Master Your Desired Action : क्या आप भी अभी वह कर रहे हैं जो अभी कुछ ही देर पहले आपके दिमाग़ में आया है? क्योंकि हममें से 99% लोग वही Action ले रहे होते हैं जो अभी-अभी उनके मन में आया है, और अभी जो मन में आया है वह अपने आसपास की Activity से Influence होने के बाद ही आया है, जिस पर हम action ले रहे हैं।
एक बच्चा बस वही करता है जो अपने आसपास के लोगों को करते देखता है; उसके लिए कुछ सही और गलत नहीं है। उसका दिमाग़ बस उसे नक़ल करता है जो उसके आसपास हो रहा होता है।
हमारा मन भी कुछ इसी तरह से action लेता है, और हममें से ज़्यादातर लोग बिना इसे गहराई से absorb किए action लेने लगते हैं, क्योंकि देखने में इसमें कोई गलती नज़र नहीं आती है।
लेकिन ज़रा सोचिए, आप तत्काल अभी अपने मन में आए thought को बिना सोचे action में ला रहे हैं, क्या यह वाकई आपके लिए अच्छा है? यह तब होता है जब आपने अपने लिए कोई Goal Set नहीं किया है। आपको अपने जीवन से क्या चाहिए, इसके बारे में आपको कुछ Idea नहीं है।
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ऐसा नहीं है कि आपको क्या चाहिए यह आपको नहीं पता है, बस आपको यह नहीं पता है कि यहाँ तक जाने के लिए आपको क्या करना है। हम लगभग सभी लोग यही सोचते हैं कि जो नसीब में होगा वह मिल ही जाएगा, और हम अपने जीवन-यापन में व्यस्त हो जाते हैं।
एक मज़दूर बस आज के लिए सोचता है कि आज का खाना कैसे पूरा हो जाए। जैसे ही आज के गुज़ारे का इंतज़ाम हुआ, वह उस दिन Relax हो जाता है। वह कल के लिए नहीं सोचता, वह बस आज के लिए सोचता है। यह गणित मेरे हिसाब से पूरी तरह से ठीक नहीं है।
क्योंकि इस स्थिति में अगले दिन अगर इंतज़ाम न हो पाए, तो खाना भी नसीब नहीं होता। लेकिन हाँ, अगर यहाँ Mindset ठीक हो जाए और एक Vision आ जाए, तो वह मज़दूर अब कल के लिए भी आज ही सोचना शुरू कर देगा। इससे वह दूर तक देख पाएगा और Goal Set करने में Clarity मिलेगी।
इससे कल के लिए action भी आज ही लेना शुरू हो जाएगा। यह वह गणित है जो कभी Fail नहीं होता। हाँ, सुकून ज़रूरी है, लेकिन कब ज़रूरी है? जब आपके पास पर्याप्त साधन हों।
मैंने ऐसे लोगों को भी देखा है जो पूरे हफ़्ते आराम करने के बाद भी Sunday को आराम करते हैं। उनके हिसाब से Sunday को सभी आराम करते हैं, तो इस दिन तो आराम करना बनता ही है। लेकिन क्या यह वाकई सही है? आप खुद सोचिए।
हमारे मन में हमेशा कुछ न कुछ चलता ही रहता है, और यह सब कुछ वही चलता है जो हम अनुभव करते हैं—चाहे वह सोचने से हो या फिर action से।
अब इस स्थिति में एक इंसान ऐसा है जिसने एक Goal Set किया है और उसके लिए वह Daily Action लेता है। उसे पता है कि अगले घंटे में मुझे क्या करना है। तो इस स्थिति में क्या वह अपने दिमाग़ में आए random thoughts पर action लेगा या जो पहले से Pre-Planned है, उस पर एक्शन लेगा?
