Good learner think well : अगर आप अपने लक्ष्य (Goal) में बार-बार असफल हो रहे हैं, तो रुककर गौर कीजिए—कहीं ऐसा तो नहीं कि आप सीखना कम और पुराने घिसे-पिटे तरीकों को आज़माना ज़्यादा कर रहे हैं? जो तरीका कल काम करता था, ज़रूरी नहीं कि वह आज भी कारगर हो। आज की सफलता के लिए आपको आज के दौर के हुनर सीखने होंगे।
सच तो यह है कि एक ‘लगातार सीखने वाला’ इंसान ही सही दिशा में सोच पाता है। हम हर पल कुछ न कुछ सीख रहे होते हैं—चाहे वह अच्छा हो या बुरा। और इसमें हमारे आस-पास के माहौल का सबसे बड़ा हाथ होता है। मैंने कहीं पढ़ा था कि ‘आप मानसिक रूप से उन्हीं 5 लोगों का औसत (Average) बनते हैं, जिनके साथ आप अपना सबसे ज़्यादा समय बिताते हैं।’
आप अपने आस-पास के लोगों से प्रभावित होते हैं और अनजाने में उन्हीं की आदतों को अपना लेते हैं। अगर आपके एक्शन अभी फेल हो रहे हैं, तो समझ जाइए कि आपको अपने लक्ष्य के हिसाब से अपनी जानकारी (Knowledge) को अपडेट करना होगा। एक्शन लेते हुए यह सीखें कि ‘अब’ आपके गोल के लिए क्या काम करता है।
Good learner think well
हम में से 99% लोगों को लगता है कि हमारी जानकारी (Knowledge) काफी है और हमें सब कुछ पता है, लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उलट होती है। सफल लोग कभी यह नहीं मानते कि वे सब जानते हैं; वे अपने आसपास हर किसी से सीखते हैं। वे किसी को गलत या सही ठहराने में समय बर्बाद नहीं करते और न ही किसी को जज (Judge) करते हैं। वे बस जानकारी लेते हैं और अपने दिमाग में उसका ‘मंथन’ करते हैं कि क्या यह वाकई सही है,
अगर वह बात सही है, तो वे उसे तुरंत अपने एक्शन (Action) में ले आते हैं, और अगर नहीं, तो उसे दिमाग से निकाल देते हैं। वे यह सब बहुत शांति (Silently) से करते हैं। वे पूरी दुनिया को अपने मकसद के लिए एक ‘किताब’ की तरह इस्तेमाल करते हैं। वहीं दूसरी तरफ, आम लोग सुनते कम हैं और बिना पूरी जानकारी के दूसरों को सिखाने (Gyaan देने) में ज़्यादा लगे रहते हैं।
मैंने कई ऐसे अनुभवी डॉक्टर्स देखे हैं जो मरीज को बिना छुए उसकी समस्या बता देते हैं—बिल्कुल वैसे ही जैसे सालों पहले हमारी दादी-नानी करती थीं। उस दौर के लोग गहराई से सुनते और सीखते थे, जिससे उनका आंतरिक अनुभव मज़बूत होता था। अगर आपका माइंडसेट ‘सीखने’ का है, तो आप छोटे से छोटे एक्शन से भी सबक ले सकते हैं। इसके लिए सिखाने वाले का एक्सपर्ट होना ज़रूरी नहीं है, एक जिज्ञासु इंसान हर किसी से कुछ न कुछ सीख ही लेता है। अगर आपको सफल होना है, तो बस सीखना मत छोड़िए।
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The Compound Effect of Knowledge
आपको क्या लगता है कि एक सफल और असफल इंसान में सबसे बड़ा अंतर क्या है? बहुत सारे कारणों में से एक मुख्य अंतर यह है कि सफल लोग अपनी जानकारी (Knowledge) को बढ़ाने पर लगातार ध्यान देते हैं। वहीं, असफल इंसान को लगता है कि ‘मुझे सब पता है’। वह एक ही तरह का एक्शन बार-बार लेता है और उम्मीद करता है कि नतीजा (Result) अलग आएगा—जो कि नामुमकिन है।
