Clarity, Fast Achievement.
आप चाहे किसी भी उम्र में हों, या चाहे आप किसी भी प्रोफेशन में हों, आपको पहले यह जानना होगा कि Actually क्या आपके लिए काम करेगा और क्या नहीं।
1. There Is No Get-Rich-Quick Scheme
सबसे पहले तो आपको यह समझना ज़रूरी है कि ऐसा कोई सीक्रेट किसी के पास है ही नहीं जो आपको किसी भी तरह से जल्दी सफल बना दे।
हाँ, यह ज़रूर है कि आप थोड़े Smart Moves लेकर अपनी इस Journey को थोड़ा छोटा कर सकते हैं। लेकिन अगर आप अभी पहले Stage पर भी नहीं हैं, तो आपके लिए स्मार्ट स्ट्रेटेजी कहीं नहीं है।
ध्यान रखिए, अगर आप अपने जीवन में कुछ भी शुरुआत कर रहे हैं—चाहे पढ़ाई हो, चाहे बिज़नेस हो या चाहे कुछ और। कहीं भी आपको कोई यह कहता दिखाई दे जाए कि बस इसे खरीदिए और इतने दिन में आपको वह मिल जाएगा जो आपको चाहिए; यानी कोई भी एक Guaranteed Date और Time बताए, तो वहाँ से जल्दी से भाग लीजिए।
जी हाँ, भाग लीजिए और पीछे मुड़कर मत देखिएगा। ऐसा मैं क्यों कह रहा हूँ, इसे समझिए। जैसे ही बात Guarantee पर आ जाती है, तो वह सब कुछ निश्चित सा लगने लगता है।
मुझे लगता है कि इंसान के बस की बात नहीं है कुछ भी Guaranteed करना। जो भी आपको Guarantee दे रहा है ना, उसे बस अपना वह प्रोडक्ट बेचना है। उसे आपके Emotions से कुछ भी लेना-देना नहीं है।
आप चाहे कुछ भी करें, आपको शुरू में बहुत कम रिजल्ट मिलता है। जैसे-जैसे समय बीतता है, आपकी मेहनत और आपकी Knowledge, सब कुछ Compound होने लगती है। तब जाकर आपको कुछ मिलता है।
2. Identify Your Strengths First
आज हम किसी भी Information को बहुत Deeply समझ पाते हैं। यहाँ तक कि यह भी जान पाते हैं कि अभी जो आप सोच रहे हैं, वह सही भी है या नहीं।
लेकिन हमारे बुज़ुर्गों के पास यह सब कुछ नहीं था। उनके कहे हुए वे शब्द आपको याद होंगे; वे कहते थे कि वह काम करो जिसमें तुम माहिर हो।
लेकिन आज हम ज़्यादातर वह करते हैं जो हमें स्क्रीन पर दिखाई देता है, क्योंकि हमारे चारों तरफ़ कुछ-न-कुछ चल रहा होता है। अब यह भी गलत नहीं है, बस हमें यह समझ नहीं आता कि वह क्या है जिसमें मैं माहिर हूँ। मैं ऐसा क्या कर सकता हूँ जो मुझे बहुत अच्छे से आता है?
दुनिया के हर इंसान के अंदर एक खूबी होती है, यह कोई फ़िल्मी बात नहीं है। आप अपने आसपास देखिए; जिस काम को आप महीने लगाकर करते हैं, कोई और उसे कुछ दिन या घंटों में कर देता है।
वहीं दूसरा इंसान जिस काम को करके बार-बार Fail होता है, आप उस काम को बस कुछ मिनटों में निपटा देते हैं। यह सब कुछ Process का खेल है।
आपका दिमाग़ किसी जादुई पिटारे से कम नहीं है, यह तब भी काम करता है जब आप सो रहे होते हैं। कई बार आपने Notice किया होगा कि जो आपको पिछली रात तक बहुत सही लगता था कि यह तो कमाल का Idea है या कमाल की चीज़ है; जैसे ही आप सोकर उठते हैं, वह पिछली रात वाला Confirmation अब थोड़ा Confusion बन जाता है। लगता है कि यह उतना भी अच्छा नहीं है।
इसलिए आपको सब कुछ नहीं करना है। आपको वह करना है जिसमें आप माहिर हैं। आपको बस उसे ढूँढना है और उसे आज के समय के साथ Align करना है। यह देखना है कि उस Skill को आज के समय में कैसे Fit किया जाए; बस आपका काम बन जाएगा।
3. Your Empty Stomach Is Your Enemy
ध्यान रखिए, हम इंसान हैं कोई रोबोट नहीं। यहाँ तक कि मशीन को भी एक समय के बाद कमांड्स फॉलो करने के लिए चार्ज करना पड़ता है।
इसी तरह हम इंसान भी सही एक्शन तब लेते हैं जब हमारा पेट भरा हुआ होता है। आज आप जो भी यहाँ पढ़ रहे हैं, यह सब तभी काम करता है जब आपका पेट भरा हुआ हो।
अगर आपको कुछ करना है और सफल होना है, तो उससे पहले आपकी पहली Priority है—अपने रहने और खाने को व्यवस्थित करना। क्योंकि आप किसी भी Rule को तभी Follow कर पाएँगे जब आपका पेट भरा हुआ होगा।
अब यहाँ आपको किसी भी Goal को Set करने से पहले अपनी स्थिति को देखना होगा कि आपको अभी क्या करना है। दूसरों के वीडियोज़ देखने के बाद आपका पैदल चलने का मन नहीं करता।
आपको भी स्पोर्ट्स बाइक और कार चाहिए। आप तब तक नहीं चलेंगे जब तक कि आपको यह सब मिल नहीं जाता; तो सच कहूँ, आपको सब कुछ छोड़कर पहले अपनी स्थिति को समझना होगा।
अपनी स्थिति को Accept करिए और गर्व करिए, यह कोई शर्मिंदा होने वाली बात नहीं है। पहले आपको अपनी स्थिति को ठीक करना होगा, उसके बाद ही आप आगे Luxury या सफलता के पीछे भाग सकते हैं।
Conclusion
भीड़ का हिस्सा मत बनिए। औरों को जो चाहिए, ज़रूरी नहीं कि आपको भी वही चाहिए। आपको खुद देखना होगा कि आपको अभी क्या चाहिए; बस खुद को इतना Intelligent बनाइए, आपका काम बन जाएगा।
आपको कुछ भी अलग नहीं करना है, बस कुछ भी करने से पहले यह जानना है कि यह जो आप कर रहे हैं, क्या यह वाकई आपके लिए सही है या नहीं है।
अगर सही है तो बस करिए। किसी भी काम को शुरू करने से पहले उसके सभी Negative और Positive sides को लिखें और उसका उत्तर भी।
फिर से पढ़िए और समझिए कि क्या वाकई में आपके लिए यह रास्ता है या नहीं है। अगर उसमें कुछ भी सच्चाई दिखती है तो आप उस पर चल सकते हैं; अगर नहीं, तो छोड़िए, कोई ज़बरदस्ती नहीं है, कुछ और करिए। लेकिन वह करिए जिसे आप औरों के मुक़ाबले अच्छा कर रहे हों।
उम्मीद है कि आपका आने वाला कल आज के मुक़ाबले बेहतर होगा। कोई प्रश्न है तो पूछ लीजिए। आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद। आपका दिन शुभ रहे।
Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?
Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.