जी हाँ, यह इंसान अपने Goal को देखते हुए पहले से जो Planned है, उस पर action लेगा और साथ में उसे सुधारता भी जाएगा कि इसे और बेहतर कैसे किया जाए। हाँ, बेशक अभी आए Thought को वह कहीं लिखेगा ज़रूर। इस action से एक सफल इंसान का Thought भी उसके Goal के लिए Align हो जाता है।
क्योंकि उसे पता चल गया है कि उसके लिए अभी क्या ज़रूरी है। वह बस random thoughts पर action नहीं लेगा, क्योंकि उसे पता है कि इस पर action लेने से सिर्फ समय की बर्बादी होगी।
मैंने अपने कई दोस्तों या जानने वालों को यह कहते सुना है कि “आज मूड नहीं है”। इसका मतलब साफ़ है कि कोई Aim/Goal नहीं है, जिसके लिए आज एक्शन लिया जाए। सोचिए, ऐसी स्थिति में हमारा दिमाग़ हर समय तुरंत सफलता के बारे में सोचेगा और बार-बार Demotivate भी हो जाएगा।
क्योंकि उसे यह नहीं पता कि सफलता मिलने में कितना समय लगेगा। इस Time Stamp के न होने की वजह से Vision Blurry हो जाता है। याद रखें, अगर आपको अपना Vision साफ़ नहीं दिखाई देगा, तो आप हमेशा ही भटक जाएँगे। आप बहुत सारे काम करेंगे बेशक, पूरे दिन Busy भी होंगे, लेकिन actual में आपको जो चाहिए, वह आपको कभी नहीं मिलेगा।
एक Writer के तौर पर, मैं पूरे दिन में करीब 7000 से 10000 शब्द लिखता हूँ—करीब 3 से 4 घंटों में। ऐसा इसलिए है क्योंकि मैं कई सालों से रोज़ाना लिख रहा हूँ। लेकिन अगर यह किसी Newbie को करना हो, तो वह अगले 50 से 100 शब्दों में ही ऊब जाएगा और बोर हो जाएगा कि इसे कैसे करूँ।
एक writer अपने book के AIM यानी Goal को याद रखता है, रोज़ाना लिखता है और एक दिन Book को Complete कर लेता है। वह इसलिए हो पाता है क्योंकि वह अपने action को समझता है और एक Complex Schedule को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँट कर रोज़ाना उसे पूरा करता है।
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अगर आपको अपना AIM पता है, तो आप अपने random thought पर action कम-से-कम लेंगे। आपके action, जो आप daily लेते हैं, वे सटीक हो जाएँगे; और यही चाहिए। आपको पता है अब कि आपको क्या करना है और क्या नहीं।
अब आप बहुत आसानी से देख सकते हैं कि आपको अपने Goal के लिए क्या एक्शन लेने की ज़रूरत है। यहीं से आप अपने Goal की तरफ़ daily बढ़ने लगते हैं।
Conclusion : मेरी राय में
ध्यान रखें, अगर आपके पास कोई सटीक प्लान नहीं है और आप अभी तुरंत सोचकर बस निकल पड़ते हैं उसे पूरा करने, तो आप उस action के कई aspects को नहीं देख रहे हैं। और जब आप बस सीधा देखते हैं, तो आप वही करते हैं जो बाक़ी के सभी कर रहे हैं; तो मिलने वाला result भी वही होगा जो बाकियों को मिल रहा है।
क्योंकि आपने अपना Important Time बिना वजह के काम करने में Waste कर दिया। सफलता चाहिए तो अपना ज़रूरी समय और energy ऐसे काम में लगाइए जो आपके लिए वाकई ज़रूरी हो, न कि बस कुछ भी करने निकल जाइए।
उम्मीद है इससे आपको अपने समय की importance समझ में आ गई होगी। कोई प्रश्न है तो अभी comment में पूछें। आपके कीमती समय के लिए दिल से धन्यवाद। आपका दिन हमेशा शुभ रहे।
Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?
Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.