सफल लोग हमेशा सीखते रहते हैं, वे अलग-अलग माध्यमों से जानकारी जुटाते हैं और फिर अपने लिए एक सही रास्ता बनाते हैं। उस रास्ते पर लगातार चलते हुए वे अपने लक्ष्य (Goal) को हासिल कर लेते हैं। अगर आप भी डेली कुछ नया सीखना शुरू करते हैं, तो रोज़ की यह थोड़ी-सी मेहनत एक दिन आपको आपके लक्ष्य का मास्टर बना देगी। तब आपके एक्शन (Action) एकदम सटीक और सही दिशा में होंगे,
Critical Thinking vs. Information Overload
आज हम हर तरफ से जानकारी के ढेर से घिरे हुए हैं, लेकिन कड़वा सच यह है कि इसमें से 99.99% जानकारी हमारे किसी काम की नहीं है। हम घंटों स्मार्टफोन स्क्रॉल (Scroll) करने में बिता देते हैं, पर दिन के अंत में हमारे हाथ खाली होते हैं। यह एक ऐसा खतरनाक चक्र (Cycle) है जो रोज़ चलता है—जानकारी तो बहुत है, पर काम की एक भी नहीं।
लेकिन, अगर आप सिर्फ़ वही जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं जो आपके लक्ष्य (Goal) के लिए ज़रूरी है, तो वह आपकी असली ताकत बनती है। जब जीवन में आपको कोई बड़ा और गंभीर निर्णय लेना होता है, तब यही सही जानकारी आपको सही दिशा दिखाती है। अगर आप असफल (Fail) हो रहे हैं, तो आप अपनी क्रिटिकल थिंकिंग (Critical Thinking) का इस्तेमाल करके अपना रास्ता बदलते हैं और हर बार कुछ नया प्रयास करते हैं। बिना सोचे-समझे जानकारी जुटाना सिर्फ़ समय की बर्बादी है, जबकि सोच-समझकर जुटाया गया ज्ञान ही आपको जीत दिलाता है
The Competitive Edge
अगर आप सीखने का mindset है तो आप हमेशा नया सीखते है, आपके पुराने तरीक़े जो अब काम नहीं करते लेकिन जब आप उसी तरीक़े का upgrade Version सीखते है तो आप औरो के मुक़ाबले उसे जल्दी और अच्छे से सीखते है, क्योंकि आपको उसका Out dated version पता है,
सोचिए की आपकी पहली बार चलने से पहले आपने driving सीखी तो क्या आप अपनी हर नई कार के लिए फिर से driving सीखते है नहीं, आप इस बार ख़ुद को नए अनुभव और जानकारी के साथ Upgrade करते है, देखिए नई जानकारी का Core part कभी नहीं बदलता है, आज इस तेजी से बदलते जमाने में अगर आप नई चीज़ों और जानकारी को नहीं अपनाते तो आप शायद ही कभी Goal तक पहुचेगे इस जमाने में,
Error-Correction Loop
आप कहीं भी और कुछ भी सीखें, सिखाने वाला आपको हमेशा अपने अनूठे अनुभवों (Experience) से सिखाता है। सिलेबस से हटकर, एक गुरु आपको यह सबसे बड़ी बात सिखा देता है कि ‘कौन से एक्शन (Action) नहीं लेने चाहिए।’ जब आपको यह पता चल जाता है कि क्या काम नहीं करता, तो आप उस गलत रास्ते को छोड़कर तुरंत अपने लक्ष्य (Goal) के लिए कुछ नया और सही सीख सकते हैं।
इसका मतलब है कि आपका कीमती समय बर्बाद नहीं हुआ; आपने दूसरों की गलतियों से सबक ले लिया। आपको खुद बार-बार फेल होकर यह सीखने की ज़रूरत नहीं है कि ‘इस बार क्या गलत हुआ।’ अब आप सीधे नए और बेहतर एक्शन ले सकते हैं। लेकिन यह सब तभी मुमकिन है जब आप ‘नया सीखने’ (Learning) के लिए तैयार हों। अगर आप नया सीखेंगे ही नहीं, तो आप पुराने ढर्रे से बाहर निकलकर नए एक्शन कैसे ले पाएंगे?,
The Mindset of a Mental Alchemist
दुनिया में आज तक जो भी सफल हुए हैं, उनके पास कोई ऐसी जादुई जानकारी या आईडिया नहीं था जो बाकियों के पास न हो। उनकी सफलता का राज था—मंथन (Deep Thinking)। उन्होंने एक ही लक्ष्य (Goal) को पकड़ा और उससे जुड़ी तमाम जानकारियों को आपस में जोड़कर एक समाधान निकाला। ज़रा Zomato के बारे में सोचिए। खाना डिलीवर करना कोई बहुत ‘यूनिक’ आईडिया नहीं था, लेकिन उस समय किसी के पास ऐसा प्लेटफॉर्म नहीं था जो भरोसेमंद हो।
रेस्टोरेंट्स के लिए डिलीवरी करना एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी और सिरदर्द था। ज़ोमैटो ने बस इसी गैप (Gap) को पकड़ा और कस्टमर व बिज़नेस के बीच के फासले को खत्म कर दिया। धीरे-धीरे सुधार (Improvement) करते-करते आज यह हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है।
आज की भागदौड़ में हम निश्चिंत रहते हैं कि कुछ ही मिनटों में खाना हमारे पास होगा। यह सब एक साधारण आईडिया पर गहन मंथन और लगातार एक्शन से मुमकिन हुआ। अब अगर किसी को ज़ोमैटो से आगे निकलना है, तो उसे कुछ नया इन्वेंट (Invent) करने के बजाय उस बारीक कमी या गैप को पकड़ना होगा जिसे कोई और नहीं देख पा रहा। बिना उस गैप को पकड़े, कोई भी बिज़नेस टिक नहीं पाएगा
Strategic Silence
एक सच्चा सीखने वाला इंसान हमेशा उन बारीकियों को पकड़ लेता है, जिन्हें आम लोग देख भी नहीं पाते। जब वह अपनी जानकारी को तर्क और अनुभव (Knowledge) की कसौटी पर कसता है, तब उसे वह ‘असली सीख’ मिलती है जो उम्र भर किसी भी कठिन परिस्थिति (Critical Situation) में उसके काम आती है। याद रखिये, हमारा दिमाग सिर्फ़ जानकारी को स्टोर (Store) करने के लिए नहीं, बल्कि सही समय पर सही निर्णय (Decision) लेने के लिए बना है।
यह ठीक वैसा ही है जैसे आपने अपने घर में हज़ारों किताबें सजा रखी हों, लेकिन उन्हें कभी पढ़ा न हो। ऐसी जानकारी किसी काम की नहीं होती। जब आप किसी नई चीज़ को सीखते हैं और उसे गहराई से एनालाइज़ (Analyze) करते हैं, तभी वह जानकारी आपके लिए काम की बनती है। और यह तभी मुमकिन है, जब आप हमेशा ‘लर्निंग मोड’ में रहें और कुछ नया सीखने के लिए तैयार रहें।,
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Conclusion : मेरी राय में
अगर आप जीवन में सफल होना चाहते हैं, तो रास्ते में हज़ारों रुकावटें आ सकती हैं, लेकिन ज्ञान (Knowledge) हासिल करने से आपको कोई नहीं रोक सकता। और याद रखिये, जब आपके पास सही जानकारी होगी, तो आपको सफल होने से भी कोई नहीं रोक पाएगा। यह सच है कि ‘पैसा पैसे को खींचता है’, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि एक गरीब इंसान अमीर नहीं बन सकता.
अगर हम अपनी जानकारी को लगातार सुधारने (Improve करने) में सही एक्शन (Action) लें, तो एक दिन सफलता हमारे कदम चूमेगी। सही ज्ञान का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर आप एक बार फेल भी हो गए, तो आप ‘अगले एक्शन’ के लिए तैयार रहते हैं। वहीं, एक असफल इंसान की जानकारी सीमित होती है; अगर वह अपने एक काम में फेल हो जाए, तो वह रुक जाता है क्योंकि उसे नहीं पता कि अब आगे क्या करना है।
उम्मीद है यह जानकारी आपके जीवन की दिशा बदल देगी। यदि आपका कोई भी प्रश्न है, तो अभी कमेंट में पूछें। अपना कीमती समय देने के लिए हृदय से धन्यवाद। आपका दिन हमेशा शुभ और सफल रहे
Ye post kaam ka laga? Inme se aapki problem kaunsi hai?
Har ebook ek problem ka seedha hal hai. Jo baat aap par fit baithe, use kholiye.









